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खूब भरें जीएसटी, इन योजनाओं के तहत खाते में वापस आ जाएंगे पूरे पैसे, ऐसे उठाएं लाभ
Sat, 01 Jun 2019 12:30 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sat, 01 Jun 2019 12:30 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : गूगल
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यदि कोई उद्यमी नया उद्योग स्थापित करता है अथवा कारोबार का विस्तार करता है तो ऐसे उद्यमी 100 फीसदी जीएसटी रिइंबर्समेंट स्कीम का फायदा उठा सकते हैं। हालांकि यह रिइंबर्समेंट विभिन्न सब्सिडी योजनाओं के तहत ही मिलेगा। मसलन कैपिटल इंटरेस्ट सब्सिडी, प्लांट एंड मशीनरी सब्सिडी, माडर्नाइजेशन सब्सिडी आदि। सरकार का दावा है कि उद्यमी वर्ष भर में जितना जीएसटी जमा करेगा उतना उसके खाते में वापस आ जाएगा।
यह जानकारी कानपुर में प्रोविंशियल इंडस्ट्रियल एंड इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन ऑफ यूपी लिमिटेड (पिकअप) के अधिकारियों ने नरेंद्र कुरील और मनोज गुप्ता उद्यमियों को दी। इंडस्ट्रियल इन्वेस्टमेंट एंड इंप्लायमेंट जनरेशन पॉलिसी-2017 के तहत शुक्रवार को जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र फजलगंज में मंडल स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य उद्यमियों को पॉलिसी के तहत विभिन्न योजनाओं में आवेदन करने और आवेदन के पश्चात की प्रक्रिया को समझाना था।
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यह जानकारी कानपुर में प्रोविंशियल इंडस्ट्रियल एंड इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन ऑफ यूपी लिमिटेड (पिकअप) के अधिकारियों ने नरेंद्र कुरील और मनोज गुप्ता उद्यमियों को दी। इंडस्ट्रियल इन्वेस्टमेंट एंड इंप्लायमेंट जनरेशन पॉलिसी-2017 के तहत शुक्रवार को जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र फजलगंज में मंडल स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य उद्यमियों को पॉलिसी के तहत विभिन्न योजनाओं में आवेदन करने और आवेदन के पश्चात की प्रक्रिया को समझाना था।
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उन्होंने उद्यमियों को बताया कि जो जीएसटी रिटर्न समय पर दाखिल करता है और नेट स्टेट जीएसटी जमा भी करता है। वह इस योजना का लाभ पांच साल तक उठा सकता है। पांच वर्ष तक जीएसटी रीइंबर्समेंट की राशि उस फर्म में लगी कार्यशील पूंजी के बराबर होती है। संयुक्त आयुक्त उद्योग सर्वेश्वर शुक्ल ने भी उद्यमियों को विभिन्न सब्सिडी योजनाओं की जानकारी दी।
प्रत्येक योजना के आवेदन का तरीका बताया कि किस तरह के दस्तावेजों की जरूरत होती है। उन्होंने कहाकि उद्यमी परंपरागत तरीके से काम करने के आदी हो गए हैं। इस वजह से सरकार की तमाम लाभकारी योजनाओं के बारे में न तो जानकारी रखते हैं और न ही इनका लाभ लेते हैं। इस दौरान उद्यमियों ने अपनी रुचि के मुताबिक अलग-अलग योजनाओं के बारे में जानकारी मांगी और जिज्ञासाओं को शांत किया।
प्रत्येक योजना के आवेदन का तरीका बताया कि किस तरह के दस्तावेजों की जरूरत होती है। उन्होंने कहाकि उद्यमी परंपरागत तरीके से काम करने के आदी हो गए हैं। इस वजह से सरकार की तमाम लाभकारी योजनाओं के बारे में न तो जानकारी रखते हैं और न ही इनका लाभ लेते हैं। इस दौरान उद्यमियों ने अपनी रुचि के मुताबिक अलग-अलग योजनाओं के बारे में जानकारी मांगी और जिज्ञासाओं को शांत किया।