Mulayam Singh: नेताजी ने ही चित्रकूट को दी थी चौबीस घंटे बिजली, कामदगिरी परिक्रमा मार्ग कराया था पक्का
पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव का धर्मनगरी चित्रकूट से विशेष लगाव था। उन्होंने वर्ष 2005 में यहां सपा का तीन दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन शिविर किया था। साथ ही, जिले में 24 घंटे बिजली, कामदगिरी परिक्रमा मार्ग को पक्का बनाना जैसे कार्यों से विरोधियों ने भी धरती पुत्र का लोहा माना था।
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धरती पुत्र सपा के संरक्षक मुलायम सिंह यादव अपने बेबाक अंदाज के लिए चित्रकूट वासियों के बीच पैठ बनाये रहेंगे। जब पूरा यूपी बिजली की आपूर्ति से परेशान था तब 2005 में नेता जी ने चित्रकूट में तत्कालीन सपा सांसद श्यामाचरण गुप्ता की मांग पर 24 घंटे बिजली देने की घोषणा कर सबको अचंभित कर दिया था। इसे 2017 तक सीएम अखिलेश यादव व मायावती ने भी इसे जारी रखा था।
राजापुर, मऊ व भरतकूप क्षेत्र के सैनिकों के परिजनों ने भी सपा मुखिया के रक्षामंत्री के कार्यकाल की खूब सराहना की। बुंदेली सेना के जिलाध्यक्ष अजीत सिंह ने कहा कि रक्षामंत्री के रूप में नेता जी ने ऐसी व्यवस्था की शुरुआत कराई, जिसमें शहीद सैनिकों का शव उनके पैतृक गांव भेजा जाने लगा। साथ ही डीएम- एसपी की मौजूदगी में उनका राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कराना सुनिश्चित किया गया।
कामदगिरी परिक्रमा मार्ग कराया था पक्का
सपा के निवर्तमान जिलाध्यक्ष अनुज यादव व पूर्व जिलाध्यक्ष भइयालाल यादव ने बताया कि सपा मुखिया ने ही सबसे पहले चित्रकूट के परिक्रमा मार्ग को पत्थर लगवाकर पक्का बनवाया था। इसके बाद पूर्व सीएम अखिलेश ने शेड आदि लगवाने का काम किया। उनका ऐसा मानना भी रहा कि कामदगिरी पर्वत के ऊपर हेलीकाप्टर से चक्कर नहीं लगाने चाहिए। इसलिए वह एक बार भरतकूप तक हेलीकाप्टर से आए फिर कार से चित्रकूट आए थे।
कार्यकर्ताओं को नाम से पुकारते थे नेताजी
पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष शिवशंकर यादव ने बताया कि कार्यकर्ताओं को बेहद नजदीक व नाम से नेता जी जानते थे। 1991 से लेकर 2005 के बीच जब भी वह चित्रकूट आए तो परिचय के दौरान आधे से ज्यादा पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं के नाम वह खुद बीच में बोल देते थे।
धर्मनगरी से मुलायम सिंह ने तीन दिन चलाई थी सरकार
पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव का धर्मनगरी चित्रकूट से विशेष लगाव था। उन्होंने वर्ष 2005 में यहां सपा का तीन दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन शिविर किया था। तीन दिन यहीं से सरकार चलाई थी। कई अहम फैसले भी शिविर में लिए थे। उन्होंने आरएसएस के संस्थापक सदस्यों में शामिल रहे भारतरत्न नानाजी देशमुुख से मिलकर विरोधियों को भी चौंका दिया था।
अधिवेशन में मुलायम सिंह यादव ने बिहार, मध्यप्रदेश, राजस्थान और गुजरात में पार्टी को मजबूत बनाने के लिए इन प्रदेशों से आए कार्यकर्ताओं के साथ अलग बैठक की थी। चित्रकूट के तीर्थ स्थानों का भी दर्शन किया था। जिला मुख्यालय में पैदल मार्च कर स्थानीय व्यापारियों से भी मिले थे। राष्ट्रीय स्वयं संघ से जुड़े नेता नानाजी देशमुख से भी मिलकर उनके कार्यों को सराहा था।