Nazul Property Case: पांच करोड़ की जमीन बेचे डाल रहे अवनीश के साथी, किसान को दिए केवल 85 लाख, पढ़ें पूरा मामला
Kanpur News: नजूल संपत्ति कब्जाने के प्रयास के मामले में आरोपी अवनीश दीक्षित के साथियों ने शुक्लागंज स्थित पांच बीघा जमीन का किसान से 100 रुपये के स्टांप पर एग्रीमेंट कराया था। उन्होंने चार प्लॉट बेच भी डाले, लेकिन अभी तक किसान को पूरी रकम नहीं दी।
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कानपुर के सिविल लाइंस में एक हजार करोड़ रुपये की नजूल की जमीन कब्जाने के प्रयास में जेल में बंद अवनीश दीक्षित के साथियों का नया कारनामा सामने आया है। एक किसान का आरोप है कि शुक्लागंज स्थित उसकी पांच करोड़ रुपये की जमीन का सौ रुपये के स्टांप पेपर पर एग्रीमेंट कर वहां प्लॉटिंग कर बेच रहे हैं। अब तक चार प्लॉट बेच चुके हैं, लेकिन उन्हें महज 85 लाख रुपये ही दिए हैं। बाकी रुपये मांगने पर धमकी दे रहे हैं।
पुलिस अब बेचे गए प्लाटों व जमीन के दस्तावेजों के लिए गुरुवार को तहसील जाएगी। दरअसल, आय के स्रोतों का पता लगा रही एसआईटी को जानकारी हुई कि शुक्लागंज के कटरी खैरहा गैर रहतमाली में करोड़ों की जमीन पर अवनीश के साथियों का हिस्सा है। इसके बाद उच्चाधिकारियों ने पुलिस की एक टीम को संपत्ति का ब्योरा एकत्र करने का आदेश दिया था। टीम बुधवार को मौके पर पहुंची। आसपास के लोगों से मामले की जानकारी की।
तब पता चला कि चार लोगों ने किसान अमर सिंह कुशवाहा से एक साल पहले 100 रुपये के स्टांप पेपर पर पांच बीघा जमीन का एग्रीमेंट कराया और प्लॉटिंग शुरू कर दी। अमर सिंह का कहना था कि चार प्लॉट की रजिस्ट्री भी हो चुकी है, लेकिन उन्हें महज 85 लाख रुपये ही दिए गए। बाकी रुपये मांगने पर धमकी दे रहे हैं। जांच में पता चला है कि एग्रीमेंट कराने वाले चारों लोग वही हैं, जिन्होंने नजूल की जमीन पर दावा करते हुए आनंदेश्वर एसोसिएट्स एलएलपी फर्म के खाते से 25 लाख रुपये हरेंद्र मसीह की फर्म में जमा किए थे।
गुरुवार को तहसील जाएगी टीम
पुलिस की एक टीम गुरुवार को उन्नाव सदर तहसील पहुंचकर संपत्ति की जांच करेगी। साथ में यह भी देखा जाएगा कि जमीन विवादित तो नहीं। अवनीश व उसके साथी इस जमीन पर किस हैसियत से प्लाॅटिंग कर रहे थे। इसके साथ ही किसान से भी पूछताछ की जाएगी कि जमीन के एवज में उन्हें रुपये मिले की नहीं।
अवनीश के साथियों द्वारा शुक्लागंज में जहां प्लॉटिंग की जा रही थी, उस जमीन का टीम ने मौका मुआयना किया है। किसान के बयानों और सदर तहसील से दस्तावेज हासिल करने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। -हरीश चंदर, एडिशनल सीपी क्राइम