सात साल बाद फैसला: जेठ-जेठानी की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या, महिला और प्रेमी का उम्रकैद, पढ़ें पूरा मामला
हथगाम थाना क्षेत्र में जेठ-जेठानी को काट डालने वाली महिला को प्रेमी संग उमक्रैद की सजा सुनाई गई है। कोर्ट से सात साल बाद फैसला सुनाया है। इसमें प्रेमी पर 15 हजार और महिला पर 10 हजार अर्थदंड भी लगाया गया है।
विस्तार
फतेहपुर जिले में प्रेम प्रसंग का विरोध करने पर जेठ जेठानी की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या के मामले में बुधवार को कोर्ट ने देवरानी और उसके प्रेमी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/पाक्सो कोर्ट नंबर दो की जज नित्या पांडेय की अदालत ने फैसला सुनाया है।
हथगाम थाना क्षेत्र के कसेरुवा गांव निवासी रामनरेश उर्फ पप्पू यादव और उसकी पत्नी विमला देवी की में चार जनवरी 2016 की रात कुल्हाड़ी से काट कर हत्या कर दी गई थी। हत्याकांड में मृतक के छोटे भाई रामप्रकाश ने मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने कमरे से खून से सनी दो कुल्हाड़ी बरामद की थी।
सात जनवरी को पुलिस ने जांच के बाद वादी की पत्नी उमा देवी और उसके हथगाम कस्बा निवासी प्रेमी सुरेश कुमार को गिरफ्तार किया था। हत्यारोपी सुरेश के नलकूप से उसकी खून से सनी जैकेट बरामद हुई थी। हत्यारोपी सुरेश की दिवंगत रामनरेश की मैजिक का चालक था।
प्रेम-प्रसंग में बाधा बने जेठ और जेठानी
मैजिक में अक्सर उमा देवी आती-जाती थी। इस दौरान ही सुरेश और उमा के बीच प्रेम प्रसंग हो गया था। इसका पता दिवंगत जेठ और जेठानी का लगा था। दोनों के प्रेम प्रसंग में बाधा बनने पर हत्या की योजना बनाई थी। घटना की रात उमा देवी ने परिवार के सभी सदस्यों के खाने में नींद की गोली मिलाई थी।
कॉल डिटेल से हुआ था शक
इसके बाद पति के फोन से प्रेमी सुरेश को रात होने पर बुलाया था। पुलिस को कॉल डिटेल से सुरेश पर शक हुआ था। इससे घटना का खुलासा हुआ था। सहायक शासकीय अधिवक्ता देवेंद्र कुमार सिंह भदौरिया ने बताया कि कोर्ट ने आरोपी सुरेश और उमा देवी को हत्या की धारा 302 के तहत सजा सुनाई है।
सारी सजाएं एक साथ चलेंगी
दोषियों को आजीवन कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड, गलत कार्य के विरोध की धारा 341 के तहत एक माह कारावास में सजा सुनाई गई है। रात को गृहभेदन की धारा 457 के तहत सुरेश पर पांच साल की कैद और पांच हजार रुपये अतिरिक्त अर्थदंड की सजा सुनाई है। सारी सजाएं एक साथ चलेंगी।