{"_id":"5c2db78cbdec2257036f8241","slug":"news-related-to-csjm-university","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"यूपी के 400 से ज्यादा कॉलेजों पर हुई कार्रवाई, बीटेक, बीसीए और एमसीए में प्रवेश से पहले पढ़ें खबर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपी के 400 से ज्यादा कॉलेजों पर हुई कार्रवाई, बीटेक, बीसीए और एमसीए में प्रवेश से पहले पढ़ें खबर
Thu, 03 Jan 2019 02:20 PM IST
शिखा पांडेय
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Thu, 03 Jan 2019 02:20 PM IST
विज्ञापन
छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (एआईसीटीई) ने मानकों पर खरा न उतरने पर कानपुर स्थित छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) में संचालित यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (यूआईईटी) को बंद करने का फरमान जारी किया है।
इंस्टीट्यूट ने इस आदेश के खिलाफ अपील दायर की है। अपील खारिज होने पर इंस्टीट्यूट बंद करने के साथ यहां पढ़ रहे छात्रों को दूसरी जगह शिफ्ट भी करना पड़ेगा। इससे करीब 700 छात्र प्रभावित होंगे। एआईसीटीई ने प्रदेश के 400 से ज्यादा कॉलेजों पर बड़ी कार्रवाई की है, इनमें 70 से 100 कॉलेज ऐसे हैं, जिन्हें सत्र शून्य कर दिया गया है।
मतलब ये कॉलेज सत्र 2019-20 में एडमिशन नहीं ले पाएंगे। ज्यादातर कॉलेजों में 10 से 50 प्रतिशत तक सीटें घटाई गई हैं। इसके अलावा करीब 50 ऐसे कॉलेज भी हैं, जिन्हें कोर्स ही बंद करने का आदेश मिला है।
विज्ञापन
विज्ञापन
इंस्टीट्यूट ने इस आदेश के खिलाफ अपील दायर की है। अपील खारिज होने पर इंस्टीट्यूट बंद करने के साथ यहां पढ़ रहे छात्रों को दूसरी जगह शिफ्ट भी करना पड़ेगा। इससे करीब 700 छात्र प्रभावित होंगे। एआईसीटीई ने प्रदेश के 400 से ज्यादा कॉलेजों पर बड़ी कार्रवाई की है, इनमें 70 से 100 कॉलेज ऐसे हैं, जिन्हें सत्र शून्य कर दिया गया है।
विज्ञापन
मतलब ये कॉलेज सत्र 2019-20 में एडमिशन नहीं ले पाएंगे। ज्यादातर कॉलेजों में 10 से 50 प्रतिशत तक सीटें घटाई गई हैं। इसके अलावा करीब 50 ऐसे कॉलेज भी हैं, जिन्हें कोर्स ही बंद करने का आदेश मिला है।
विज्ञापन
छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय
यूआईईटी में इनफ्रास्ट्रक्चर, लैब, शिक्षकों की संख्या, शिक्षकों का पेग्रेड आदि मानक पूरे नहीं पाए गए हैं। यहां बीटेक, बीसीए और एमसीए की पढ़ाई होती है। बीटेक विभाग को बंद करने का आदेश दिया गया है। इसके अलावा फार्मेसी में 50 प्रतिशत और एमसीए में दस प्रतिशत सीटें घटाने का भी काउंसिल ने आदेश दिया है।
इस आदेश के खिलाफ विवि प्रशासन ने काउंसिल में अपील दायर की है। विश्वविद्यालय प्रशासन को उम्मीद है कि उसकी अपील स्वीकार की जाएगी और उन्हें सजा से मुक्ति मिलेगी। इससे पहले काउंसिल ने हरकोर्ट बटलर टेक्निकल यूनिवर्सिटी (एचबीटीयू) की 33 फीसदी सीटें कम करने का आदेश दिया था।
इस आदेश के खिलाफ विवि प्रशासन ने काउंसिल में अपील दायर की है। विश्वविद्यालय प्रशासन को उम्मीद है कि उसकी अपील स्वीकार की जाएगी और उन्हें सजा से मुक्ति मिलेगी। इससे पहले काउंसिल ने हरकोर्ट बटलर टेक्निकल यूनिवर्सिटी (एचबीटीयू) की 33 फीसदी सीटें कम करने का आदेश दिया था।
demo pic
भर चुकी हैं 25 हजार से ज्यादा सीटें
मानक पर खरा न उतरने पर एआईसीटीई ने अभी तक 25 हजार से ज्यादा इंजीनियरिंग, डिप्लोमा, फार्मेसी की सीटों में कटौती करने की प्रक्रिया पूरी कर ली है। अब काउंसिल की कोशिश है कि जो फर्जी कॉलेज संचालित हैं, वे नियमों के अंतर्गत बंद हो जाएं।
वर्जन
विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग, फार्मेसी और एमसीए कोर्सों की समीक्षा की गई। कमेटी ने पाया कि संचालित कोर्स काउंसिल के मानकों पर खरे नहीं हैं। इसे देखते हुए यूआईईटी प्रशासन को संबद्धता वापस लेने और फार्मेसी, एमसीए में सीटें घटाने का आदेश दिया गया है। इस आदेश के खिलाफ अभी उन्हें अपील करने का मौका मिला है।
- मनोज तिवारी, रीजनल ऑफिसर, एआईसीटीई, कानपुर जोन
मानक पर खरा न उतरने पर एआईसीटीई ने अभी तक 25 हजार से ज्यादा इंजीनियरिंग, डिप्लोमा, फार्मेसी की सीटों में कटौती करने की प्रक्रिया पूरी कर ली है। अब काउंसिल की कोशिश है कि जो फर्जी कॉलेज संचालित हैं, वे नियमों के अंतर्गत बंद हो जाएं।
वर्जन
विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग, फार्मेसी और एमसीए कोर्सों की समीक्षा की गई। कमेटी ने पाया कि संचालित कोर्स काउंसिल के मानकों पर खरे नहीं हैं। इसे देखते हुए यूआईईटी प्रशासन को संबद्धता वापस लेने और फार्मेसी, एमसीए में सीटें घटाने का आदेश दिया गया है। इस आदेश के खिलाफ अभी उन्हें अपील करने का मौका मिला है।
- मनोज तिवारी, रीजनल ऑफिसर, एआईसीटीई, कानपुर जोन