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साक्ष्य मिले नहीं, बच गए साइबर अपराधी, तीन साल में कीं 421 गिरफ्तारियां 33 पर ही सिद्ध हो सका आरोप

Tue, 05 Jan 2021 01:41 AM IST
शिखा पांडेय प्रशांत द्विवेदी, अमर उजाला, कानपुर
प्रशांत द्विवेदी, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Tue, 05 Jan 2021 01:41 AM IST
सार

- 421 गिरफ्तारियां शहर पुलिस में तीन साल में कीं
- 33 पर ही फास्ट ट्रैक कोर्ट में सिद्ध हो सका आरोप
- एनसीआरबी की रिपोर्ट से हुआ खुलासा

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No evidence found, cyber criminals survived
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

साइबर अपराधियों पर लगाम लगाने की तमाम कोशिशें नाकाफी साबित हो रही हैं। पुलिस से तकनीक में आगे शातिर नये-नये तरीकों से लोगों को चपत लगा रहे हैं। इन तक पहुंचने के बाद भी पुलिस साक्ष्यों के अभाव में सजा नहीं दिला पा रही है।
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एनसीआरबी (नेशनल क्राइम रिकार्ड ब्यूरो) की रिपोर्ट के मुताबिक तीन सालों में सिर्फ आठ फीसदी साइबर अपराधियों के खिलाफ ही पुलिस कोर्ट में साक्ष्य उपलब्ध कराकर सजा दिलाने में कामयाब हो पाई है। रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2017 से 19 के बीच साइबर अपराध के मामलों में शहर की पुलिस ने 421 शातिरों को गिरफ्तार किया। फास्ट ट्रैक कोर्ट में सिर्फ 33 पर ही आरोप सिद्ध हो पाए। साक्ष्य के अभाव में 388 आरोपी रिहा हो गए।
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यहां भी पुलिस मात खा गई
साइबर अपराध के मामलों में टॉप 19 में शामिल मुंबई पुलिस ने तीन सालों में 1764 शातिरों को पकड़ा। सजा सिर्फ 14 को ही मिल पाई। बंगलूरू पुलिस 673 में सात व हैदराबाद पुलिस 581 में सात अपराधियों को सजा दिलाने में कामयाब हुई।
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छूट गए 7512 साइबर अपराधी
रिपोर्ट के अनुसार तीन सालों में देश भर के बड़े शहरों से 7594 साइबर अपराधी लोगों को चूना लगाने के आरोप में गिरफ्तार किए गए। इसमें से कोर्ट में 82 लोगों पर अपराध सिद्ध हो सका। 7512 आरोपी साक्ष्यों के अभाव में छूट गए।


जागरूकता, सतर्कता से ही बचाव
साइबर एक्सपर्ट परमेंद्र त्रिपाठी के मुताबिक शातिरों के झांसों में आकर कई बार लोग खुद ही उनके बताए खातों में रुपये ट्रांसफर कर देते हैं। इसके अलावा दर्जनों सॉफ्टवेयर और एप हैं, जिनकी मदद से किसी का भी फोन हैक किया जा सकता है। जागरूकता और सतर्कता बरत कर ही शिकार बनने से बच सकते हैं। आरबीआई की नई गाइडलाइन के अनुसार यदि कोई पीड़ित तीन दिनों के भीतर पुलिस से शिकायत करता है, तो उसकी मेहनत की कमाई वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है।

तीन सालों में हुई गिरफ्तारियां
शहर      2017       2018       2019       कुल
कानपुर     86           86         249        421

तीन सालों में इतनों पर आरोप सिद्ध
शहर       2017       2018       2019      कुल
कानपुर      09          09          15         33
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