फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Etawah News ›   Mulayam Singh Yadav took a risky decision regarding Auraiya district

Mulayam: जब मुलायम ने लिया औरैया जिले को समाप्त करने का जोखिम भरा निर्णय, झेलना पड़ा था ग्रामीणों का गुस्सा

Mon, 10 Oct 2022 03:24 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इटावा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इटावा Published by: शिखा पांडेय Updated Mon, 10 Oct 2022 03:24 PM IST
सार

वर्ष 2003 में जब मुलायम सिंह दोबारा मुख्यमंत्री बने तो उन्होंने औरैया को दोबारा इटावा में सम्मिलित करने के लिए औरैया जिले को समाप्त कर दिया था। इसके चलते मुलायम सिंह यादव को औरैया जिले के लोगों का गुस्सा भी झेलना पड़ा था। गुस्साए ग्रामीणों ने औरैया में उनका हेलीकॉप्टर नहीं उतरने दिया गया था।

विज्ञापन
Mulayam Singh Yadav took a risky decision regarding Auraiya district
मुलायम सिंह यादव की फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

नेताजी के नाम से मशहूर मुलायम सिंह यादव की कर्मभूमि इटावा जिले का हिस्सा औरैया जिला भी रहा। उनके दिल के करीब जितना इटावा जिला था उतना ही औरैया जिला भी। यही कारण था कि औरैया जिले के लोगों का भी उनसे दिली लगाव है। औरैया के लोग भी मुलायम सिंह यादव से उनके मुख्यमंत्रित्व काल में आसानी से मुलाकात कर लेते थे।

विज्ञापन


औरैया जिला उनके दिल के करीब होने के कारण जब मुलायम सिंह वर्ष 2003 में प्रदेश में तीसरी बार मुख्यमंत्री बने तो उन्होंने औरैया जिला को दोबारा इटावा से जोड़ने की कवायद के रूप में यह जिला समाप्त कर दिया था। हालांकि इसके बाद उन्हें काफी विरोध का सामना करना पड़ा था। दरअसल मायावती ने मुख्यमंत्री रहते वर्ष 1997 में इटावा जिले की दो तहसीलों औरैया और बिधूना के साथ औरैया जिले का सृजन कर दिया था।

विज्ञापन

इसके बाद वर्ष 2003 में जब मुलायम सिंह दोबारा मुख्यमंत्री बने तो उन्होंने औरैया को दोबारा इटावा में सम्मिलित करने के लिए औरैया जिले को समाप्त कर दिया था। इसके चलते मुलायम सिंह यादव को औरैया जिले के लोगों का गुस्सा भी झेलना पड़ा था। गुस्साए ग्रामीणों ने औरैया में उनका हेलीकॉप्टर नहीं उतरने दिया गया था। औरैया जिला समाप्त करके दोबारा इटावा में शामिल किए जाने का उनका निर्णय भले ही राजनैतिक रहा हो।

लेकिन लोगों में यह चर्चा रही कि औरैया के लोगों से उनके दिली जुड़ाव के कारण ही उन्होंने औरैया जिला समाप्त करने जैसा जोखिम भरा निर्णय लिया। हालांकि राजनैतिक जानकारों में चर्चा थी कि इटावा से अलग हुए औरैया जिले में सपा के घटते बजूद के कारण उन्होंने औरैया जिला समाप्त किया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed