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कानपुर पहुंचे मुकुल सिंघल: बोले- घोटाले के आरोपी अफसरों पर होगी कार्रवाई, 15 लाख लोगों को मिलेगी घरौनी
Sat, 25 Sep 2021 11:19 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sat, 25 Sep 2021 11:19 PM IST
सार
मुकुल सिंघल मीडिया से मुखातिब हुए तो भविष्य में होने वाले कार्यों का जिक्र किया। शादी अनुदान और पारिवारिक लाभ योजना में घपलेबाजी में सिर्फ लेखपालों पर कार्रवाई करके प्रशासनिक अफसरों को बचाने का सवाल उठा तो तत्काल ही मंडलायुक्त से कहा कि सभी आरोपी अफसरों की फाइल उन तक पहुंचाएं। जल्द कार्रवाई की जाएगी।
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राजस्व परिषद के चेयरमैन मुकुल सिंघल
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद के अध्यक्ष मुकुल सिंघल ने शादी अनुदान और पारिवारिक लाभ योजना में हुए घोटाले में राजस्व अफसरों पर लगे आरोपों को गंभीरता से लिया है। उन्होंने मंडलायुक्त डॉ. राजशेखर से ऐसे अफसरों का ब्योरा मांगा है, जो घपलेबाजी के समय यहां तैनात रहे।
हालांकि, तत्कालीन डीएम आलोक तिवारी दो नायब तहसीलदारों अरसला नाज और विराग करवरिया व तहसीलदार अमित गुप्ता के निलंबन और विभागीय जांच की संस्तुति शासन से पहले ही कर चुके हैं, लेकिन कार्रवाई के बजाय उन्हें प्रमोशन मिल गया।
राजस्व परिषद का अध्यक्ष बनने के बाद मुकुल सिंघल पहली बार कानपुर के दौरे पर आए। हालांकि, किसी भी राजस्व परिषद के अध्यक्ष का यह पांच साल बाद दौरा था। उन्होंने शनिवार को सबसे मंडलायुक्त कार्यालय का निरीक्षण किया। रुद्राक्ष का पौधा रोपा। इसके बाद मंडल के सभी जिलाधिकारियों के साथ बैठक की।
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मीडिया से मुखातिब हुए तो भविष्य में होने वाले कार्यों का जिक्र किया। शादी अनुदान और पारिवारिक लाभ योजना में घपलेबाजी में सिर्फ लेखपालों पर कार्रवाई करके प्रशासनिक अफसरों को बचाने का सवाल उठा तो तत्काल ही मंडलायुक्त से कहा कि सभी आरोपी अफसरों की फाइल उन तक पहुंचाएं। जल्द कार्रवाई की जाएगी।
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हालांकि, तत्कालीन डीएम आलोक तिवारी दो नायब तहसीलदारों अरसला नाज और विराग करवरिया व तहसीलदार अमित गुप्ता के निलंबन और विभागीय जांच की संस्तुति शासन से पहले ही कर चुके हैं, लेकिन कार्रवाई के बजाय उन्हें प्रमोशन मिल गया।
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राजस्व परिषद का अध्यक्ष बनने के बाद मुकुल सिंघल पहली बार कानपुर के दौरे पर आए। हालांकि, किसी भी राजस्व परिषद के अध्यक्ष का यह पांच साल बाद दौरा था। उन्होंने शनिवार को सबसे मंडलायुक्त कार्यालय का निरीक्षण किया। रुद्राक्ष का पौधा रोपा। इसके बाद मंडल के सभी जिलाधिकारियों के साथ बैठक की।
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मीडिया से मुखातिब हुए तो भविष्य में होने वाले कार्यों का जिक्र किया। शादी अनुदान और पारिवारिक लाभ योजना में घपलेबाजी में सिर्फ लेखपालों पर कार्रवाई करके प्रशासनिक अफसरों को बचाने का सवाल उठा तो तत्काल ही मंडलायुक्त से कहा कि सभी आरोपी अफसरों की फाइल उन तक पहुंचाएं। जल्द कार्रवाई की जाएगी।
15 लाख लोगों को मिलेगी घरौनी
