{"_id":"5cb6c07fbdec22141c6e80ab","slug":"news-related-to-admission-in-mbbs-md-and-ms-in-medical-colleges","type":"story","status":"publish","title_hn":"मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस, एमडी और एमएस में प्रवेश लेने वालों को राहत, ऐसा न हुआ तो वापस होगी फीस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस, एमडी और एमएस में प्रवेश लेने वालों को राहत, ऐसा न हुआ तो वापस होगी फीस
Wed, 17 Apr 2019 12:26 PM IST
शिखा पांडेय
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 17 Apr 2019 12:26 PM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस, एमडी और एमएस में रजिस्ट्रेशन कराने के बाद अगर एडमिशन नहीं लेते हैं तो शुल्क का कुछ हिस्सा काटकर बाकी छात्रों को वापस कर दिया जाएगा। अभी तक रजिस्ट्रेशन के बाद फीस वापस नहीं होती थी।
मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) ने ये निर्देश सभी मेडिकल कॉलेजों को दिए हैं। काउंसिल के बोर्ड ऑफ गवर्नेंस (बीओजी) की बैठक में तय हुआ है कि स्नातक और परास्नातक कोर्स में सीट अलॉटमेंट के बाद अगर कोई छात्र रजिस्ट्रेशन करा लेता है और बाद में उसे एडमिशन नहीं चाहिए तो 20 प्रतिशत रजिस्ट्रेशन शुल्क काटने के बाद शेष धनराशि छात्र को वापस कर दी जाएगी।
इसी तरह रजिस्ट्रेशन और फिर टेक्निकल स्क्रूटनी के बाद कोई छात्र अपना आवेदन वापस लेना चाहता है तो उसकी फीस से 30 प्रतिशत शुल्क काटकर शेष 70 प्रतिशत फीस छात्र को वापस कर दी जाएगी। हालांकि रजिस्ट्रेशन, टेक्निकल स्क्रूटनी और फिर असेसमेंट होने के बाद अगर कोई छात्र नाम वापस लेना चाहेगा तो उसका आवेदन शुल्क काउंसिल की तरफ से जब्त कर लिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) ने ये निर्देश सभी मेडिकल कॉलेजों को दिए हैं। काउंसिल के बोर्ड ऑफ गवर्नेंस (बीओजी) की बैठक में तय हुआ है कि स्नातक और परास्नातक कोर्स में सीट अलॉटमेंट के बाद अगर कोई छात्र रजिस्ट्रेशन करा लेता है और बाद में उसे एडमिशन नहीं चाहिए तो 20 प्रतिशत रजिस्ट्रेशन शुल्क काटने के बाद शेष धनराशि छात्र को वापस कर दी जाएगी।
विज्ञापन
इसी तरह रजिस्ट्रेशन और फिर टेक्निकल स्क्रूटनी के बाद कोई छात्र अपना आवेदन वापस लेना चाहता है तो उसकी फीस से 30 प्रतिशत शुल्क काटकर शेष 70 प्रतिशत फीस छात्र को वापस कर दी जाएगी। हालांकि रजिस्ट्रेशन, टेक्निकल स्क्रूटनी और फिर असेसमेंट होने के बाद अगर कोई छात्र नाम वापस लेना चाहेगा तो उसका आवेदन शुल्क काउंसिल की तरफ से जब्त कर लिया जाएगा।
विज्ञापन