फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Nerve contraction and brain stroke, eight deaths

Kanpur News: नसें सिकुड़ने से पड़ रहा और ब्रेन स्ट्रोक, आठ मौत

Sat, 20 Dec 2025 02:07 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 20 Dec 2025 02:07 AM IST
विज्ञापन
Nerve contraction and brain stroke, eight deaths
कानपुर। ठंड में नसें सिकुड़ने से खून में थक्का जम रहा है। इससे हार्ट और ब्रेन अटैक पड़ रहा है। शुक्रवार को कार्डियोलॉजी की ओपीडी में 10 रोगी हार्ट अटैक के लक्षण लेकर आए। इसके साथ ही 40 रोगी इमरजेंसी में भर्ती हुए। इसी तरह ब्रेन स्ट्रोक के 10 रोगी हैलट इमरजेंसी में पहुंचे। आठ रोगी ब्रॉट डेड स्थिति में अस्पताल में लाए गए।
विज्ञापन

कार्डियोलॉजी की ओपीडी में 1078 रोगियों ने स्वास्थ्य परीक्षण कराया। इनमें 10 रोगी हार्ट अटैक के लक्षण वाले पहुंचे उन्हें तुरंत भर्ती कर लिया गया। इसके साथ ही 87 रोगी इमरजेंसी में आए। कार्डियोलॉजी के प्रोफेसर डॉ. अवधेश कुमार शर्मा ने बताया कि रोगी शुरुआती लक्षण को नजरअंदाज कर रहे हैं। इससे स्थिति बिगड़ जाती है। ठंड में नसें सिकुड़ जाती हैं। इससे हृदय को शरीर गर्म रखने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ती है। कार्डियोलॉजी में शाम तक सात रोगी ब्रॉट डेड स्थिति में लाए गए। इंस्टीट्यूट के निदेशक प्रोफेसर राकेश कुमार वर्मा का कहना है कि हार्ट अटैक के लक्षण उभरने पर रोगी सीधे अस्पताल आ जाए। लक्षणों को नजरअंदाज न करे और इधर-उधर न भटके। गोल्डन आवर में पहुंचने पर जान पर खतरा बचाया जा सकता है।
विज्ञापन

हैलट इमरजेंसी में ब्रेन स्टोक के 10 रोगी भर्ती किए गए। मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. बीपी प्रियदर्शी ने बताया कि सबसे अधिक ब्रेन स्ट्रोक के रोगी आ रहे हैं। हाइपरटेंशन की दवा छोड़ने से दिक्कत हो रही है। हैलट इमरजेंसी में ब्रेन हेमरेज का एक रोगी ब्रॉट डेड स्थिति में आया। इसके अलावा सीओपीडी और अस्थमा के रोगियों को गंभीर हालत में भर्ती किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

------
बीपी ने गुर्दा रोगियों की हालत बिगाड़ी
- ठंड में ब्लड प्रेशर अधिक होने से गुर्दा रोगियों की हालत बिगड़ रही है। मल्टी सुपर स्पेशियिलटी हॉस्पिटल के गुर्दा रोग विभागाध्यक्ष डॉ. युवराज गुलाटी ने बताया कि हाई बीपी से गुर्दे में खराबी बढ़ती है। गुर्दे की खराबी से बीपी बढ़ता है। इस तरह दुष्चक्र बन जाता है। क्रोनिक किडनी डिजीज के पुराने रोगियों की डायलिसिस करनी पड़ रही है। गुर्दा रोगी ठंडक में बीपी और डायबिटीज नियंत्रित रखें।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed