राज्यसभा चुनाव को लेकर सरगर्मी अपने चरम पर है। बुधवार को समाजवादी पार्टी की डिनर पार्टी चर्चा का कारण बन गई। हाल ही में समाजवादी पार्टी को छोड़ भगवाधारी हुए नरेश अग्रवाल के बेटे नितिन अग्रवाल ने डिनर का हिस्सा न होकर बीजेपी की चाय पार्टी की चुस्कियां लेने पहुंच गए।
{"_id":"5ab3b49e4f1c1bc4758b6dad","slug":"nitin-agarwal-in-bjp-meeting","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"सपा की 'डिनर पार्टी छोड़' बीजेपी के साथ 'चाय की सियासी चुस्की' लेने पहुंचा ये विधायक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सपा की 'डिनर पार्टी छोड़' बीजेपी के साथ 'चाय की सियासी चुस्की' लेने पहुंचा ये विधायक
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Fri, 23 Mar 2018 09:25 AM IST
विज्ञापन
नितिन अग्रवाल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नितिन अग्रवाल
बीजेपी की बैठक में समाजवादी पार्टी के हरदोई सदर से विधायक नितिन अग्रवाल की उपस्थिति चर्चा का विषय बनी रही। हाल ही में नरेश अग्रवाल ने ऐलान किया था कि नितिन अग्रवाल राज्यसभा चुनाव में बीजेपी प्रत्याशी के समर्थन में वोट डालेंगे। 23 मार्च को राज्यसभा की 10 सीटों के लिए चुनाव होना है। इनमें से 8 सीटें बीजेपी आसानी से जीत रही है।
अखिलेश यादव, शिवपाल यादव
उधर उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े राजनैतिक घराने में राज्यसभा सीटाें पर हाेने वाले मतदान से ठीक पहले कलह के बादल छटने लगे हैं। अखिलेश ने मतदान से ठीक पहले अपने अावास पर डिनर पार्टी का अायाेजन किया जिसमें चाचा शिवपाल भी अखिलेश यादव के साथ मुस्कुराते हुए नजर अाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
शिवपाल यादव
उत्तर प्रदेश की राजनीति में सपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष शिवपाल यादव का अपना कद है। उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए शुक्रवार को मतदान होना है। शिवपाल यादव के एक्टिव होते ही बीजेपी के 9वें उम्मीदवार की जीत के सपने को ग्रहण लग गया है।
विज्ञापन
नितिन अग्रवाल
राज्यसभा चुनाव में बीजेपी के पक्ष में वोट डालने का ऐलान कर चुके निषाद पार्टी के इकलौते विधायक विजय मिश्रा शिवपाल यादव से मिलने उनके घर पहुंच गए। सूत्राें की मानें ताे बीएसपी उम्मीदवार भीमराव अंबेडकर को जिताने की कमान विपक्ष की ओर से अब शिवपाल यादव के हाथ में आ गई है। देश के सबसे बड़े सूबे की सभी पार्टियां अपना-अपना किला बचाने में जुटी हैं।