लश्कर-ए-तैयबा आतंकी सलीम खान के जिले में कोई ‘रहस्यमय ट्रेनिंग कैंप’ चला रहा है। ऐसा यहां के गांववालों का कहना है कि शहर की आबादी से बाहर तीन साल से संचालित संदिग्ध प्रशिक्षण कैंपों का रहस्य छंट नहीं रहा है। यहां गैर प्रांत के युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह प्रशिक्षण किस तरह का है, इस बारे में कोई नहीं जानता है। प्रशासन के पास भी कोई ठोस जवाब नहीं है। इन कैंपों में दूर से सिर्फ यस सर, नो सर की आवाजेें गूंजती हैं। सैकड़ों की तादाद में प्रशिक्षण ले रहे युवाओं को पुलिस प्रशासन व खुफिया इकाई दोनों पूरी तरह नजर अंदाज कर रही हैं।
जंगल में चल रहा ‘रहस्यमय कैंप’, आती हैं ‘यस सर, नो सर’ की आवाजें
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Wed, 19 Jul 2017 12:15 PM IST
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