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Mukhtar Ansari: पिता को देखने न दिए जाने पर बेटे ने जताई नाराजगी, उमर बोला- रक्षक बने भक्षक, दूर नहीं है 2024
Tue, 26 Mar 2024 08:53 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा
Published by: शिखा पांडेय
Updated Tue, 26 Mar 2024 08:53 PM IST
सार
पिता मुख्तार अंसारी को देखने न दिए जाने पर बेटे उमर ने नाराजगी जताई। भावुक होकर उमर ने कहा कि 26 साल की उम्र में करीब 25 साल अपने पिता से दूर रहा हूं, हमने कभी ईद और बकरीद की खुशियां नहीं मनाई। बिना पिता के कैसे कोई खुशी मना सकता है।
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उमर अंसारी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बांदा मेडिकल कॉलेज पहुंचा माफिया का बेटा उमर अंसारी भी स्थानीय प्रशासन पर जमकर बरसा। उसका कहना था कि इंसानियत भी कोई चीज होती है। पुलिसिया कार्रवाई और डंडा तो ठीक है, लेकिन 900 किलोमीटर की दूरी तय करके आया था, उसे अपने पिता को शीशे से भी देखने नहीं दिया गया। उसे कानून पर भरोसा है। यहां तो रक्षक ही भक्षक बने हुए हैं। ठीक है कोई बात नहीं है, 2024 दूर नहीं है।
भावुक होकर उमर ने कहा कि 26 साल की उम्र में करीब 25 साल अपने पिता से दूर रहा हूं, हमने कभी ईद और बकरीद की खुशियां नहीं मनाई। बिना पिता के कैसे कोई खुशी मना सकता है। आज यह हालात देखने पड़ रहे हैं कि बुलवाने पर भी पिता से नहीं मिलने दिया जा रहा है। कोई कहता है डीएम से बात कर लो तो कोई एसपी से मिलने की बात कहता है। लोग जान लें कि मौत और जिंदगी का मालिक सिवाय अल्लाह के कोई नहीं है।
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भावुक होकर उमर ने कहा कि 26 साल की उम्र में करीब 25 साल अपने पिता से दूर रहा हूं, हमने कभी ईद और बकरीद की खुशियां नहीं मनाई। बिना पिता के कैसे कोई खुशी मना सकता है। आज यह हालात देखने पड़ रहे हैं कि बुलवाने पर भी पिता से नहीं मिलने दिया जा रहा है। कोई कहता है डीएम से बात कर लो तो कोई एसपी से मिलने की बात कहता है। लोग जान लें कि मौत और जिंदगी का मालिक सिवाय अल्लाह के कोई नहीं है।
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जब वहां से परवाना कट जाएगा तो कोई बचा नहीं सकता है। कहा कि इससे पहले भी पिता को जेल में जहर दिया गया था और वह लखनऊ पीजीआई में भर्ती हुए थे। वहां से फिर उन्हें वापस बांदा जेल में ही लाकर डाल दिया गया। जब सबकुछ जेल प्रशासन को ही करना है, उन्हें ही रखना और खाना देना है मतलब जब रक्षक ही भक्षक बन जाएगा तो कोई क्या करेगा, लेकिन लोग यह भी जान ले कि बचाने वाला अल्लाह है। हम तो यह चाहते हैं कि वह न्यायिक अभिरक्षा में हैं और सुरक्षित रहें। आखिरी तक उमर ने 2024 का मतलब स्पष्ट नहीं किया, सिर्फ इतना ही कहा कि सबकुछ लोगों के सामने हैं और सामने आएगा भी।
सांसद ने कहा कि मुख्यमंत्री से भी मिलेंगे
सांसद अफजाल अंसारी ने बताया कि इस वक्त सूबे के मुखिया गोरखपुर स्थित मंदिर के होली कार्यक्रम में व्यस्त हैं। लिहाजा उनसे मुलाकात संभव नहीं है, लेकिन वह उनसे मिलकर जेल प्रशासन की लापरवाही की बात उनके सामने जरूर रखेंगे।
सांसद अफजाल अंसारी ने बताया कि इस वक्त सूबे के मुखिया गोरखपुर स्थित मंदिर के होली कार्यक्रम में व्यस्त हैं। लिहाजा उनसे मुलाकात संभव नहीं है, लेकिन वह उनसे मिलकर जेल प्रशासन की लापरवाही की बात उनके सामने जरूर रखेंगे।
दवा के लिए बोला मुख्तार, या अल्लाह मुझे माफ करना
मुख्तार धर्म के प्रति आस्थावान है। जेल में हमेशा वह रमजान में रोजा रखता था और चार बार नमाज अदा करता था। इस बार भी वह रोजे से है, लेकिन बीमारी के कारण उसका रोजा टूट गया और उसे दवाएं खानी पड़ी। मेडिकल कॉलेज के एक स्वास्थ्य कर्मी ने बताया कि मुख्तार ने धीमे से कहा कि दवा खाते वक्त कहा अल्लाह मुझे माफ करना। माफिया पर आई मुसीबत से इस बार जेल के रोजदार कैदी भी कम परेशान नहीं है। उन्हें हर बार रमजान पर इफ्तार के वक्त मुख्तार की ओर से मिलने वाले फलों से भी वंचित होना पड़ रहा है।
मुख्तार धर्म के प्रति आस्थावान है। जेल में हमेशा वह रमजान में रोजा रखता था और चार बार नमाज अदा करता था। इस बार भी वह रोजे से है, लेकिन बीमारी के कारण उसका रोजा टूट गया और उसे दवाएं खानी पड़ी। मेडिकल कॉलेज के एक स्वास्थ्य कर्मी ने बताया कि मुख्तार ने धीमे से कहा कि दवा खाते वक्त कहा अल्लाह मुझे माफ करना। माफिया पर आई मुसीबत से इस बार जेल के रोजदार कैदी भी कम परेशान नहीं है। उन्हें हर बार रमजान पर इफ्तार के वक्त मुख्तार की ओर से मिलने वाले फलों से भी वंचित होना पड़ रहा है।