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इस हादसों के शहर के दिन बदलेंगे अब, खुल रही है एनडीआरएफ की नई यूनिट
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sat, 18 Mar 2017 11:23 AM IST
सार
दस एकड़ जमीन तलाशी, डीएम ने एनडीआरएफ के कमांडेंड से की बात
अभी लखनऊ या फिर वाराणसी से आते हैं एनडीआरएफ के जवान
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डेमो
विस्तार
बड़े हादसों के बाद तत्काल राहत-बचाव कार्य मुहैया कराने के उद्देश्य से कानपुर में नेशनल डिजास्टर रेस्क्यू फोर्स (एनडीआरएफ) की यूनिट स्थापित की जाएगी। इसके लिए सरसौल में 10 एकड़ जमीन तलाशी जा रही है। इस बाबत जिलाधिकारी कौशलराज शर्मा ने शुक्रवार को एनडीआरएफ के कमांडेंड से बात की है।
डीएम ने बताया कि पहले किराये के भवन में एनडीआरएफ का दफ्तर खोलने की बात कही गई है। इसके बाद नई यूनिट स्थापित करने के लिए सरसौल में ग्राम समाज की जमीन उपलब्ध कराई जाएगी। जमीन के बाबत नर्वल एसडीएम से रिपोर्ट मांगी गई है। उधर कमांडेंट ने भी सकारात्मक फैसला लेने का भरोसा दिया है। जिलाधिकारी के मुताबिक एनडीआरएफ के पास ड्रिल मशीन, गैस कटर, ऑक्सीजन मास्क और सिलेंडर सहित तमाम आधुनिक यंत्र होते हैं।
कानपुर बड़ा जिला है। इधर कुछ महीनों में कई बड़ी दुर्घटनाएं भी हुईं। इसलिए यहां एनडीआरएफ की यूनिट का स्थापित होना जरूरी है। यूनिट में 40-45 जवान रहते हैं। कानपुर में यदि यूनिट खुलती है तो लखनऊ या वाराणसी से एनडीआरएफ के आने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। आपदा के दौरान कानपुर मंडल के छह जिलों समेत बुंदेलखंड के जिलों को भी समय पर एनडीआरएफ राहत पहुंचा सकेगी।
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डीएम ने बताया कि पहले किराये के भवन में एनडीआरएफ का दफ्तर खोलने की बात कही गई है। इसके बाद नई यूनिट स्थापित करने के लिए सरसौल में ग्राम समाज की जमीन उपलब्ध कराई जाएगी। जमीन के बाबत नर्वल एसडीएम से रिपोर्ट मांगी गई है। उधर कमांडेंट ने भी सकारात्मक फैसला लेने का भरोसा दिया है। जिलाधिकारी के मुताबिक एनडीआरएफ के पास ड्रिल मशीन, गैस कटर, ऑक्सीजन मास्क और सिलेंडर सहित तमाम आधुनिक यंत्र होते हैं।
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कानपुर बड़ा जिला है। इधर कुछ महीनों में कई बड़ी दुर्घटनाएं भी हुईं। इसलिए यहां एनडीआरएफ की यूनिट का स्थापित होना जरूरी है। यूनिट में 40-45 जवान रहते हैं। कानपुर में यदि यूनिट खुलती है तो लखनऊ या वाराणसी से एनडीआरएफ के आने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। आपदा के दौरान कानपुर मंडल के छह जिलों समेत बुंदेलखंड के जिलों को भी समय पर एनडीआरएफ राहत पहुंचा सकेगी।
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