Kanpur Flood: पानी घटने से गांवों में कीचड़, सूखने के बाद ग्रामीण जाएंगे घर, चार सितंबर तक हालात होंगे सामान्य
Kanpur News: नरौरा और हरिद्वार से कम पानी छोड़े जाने से गंगा का जलस्तर थम गया है। इस वजह से गांवों और खेतों में भरा पानी तेजी के साथ घट रहा हैं। अधिकारियों का दावा है कि चार दिन में पूरी तरह से गांव का पानी सूख जाएगा।
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कानपुर में गंगा का जलस्तर थमने के साथ ही कटरी से जुड़े गांवों की स्थिति धीरे-धीरे सुधरने लगी है। घरों से पानी निकल गया है। अब सिर्फ भोपालपुरवा, भगवानदीन पुरवा, चैनपुरवा गांव के आसपास पानी भरा है। पानी घटते ही गांवों में कीचड़ हो गया है। हालांकि ग्रामीणों को अभी घर नहीं भेजा जा रहा हैं।
पानी पूरी तरह सूख जाने के बाद ही उन्हें घर जाने की अनुमति मिलेगी। राहत शिविर पर ही रोका जाएगा। इस वजह से ग्रामीणों ने राहत शिविर में ही रक्षाबंधन का पर्व मनाया। वहीं जिन गांवों में पानी घटा है, वहां पर साफ-सफाई के साथ दवा का छिड़काव कराया जा रहा है।
गंगा का जलस्तर अभी भी खतरे के निशान से 45 सेंटीमीटर ऊपर है। नरौरा और हरिद्वार से कम पानी छोड़े जाने से गंगा का जलस्तर थम गया है। इस वजह से गांवों और खेतों में भरा पानी तेजी के साथ घट रहा हैं। अधिकारियों का दावा है कि चार दिन में पूरी तरह से गांव का पानी सूख जाएगा। गुरुवार को ने ग्रामीणों को लंच पैकेट बांटे गए।
1.10 लाख क्यूसेक पानी आया, 3.80 लाख छोड़ा गया
बैराज पंप ऑपरेटर उमेश पाल के मुताबिक पहले नरौरा और हरिद्वार से चार लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी आ रहा था, लेकिन अब यह सिमटकर एक लाख और एक लाख 20 हजार क्यूसेक तक रह गया है। गुरुवार को नरौरा और हरिद्वार से 1.10 लाख क्यूसेक पानी छोड़ गया, जबकि बैराज से शुक्लागंज की ओर 3.80 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इस वजह से कटरी से जुड़े गांवों में पानी तेजी से घट रहा है।
चार सितंबर तक हालात हो जाएंगे सामान्य
कटरी के ज्यादातर बाढ़ प्रभावित गांवों से पानी निकल चुका है। अभी चैनपुरवा, भोपाल पुरवा, भगवानदीनपुरवा में पानी है। इन गांवों में भी पानी तेजी के साथ घट रहा है। पंप ऑपरेटर उमेश पाल ने बताया कि 4 सितंबर तक हालात सामान्य होने के आसार हैं। इसके बाद ग्रामीणों को राहत शिविर से गांव भेजा जा सकता है।
एक नजर गंगा जल स्तर पर
- 114.450 मीटर जलस्तर बैराज पर अपस्ट्रीम में।
- 114.250 मीटर जलस्तर बैराज पर डाउनस्ट्रीम में।
- 387177 क्यूसेक पानी शुक्लागंज की ओर छोड़ा गया।
- 112.940 मीटर जलस्तर शुक्लागंज गेट पर।
- 46458 क्यूसेक पानी नरौरा से छोड़ा गया।
- 64577 क्यूसेक पानी हरिद्वार से छोड़ा गया।
घरों से पानी हट चुका है। अब केवल तीन गांवों के आसपास पानी बचा है। गांवों में पानी सूखने के बाद ही लोगों को घर जाने की अनुमति दी जाएगी। -इरितेश कुमार, तहसीलदार, सदर