एक्सक्लूसिव: अब नौनिहालों को खाने को मिलेगा देशी घी व दूध, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग ने शुरू की नई पहल
बच्चों, गर्भवती व धात्री महिलाओं को पंजीरी की जगह अब गेहूं, चावल, देशी घी व सूखा दूध पाउडर का डिब्बा दिया जाएगा। सूखे अनाज के वितरण का क्रियान्वयन राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत करवाया जाएगा। इसके लिए अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी ने जिलाधिकारी समेत जिला कार्यक्रम अधिकारी को पत्र लिखा है।
इस तरह मिलेगा खाद्यान्न
जीरो से तीन साल तक के बच्चे को एक किलो चावल व डेढ़ किलो गेहूं दिया जाएगा। इसके अलावा 450 ग्राम देशी घी व 400 ग्राम सूखा दूध का पाउडर मिलेगा। इसी तरह तीन से छह साल के बच्चे को इतना ही खाद्यान्न मिलेगा। गर्भवती, धात्री व 11 साल तक की किशोरी को एक किलो चावल व दो किलो गेहूं, 450 ग्राम देशी घी व 750 ग्राम सूखा दूध का पाउडर मिलेगा। कुपोषित बच्चों को डेढ़ किलो चावल, ढाई किलो गेहूं, 400 ग्राम देशी घी व 750 ग्राम सूखा दूध मिलेगा।
समूह की महिलाओं को यहां से मिलेगा राशन
इस योजना की शुरुआत झारखंड, उत्तराखंड व महाराष्ट्र में की गई थी। यहां सफल होने के बाद इसे यूपी में शुरू किया जा रहा है। समूह की महिलाओं को भारतीय खाद्य निगम से गेहूं व चावल उपलब्ध कराया जाएगा। वहीं, देशी घी व सूखा पाउडर कोआपरेटिव डेरी फेडरेशन (एफसीडीएफ) के माध्यम से उपलब्घ कराया जाएगा। इसका वितरण हर माह की पांच से छह तारीख को किया जाएगा।
समूह की महिलाओं के साथ बैठक कर ली गई है। उन्हें सूखा अनाज, देशी घी व सूखा दूध का पाउडर बांटने के बारे में जानकारी दे दी गई है। समूह की महिलाएं जल्द अपने केंद्रों से इसका वितरण करेंगी।
शिव बिहारी, जिला मिशन प्रबंधक एनआरएलएम