Kanpur Dehat: भतीजे ने की चाची की हत्या, सिर पर मारी चारपाई की पाटी, पड़ोसी न बचाते...तो पति का भी होता मर्डर
Kanpur Dehat Murder: रसूलाबाद कोतवाली क्षेत्र में भतीजे ने चारपाई की पाटी मारकर चाची की हत्या कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सड़क किनारे टोंटी लगाने का विरोध करने पर विवाद हुआ। इस मारपीट में पति भी घायल हुआ, जिसको पड़ोसियों ने बचा लिया था।
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कानपुर देहात के जोत गांव में रास्ते के किनारे पाइप लाइन की टोंटी लगाने के विरोध पर विवाद के दौरान भतीजे ने हैंडपंप पर पानी पी रही चाची के सिर में चारपाई की पाटी मारकर हत्या कर दी। मारपीट में मृतका का पति भी घायल हो गया। घटना के बाद आरोपी व परिजन घर में ताला बंद कर फरार हो गए।
सूचना पर पहुंचे सीओ व थाना प्रभारी ने छानबीन की। फोरेंसिक टीम ने साक्ष्य संकलित किए हैं। जोत गांव निवासी रामनरेश उर्फ छुन्नी संखवार खेतिहर श्रमिक है। बुधवार को वह पत्नी चंदा देवी (45) के साथ खेत में गेहूं की कटाई करने गए थे। दोपहर में करीब एक बजे दंपती खाना खाने के लिए घर लौटे।
घर के पास लगे इंडिया मार्का हैंडपंप पर चंदा देवी पानी पीने लगीं। वहीं, रामनरेश के बड़े भाई रमेश ने घर के पास टोंटी लगवाने के लिए प्लंबर को बुलाया था। इसी दौरान प्लंबर पहुंच गया। चंदा देवी ने रास्ते में नल की टोंटी लगाने का विरोध किया। इस पर रमेश की उससे कहासुनी होने लगी।
चारपाई की पाटी से किया हमला
शोर सुनकर रमेश की पत्नी मीरा, उसके बेटे सुदामा, किशन, संजू आदि आ गए और मारपीट करने लगे। इससे रामनरेश घायल हो गया। जबकि गुस्साए किशन ने चारपाई की पाटी चंदा देवी के सिर पर मार दी। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। सूचना पाकर सीओ आशा पाल सिंह पुलिस बल लेकर गांव पहुंचे।
नल की टोंटी लगाने के विवाद में भतीजे ने चारपाई की पाटी मारकर चंदा देवी की हत्या कर दी। आरोपी की तलाश हो रही है। अभी किसी ने तहरीर नहीं दी है। तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। -राजेश पांडेय, एएसपी
पड़ोसी न बचाते, तो रामनरेश की भी हो जाती हत्या
जोत गांव में भतीजे किशन ने चाची चंदा देवी के सिर में चारपाई की पाटी मारकर हत्या कर दी। वहीं, परिजनों ने पति से भी मारपीट की। हमलावर भतीजे ने चाचा पर भी हमला किया। इस दौरान ग्रामीणों ने उसे पकड़ लिया, जिससे चाचा रामनरेश की जान बच सकी।
रामनरेश पर भी किया था वार
घटना के चश्मदीद श्रीकृष्ण और चौकीदार लाल जी ने सीओ को बताया कि कहासुनी के बाद अचानक मारपीट होने लगी। इसी बीच किशन घर से चारपाई की पाटी उठा लाया और चंदा देवी के सिर पर वार कर उसकी हत्या कर दी। उसने रामनरेश पर भी वार किए। ग्रामीणों ने उसे पकड़ कर दूर किया।
बच्चों की परवरिश की सता रही चिंता
चंदा देवी के तीन बेटे और दो बेटियां हैं। बड़ी बेटी सोनी की शादी हो गई। वहीं, बड़ा बेटा देवेंद्र दिल्ली में रहकर मजदूरी करता है। घर में चंदा के साथ पति रमेश, नाबालिग बेटी बंदना, बेटा दीपक व आनंद रहते हैं। विवाद के दौरान चंदा की मौत से बच्चे गुमसुम हो गए हैं। मासूम दीपक व आनंद बड़ी बहन वंदना से लिपट कर रोते रहे।
सात घंटे किया बड़े बेटे का इंतजार, तब उठाने दिया शव
रामनरेश का बड़ा बेटा दिल्ली में किसी फैक्टरी में काम करता है। मां की हत्या की खबर मिलने पर वह गांव के लिए निकला। इधर बेटे के इंतजार में परिजनों ने पुलिस को शव उठाने से रोक दिया। जोत गांव में हत्याकांड की सूचना पर पहुंची पुलिस ने छानबीन के बाद पंचनामा की कार्रवाई का अनुरोध परिजनों से किया।
सात घंटे बाद उठाया गया शव
उन्होंने साफ कहा कि चंदा देवी का बड़ा बेटा देवेंद्र दिल्ली से आ रहा है। उसके आने पर ही आगे की कार्यवाही होगी। जब बड़ा बेटा आ जाएगा तब पंचनामा और अन्य प्रक्रिया की जाएगी। मौके पर सीओ आशापाल सिंह व थाना प्रभारी राम गोविंद मिश्रा ने परिजनों को काफी समझाया, इस पर सात घंटे बाद परिजन शव उठाने के लिए मान गए।