फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Nine robbers arrested, 28 phones recovered in kanpur

कानपुर: मोबाइल लूट करने वाले गैंग का भंडाफोड़, नौ लुटेरे गिरफ्तार, 28 फोन बरामद

Sun, 28 Feb 2021 09:58 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Sun, 28 Feb 2021 09:58 PM IST
विज्ञापन
Nine robbers arrested, 28 phones recovered in kanpur
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
कानपुर में बर्रा पुलिस ने मोबाइल लूट की वारदात को अंजाम देने वाले नौ शातिरों को दबोच कर भंडाफोड़ किया। लूटे गए 28 मोबाइल, तीन बाइकें व एक स्कूटी भी बरामद की। शातिरों में एक ने चार साल पहले एनडीए की परीक्षा पास की थी।
विज्ञापन


गैंग से अन्य बदमाशों की तलाश जारी है। एसपी साउथ दीपक भूकर ने बताया कि दक्षिण में शातिर अक्सर एफ-जेड बाइक से वारदात कर फरार हो जाते थे। कुछ दिन पहले जूही कला मैगी प्वाइंट से बिना नंबर की बाइक समेत पकड़े गए गैंग के मास्टमाइंड फतेहपुर के जाफरगंज जद्दुपुर गांव निवासी मनीष कुमार उमराव उर्फ गुड्डू (25) व देवरी बुजुर्ग निवासी नितिन कुमार (20) के पास से दस अलग-अलग कंपनियों के सिम बरामद हुए।
विज्ञापन


इनकी निशानदेही पर अलग-अलग जगहों से फतेहपुर बकेवर भलिगवां निवासी अभिषेक उमराव (19), बिंदकी भगौनापुर निवासी उत्कर्ष पटेल उर्फ भानु (19), देवरी बुजुर्ग निवासी प्रांशु उर्फ बबलू कुमार (20), चांदपुर कुंदेरामपुर निवासी सनी पटेल (23), जहानाबाद द्वारिकापुर निवासी विशाल वर्मा (20) व भोगनीपुर पुखरायां निवासी अर्पित सचान (20), सजेती के आदित्य पटेल को गिरफ्तार किया।
विज्ञापन
विज्ञापन


महंगे शौक के लिए करते थे वारदात
शातिर कर्रही, यादव मार्किट और जरौली फेज-वन में किराये पर रहते थे। अर्पित कानपुर में रहकर पुलिस भर्ती की परीक्षा देने की तैयारी कर रहा था। वहीं आदित्य पटेल वर्ष 2017 में एनडीए की परीक्षा पास कर चुका था। महंगे शौक और संगत बिगड़ने से दोनों दलदल में फंसते चले गए। गैंग के सरगना मनीष के खिलाफ बर्रा में वाहन और फतेहपुर में दुकान में चोरी का केस दर्ज है। लूट के मोबाइलों में से तीन ट्रेस किए जा चुके हैं। बाकी थानों से जानकारी जुटाई जा रही है।


शातिर किस्त पर लेते थे बाइक
एसपी साउथ के अनुसार सभी मध्यम वर्गीय परिवार से हैं। लूट की घटनाओं को अंजाम देने के लिए किस्त पर बाइकें खरीदते थे। एक आधी किस्त जमा करते थे। ऐसे में बैंक बाइक ले लेती थी। इसके बाद शातिर फर्जीवाड़ा कर फिर से किसी दूसरे शख्स के नाम पर दूसरी बाइक किस्त पर ले लेते थे। बाइकें बदलती रहने से ही वे अब तक पुलिस से बचे हुए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed