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Banda News: जानलेवा हमले में तीन भाइयों को सात-सात साल की सजा
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-18 मई 2003 की घटना, जमीन की रंजिश में दिया था घटना को अंजाम
संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा। जमीन की रंजिश में राइफल से फायर कर अनुसूचित जाति के व्यक्ति को घायल करने के दोषी तीन सगे भाइयों को विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी न्यायालय डाॅ. विकास श्रीवास्तव की अदालत ने सात-सात साल कठोर कारावास की सजा सुनाई है। 21 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। तीनों दोषियों को न्यायालय ने जेल भेज दिया है।
विशेष लोक अभियोजक ने बताया कि गिरवां थाना क्षेत्र के गांव मकरी निवासी शिवशरण सिंह ने 18 मई 2003 में थाने में मुकदमा दर्ज कराया था कि उनका गांव के रामबरन से जमीन का विवाद चलता है। घटना वाले दिन जमीन की नाप होनी थी। तत्कालीन तहसीलदार ने जमीन की नाप कराई थी। शाम के समय वह प्रयागराज जाने के लिए खुरहंड रेलवे स्टेशन जा रहे थे, तभी रेलवे स्टेशन के पास हनुमान मंदिर के पास घात लगाए रामबरन व उनके भाइयों उदयभान, सुरेंद्र ने अपने साथी कल्लू के साथ उनको घेर लिया और रामबरन ने अपनी राइफल ने उनके ऊपर फायर झोंक दिया था। फायर शिवशरण सिंह के न लगकर वहां से गुजर रहे मनोहर पुरवा निवासी अनुसूचित जाति के राजकुमार के पैर में लग गया था, गाेली लगने से वह गंभीर घायल हो गएथे। शिवशरण सिंह ने चारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें मुकदमा दौरान विचारण आरोपी कल्लू की मौत हो गई थी। इस मामले की विवेचना तत्कालीन सीओ रणधीर सिंह ने करके केस डायरी न्यायालय में प्रस्तुत की थी। मामले में गवाहों के बयानों और साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने तीनों दोषी भाइयों को सजा सुनाई है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा। जमीन की रंजिश में राइफल से फायर कर अनुसूचित जाति के व्यक्ति को घायल करने के दोषी तीन सगे भाइयों को विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी न्यायालय डाॅ. विकास श्रीवास्तव की अदालत ने सात-सात साल कठोर कारावास की सजा सुनाई है। 21 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। तीनों दोषियों को न्यायालय ने जेल भेज दिया है।
विशेष लोक अभियोजक ने बताया कि गिरवां थाना क्षेत्र के गांव मकरी निवासी शिवशरण सिंह ने 18 मई 2003 में थाने में मुकदमा दर्ज कराया था कि उनका गांव के रामबरन से जमीन का विवाद चलता है। घटना वाले दिन जमीन की नाप होनी थी। तत्कालीन तहसीलदार ने जमीन की नाप कराई थी। शाम के समय वह प्रयागराज जाने के लिए खुरहंड रेलवे स्टेशन जा रहे थे, तभी रेलवे स्टेशन के पास हनुमान मंदिर के पास घात लगाए रामबरन व उनके भाइयों उदयभान, सुरेंद्र ने अपने साथी कल्लू के साथ उनको घेर लिया और रामबरन ने अपनी राइफल ने उनके ऊपर फायर झोंक दिया था। फायर शिवशरण सिंह के न लगकर वहां से गुजर रहे मनोहर पुरवा निवासी अनुसूचित जाति के राजकुमार के पैर में लग गया था, गाेली लगने से वह गंभीर घायल हो गएथे। शिवशरण सिंह ने चारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें मुकदमा दौरान विचारण आरोपी कल्लू की मौत हो गई थी। इस मामले की विवेचना तत्कालीन सीओ रणधीर सिंह ने करके केस डायरी न्यायालय में प्रस्तुत की थी। मामले में गवाहों के बयानों और साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने तीनों दोषी भाइयों को सजा सुनाई है।
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