मुकुल सिंघल ने बताया कि देशभर में गांवों में बने घरों का चिंह्नाकन हो रहा है। इसका काम यूपी में सबसे तेजी से चल रहा है। अगले कुछ महीने में प्रदेश में 15 लाख लोगों को घरौनी देने की तैयारी है। यानी गांवों में जितने भी लोग अपने घरों मेें रहते हैं, उनके पास इस बात का प्रमाण होगा कि संबंधित मकान उनका है। घरौनी प्रमाणपत्र में मकान का क्षेत्रफल दर्ज होगा। हालांकि, कानपुर मंडल में काम धीमा चल रहा है। केंद्र सरकार से ड्रोन की संख्या बढ़ाने का अनुरोध किया गया है। सभी जिलाधिकारियों से कहा गया कि एक ड्रोन से एक दिन में आठ गांवों का सर्वे कराएं।
लेखपालों के होंगे प्रमोशन, मिलेंगे नायब तहसीलदार
मुकुल सिंघल ने स्वीकारा कि प्रदेश में लेखपालों के आठ हजार पद रिक्त हैं। तमाम जिलों में नायब तहसीलदार नहीं हैं। इससे अवैध कब्जों पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। शासन ने इसे गंभीरता से लिया है। जल्द ही लेखपालों और राजस्व निरीक्षकों के प्रमोशन होंगे और रिक्त पद भरे जाएंगे। सभी जिलों में एक से दो माह में नायब तहसीलदारों के भी पद भर दिए जाएंगे। इसके बाद अवैध कब्जों पर व्यापक अभियान चलाया जाएगा।
मुकुल सिंघल ने बताया कि देशभर में गांवों में बने घरों का चिंह्नाकन हो रहा है। इसका काम यूपी में सबसे तेजी से चल रहा है। अगले कुछ महीने में प्रदेश में 15 लाख लोगों को घरौनी देने की तैयारी है। यानी गांवों में जितने भी लोग अपने घरों मेें रहते हैं, उनके पास इस बात का प्रमाण होगा कि संबंधित मकान उनका है। घरौनी प्रमाणपत्र में मकान का क्षेत्रफल दर्ज होगा। हालांकि, कानपुर मंडल में काम धीमा चल रहा है। केंद्र सरकार से ड्रोन की संख्या बढ़ाने का अनुरोध किया गया है। सभी जिलाधिकारियों से कहा गया कि एक ड्रोन से एक दिन में आठ गांवों का सर्वे कराएं।
लेखपालों के होंगे प्रमोशन, मिलेंगे नायब तहसीलदार
मुकुल सिंघल ने स्वीकारा कि प्रदेश में लेखपालों के आठ हजार पद रिक्त हैं। तमाम जिलों में नायब तहसीलदार नहीं हैं। इससे अवैध कब्जों पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। शासन ने इसे गंभीरता से लिया है। जल्द ही लेखपालों और राजस्व निरीक्षकों के प्रमोशन होंगे और रिक्त पद भरे जाएंगे। सभी जिलों में एक से दो माह में नायब तहसीलदारों के भी पद भर दिए जाएंगे। इसके बाद अवैध कब्जों पर व्यापक अभियान चलाया जाएगा।
कब्जों से मुक्त कराएंगे तालाब
तालाबों पर हुए कब्जों के सवाल पर उन्होंने बताया कि मंडलायुक्त ने योजना तैयार की है। उस पर काम हो रहा है। सभी ग्राम पंचायतों, नगर पंचायतों और ब्लॉकों से तालाबों का विवरण मांगा गया है। सभी का मिलान फसली वर्ष 1359 से किया जा रहा है। एसडीएम कोर्ट में वाद दाखिल कर उन्हें अवैध कब्जों से मुक्त कराया जाएगा।
मंडलायुक्त का नया कार्यालय बनेगा
मंडलायुक्त ने राजस्व परिषद अध्यक्ष को बताया कि उनका कार्यालय 100 वर्ष पूरे कर चुका है। इमारत की आयु लगभग पूर्ण हो चुकी है। नवीन कार्यालय भवन का निर्माण दो चरणों में कराने का आग्रह किया। इस पर अध्यक्ष ने विस्तृत विवरण के साथ प्रस्ताव परिषद को भेजने के निर्देश दिए।
तालाबों पर हुए कब्जों के सवाल पर उन्होंने बताया कि मंडलायुक्त ने योजना तैयार की है। उस पर काम हो रहा है। सभी ग्राम पंचायतों, नगर पंचायतों और ब्लॉकों से तालाबों का विवरण मांगा गया है। सभी का मिलान फसली वर्ष 1359 से किया जा रहा है। एसडीएम कोर्ट में वाद दाखिल कर उन्हें अवैध कब्जों से मुक्त कराया जाएगा।
मंडलायुक्त का नया कार्यालय बनेगा
मंडलायुक्त ने राजस्व परिषद अध्यक्ष को बताया कि उनका कार्यालय 100 वर्ष पूरे कर चुका है। इमारत की आयु लगभग पूर्ण हो चुकी है। नवीन कार्यालय भवन का निर्माण दो चरणों में कराने का आग्रह किया। इस पर अध्यक्ष ने विस्तृत विवरण के साथ प्रस्ताव परिषद को भेजने के निर्देश दिए।