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मेडिकल कॉलेज को बदहाल बताकर नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने जताया अफसोस, कही ये बातें
Sun, 09 Jun 2019 10:03 PM IST
प्रशांत कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Sun, 09 Jun 2019 10:03 PM IST
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नसीमुद्दीन सिद्दीकी
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पूर्व काबीना मंत्री और विधान परिषद सदस्य नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने चित्रकूटधाम मंडल के इकलौते बांदा राजकीय मेडिकल कॉलेज की बदहाली पर अफसोस जताया है। कहा है कि उनके मंत्रित्व काल में स्वीकृत और बनाया गया मेडिकल कॉलेज प्रदेश सरकारों की अनदेखी का शिकार हो गया है। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा विधान परिषद में उठाया जाएगा। चित्रकूटधाम मंडल और अन्य समस्याओं पर भी सरकार का ध्यान आकृष्ट कराएंगे।
शनिवार को शाम अपने दो दिवसीय भ्रमण पर बांदाआए सिद्दीकी मेडिकल कॉलेज गए। मरीजों से हालचाल लिया। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में इतना शानदार मेडिकल कॉलेज भवन नहीं है। यहां लाखों रुपये के कीमती उपकरण डॉक्टरों और विशेषज्ञों के अभाव में कमरों में बंद है। डॉक्टरों का जबरदस्त अभाव है। पिछली सपा सरकार ने भी डॉक्टरों के सभी पद भरने पर तवज्जो नहीं दी। वर्तमान भाजपा सरकार में भी मेडिकल कॉलेज पूरी क्षमता से सेवाएं नहीं दे पा रहा। इस मेडिकल कॉलेज से न सिर्फ बांदा बल्कि चित्रकूटधाम मंडल और सीमावर्ती मध्य प्रदेश के कई जनपदों के मरीज लाभान्वित होंगे।
पूर्व मंत्री ने कहा कि मंडल में पेयजल संकट भी गहरा रहा है। उनके मंत्रित्व काल में चिल्ला घाट यमुना नदी से पाइप लाइन के जरिए बांदा शहर को पेयजल आपूर्ति योजना को मंजूरी मिली थी और काम हुआ था। लेकिन यह अब तक सुचारू ढंग से चालू नहीं हो सकी। अवैध खनन और केन नदी की जलधारा में छेड़छाड़ से पेयजल संकट और बढ़ रहा है।
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शनिवार को शाम अपने दो दिवसीय भ्रमण पर बांदाआए सिद्दीकी मेडिकल कॉलेज गए। मरीजों से हालचाल लिया। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में इतना शानदार मेडिकल कॉलेज भवन नहीं है। यहां लाखों रुपये के कीमती उपकरण डॉक्टरों और विशेषज्ञों के अभाव में कमरों में बंद है। डॉक्टरों का जबरदस्त अभाव है। पिछली सपा सरकार ने भी डॉक्टरों के सभी पद भरने पर तवज्जो नहीं दी। वर्तमान भाजपा सरकार में भी मेडिकल कॉलेज पूरी क्षमता से सेवाएं नहीं दे पा रहा। इस मेडिकल कॉलेज से न सिर्फ बांदा बल्कि चित्रकूटधाम मंडल और सीमावर्ती मध्य प्रदेश के कई जनपदों के मरीज लाभान्वित होंगे।
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पूर्व मंत्री ने कहा कि मंडल में पेयजल संकट भी गहरा रहा है। उनके मंत्रित्व काल में चिल्ला घाट यमुना नदी से पाइप लाइन के जरिए बांदा शहर को पेयजल आपूर्ति योजना को मंजूरी मिली थी और काम हुआ था। लेकिन यह अब तक सुचारू ढंग से चालू नहीं हो सकी। अवैध खनन और केन नदी की जलधारा में छेड़छाड़ से पेयजल संकट और बढ़ रहा है।
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