UP: कमरे में अचेत मिली निर्वस्त्र महिला, चेहरे पर चोट और प्राइवेट पार्ट से बह रहा था खून, बेटी ने कही ये बात
Kanpur News: बेटी शालिनी ने बताया कि वह दूध लेने गई थी। जब लौट कर आई, तो गेट अंदर से बंद था। काफी देर खटखटाने के बाद जब गेट नहीं खुला, तो उसने नीचे की मंजिल पर रहने वाली गोरखपुर की नेहा को जानकारी दी।
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कानपुर में काकादेव के गीतानगर स्थित गर्ल्स हॉस्टल की तीसरी मंजिल पर बने कमरे में सोमवार शाम केयर टेकर महिला निर्वस्त्र अचेतावस्था में मिली। दूध लेने गई 16 साल की बेटी वापस आई, तो मेन गेट बंद मिला। काफी देर खटखटाने पर भी जब गेट नहीं खुला, तो बेटी ने हॉस्टल में रहने वाली निजी अस्पताल की फार्मासिस्ट को बुलाकर दरवाजा खटकाया।
कमरे के अंदर से परिवार के एक पुराने परिचित ने दरवाजा खोला और भाग गया। कमरे के भीतर का दृश्य देखकर बेटी और फार्मासिस्ट सन्न रह गए। बेटी ने हॉस्टल मालिक और परिजनों को सूचना दी। महिला को हैलट में भर्ती कराया गया। वहां उसकी देर रात मौत हो गई। मूलरूप से हरदोई के बिलग्राम के धर्मपुर नेवादा निवासी राजेश कुमार की 2018 में बीमारी के चलते मृत्यु हो गई थी।
गर्ल्स हॉस्टल की तीसरी मंजिल पर रहता है परिवार
उनके परिवार में पत्नी मंजू देवी (35) बेटा कुलदीप (17),बेटी शालिनी (16), बेटा सौरभ (12) और गौरव (11) है। कुलदीप पूजा पाठ कराते हैं। सोमवार को वे हमीरपुर गए थे। वहीं, सौरभ मौसी ज्योति के घर वीरसिंह पुर में रहकर पढ़ाई करता है। जबकि गौरव परमट मंदिर परिसर स्थित गुरुकुल में रहकर पुरोहित का काम सीख रहा है। गर्ल्स हॉस्टल की तीसरी मंजिल पर मंजू, बेटे कुलदीप और बेटी शालिनी के साथ रहती थी।
घटनास्थल के पास शराब की बोतल मिली
मंगलवार की सुबह जब मंजू की मौत की सूचना अस्पताल से पुलिस के पास पहुंची, तो डीसीपी सेंट्रल प्रमोद कुमार, एडीसीपी सेंट्रल आरती सिंह, थाना प्रभारी काकादेव मानवेंद्र सिंह, फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड घटनास्थल पर पहुंचा और घटनास्थल की जांच की। फोरेंसिक टीम को घटनास्थल के पास शराब की बोतल मिली है। दूसरी मंजिल पर हंटिंग और काला चश्मा पड़ा था।
बेटी बोली- मां के साथ क्या हुआ? उसे नहीं पता
बेटी शालिनी ने बताया कि वह दूध लेने गई थी। जब लौट कर आई, तो गेट अंदर से बंद था। काफी देर खटखटाने के बाद जब गेट नहीं खुला, तो उसने नीचे की मंजिल पर रहने वाली गोरखपुर की नेहा को जानकारी दी। नेहा एक निजी अस्पताल में फार्मासिस्ट है। नेहा और शालिनी ने काफी देर तक गेट खटकाया, तो अंदर से मसवानपुर निवासी कुलदीप उर्फ अर्जुन यादव ने गेट खोला।
चेहरे पर चोट थी और प्राइवेट पार्ट से भी खून बह रहा था
शालिनी के मुताबिक अंदर कमरे में मां मंजू देवी निर्वस्त्र अचेत पड़ी थीं। बिस्तर पर खून फैला था। मां के कपड़े कमरे में किनारे पड़े थे। मां की आंख के नीचे काला निशान पड़ा था। चेहरे पर चोट थी और प्राइवेट पार्ट से भी खून बह रहा था। शालिनी ने बताया कि उनकी मां टिफिन बनाती थीं। अर्जुन रोज उसके घर से 12 टिफिन ले जाकर सप्लाई करता था। सब्जी भाजी लाने का काम भी करता था।
पुलिस ने अर्जुन और उसके दोस्त चिंटू को हिरासत में लिया
मौके पर मौजूद थाना प्रभारी मानसिंह ने बताया कि मंजू देवी बीमार रहती थीं। कुछ दिन पहले ही उनकी तबीयत खराब हुई थी। निजी अस्पताल में उनका इलाज कराया गया था। ऐसी ही हालत सोमवार को भी हुई। पुलिस के मुताबिक उलझन की वजह से मंजू ने अपने कपड़े उतार दिए और कूलर के सामने लेट गई। पुलिस ने कुलदीप उर्फ अर्जुन और उसके दोस्त चिंटू को हिरासत में ले लिया है। इनसे पूछताछ की जा रही है।
अब मां का भी साया सिर से उठ गया
पिता के बाद मां के सिर से भी साया उठने के बाद जहां तीनों बेटे रोते बिलखते दिखाई दिए। वहीं बेटी भी बार-बार मां की याद कर रोती रही। स्थानीय लोगों ने बताया कि परिवार ढाई साल पहले यहां रहने आया था। पहले इसी मकान के पास एक पीजी हॉस्टल की मंजू देखभाल करती थी। परिवार भी वहीं रहता था। लोगों ने बताया इस मकान में पहले भी एक हत्या हो चुकी है।
महिला की मौत को लेकर उठ रहे सवाल
- कोई महिला किसी दूसरी पुरुष के सामने कपड़े कैसे उतार सकती है?
- आखिर बंद कमरे में टिफिन लाने ले जाने वाला कुलदीप उर्फ अर्जुन क्या कर रहा था?
- अगर पुलिस की थ्योरी मान भी ली जाए तो सवाल उठता है कि आखिर मौके से कुलदीप क्यों फरार हुआ?
- परिवार में रोज आने जाने वाले कुलदीप ने हालत खराब होने की स्थिति में मंजू को अस्पताल क्यों नहीं पहुंचाया?
- काफी देर तक बेटी के दरवाजा खटकाने के बाद भी कुलदीप ने दरवाजा क्यों नहीं खोला?
महिला अचेत कमरे में मिली थी। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। फोरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। -प्रमोद कुमार, डीसीपी सेंट्रल