Rakesh Tikait: चित्रकूट पहुंचे भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष, सरकार को आड़े हाथों लिया, जानें क्या कहा
Chitrakoot News: राकेश टिकैत ने कहा कि भारतीय किसान यूनियन किसी राजनीतिक दल को समर्थन नहीं कर रहा है और 2024 के चुनाव में भी वह किसी को समर्थन नहीं करेगा। लेकिन किसानों की हित में बात करने वाले के साथ है। देश में इस समय कोई कानून नाम की चीज नहीं है।
विस्तार
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राकेश टिकैत मंडलीय किसान सम्मेलन में शामिल होने के लिए बांदा से पहले चित्रकूट पहुंचे। उन्होंने सरदार वल्लभभाई पटेल की मूर्ति पर माल्यार्पण करने के बाद सरकार को आडे़ हाथों लिया। कहा कि देशभर में भूमि अधिग्रहण बहुत तेजी से हो रहा है। केंद्र व प्रदेश की सरकारी कम रेट पर उद्योगपतियों को कीमती भूमि दिला रही है। महंगाई बढ़ गई है, लेकिन सर्किल रेट नहीं बढ़ा है।
कम रेट पर किसानों और अन्य लोगों की जमीन खरीदी जा रही है। एमएसपी गारंटी कानून न बनने से किसानों को उपज का लाभ नहीं मिल पा रहा है। सरकार ने कई बार वादा किया, लेकिन उसे कानून नहीं बनाया है। इसलिए किसान की फसल सस्ते में बिक रही है। सरकार कर्ज बढ़ा रही है, फसलों का सही दाम नहीं दे रही है। बुंदेलखंड राज्य बनाने की पैरवी भी की।
उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड में खनिज संपदा सबसे ज्यादा है, लेकिन स्थानीय लोग गरीब हैं। यहां की खनिज संपदा बाहर के लोग ले जाकर उसका उपयोग कर रहे हैं। बुंदेलखंड को एक कॉरिडोर बनाया जा सकता है। इसका लाभ स्थानीय जनता को मिलेगा। इसके लिए एक आंदोलन चलाने की जरूरत है। उन्होंने केंद्र सरकार और भाजपा शासित राज्यों की सरकारों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि सभी सरकारी बेलगाम है।
सरकारी मनमानी को रोकने के लिए आंदोलन की जरूरत
इनको रोकने के लिए बड़े आंदोलन की जरूरत है, बिना आंदोलन यह सरकार मनमानी करने से नहीं मानेगी। यह देश इस समय विदेशी संस्कृति से चल रहा है। देश को वर्तमान राजनीतिक सिस्टम नहीं बचा सकता है। इसके लिए आंदोलन की ही जरूरत है। उन्होंने सिपाहियों की हाल ही में घोषित की गई भर्तियों में अभ्यर्थियों की उम्र एक साल घटा देने पर युवाओं के साथ अन्याय बताया है।
किसान को तंग करना सरकार की मंशा
इसे राजनीतिक भर्ती का नाम दिया जा रहा है, अग्नि वीर भर्ती को भी उन्होंने युवाओं के लिए अनुपयोगी बताया है। उन्होंने विलेज पॉलिसी अपनाने की सलाह दी है। किसान को तंग करने की ही सरकार की मंशा है। जिस देश का राजा यह चाहता हो कि जनता गरीब रहे, तो वहां का किसान और आम जनता कैसे खुश रह सकती है। किसान सम्मान निधि में सरकार 6000 दे रही है।
वोट बैंक की राजनीति कर रही है भाजपा
भारतीय किसान यूनियन किसी राजनीतिक दल को समर्थन नहीं कर रहा है और 2024 के चुनाव में भी वह किसी को समर्थन नहीं करेगा। लेकिन किसानों की हित में बात करने वाले के साथ है। देश में इस समय कोई कानून नाम की चीज नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे देश में भाजपा सिर्फ वोट बैंक की राजनीति कर रही है। काम करना है, तो कर्ज मुक्त किसान और भगवान राम के पथ गमन वाले सभी क्षेत्र को नशा मुक्त क्षेत्र बनाने का काम करे।