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आज से बसों में एमएसटी शुरू, एंडेड कार्ड बंद, यात्रियों के लिए जरूरी जानकारी
Mon, 16 Mar 2020 11:53 AM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Mon, 16 Mar 2020 11:53 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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कानपुर में अब तक रोडवेज बसों में चल रहे स्मार्ट कार्ड या ओपेन एंडेड कार्ड धारकों को 16 मार्च से बसों में पूरा किराया देना होगा। ये कार्ड 15 मार्च की रात 12 बजे तक ही काम करेंगे। 16 मार्च से मैन्युअली एमएसटी बनने लगेगी।
ओपन एंडेड कार्ड में जो बैलेंस बचा होगा, उसे रोडवेज की तरफ से एक अप्रैल से वापस किया जाने लगेगा। दरअसल, अभी तक ओपन एंडेड कार्ड ही एमएसटी का विकल्प थे लेकिन अब मैन्युअली एमएसटी छह साल बाद 16 मार्च से शुरू होने जा रही है। इसलिए इसे खत्म किया जा रहा है।
ओपन एंडेड कार्ड से हो रहा था नुकसान
तमाम बार बसों में ओपन एंडेड कार्ड धारक यात्री कंडक्टर की स्वैप मशीन से कार्ड स्वैप न होने पर भुगतान से बच जाते थे। अगर कंडक्टर उनसे टिकट बनवाने को कहता तो झगड़ा हो जाता था। कई बार यात्री खुद भी अपने कार्ड की ब्लैक स्वैप स्ट्रिप को खुरच देते थे, जिससे वह काम नहीं करता था। इसलिए दोबारा मैन्युअली एमएसटी को शुरू कराने की अनुमति मिली है। ओपन एंडेड कार्ड में यात्रियों को नाम मात्र की छूट मिलती थी, जबकि एमएसटी बनवाने पर 40 प्रतिशत तक की छूट मिलती है।
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ओपन एंडेड कार्ड में जो बैलेंस बचा होगा, उसे रोडवेज की तरफ से एक अप्रैल से वापस किया जाने लगेगा। दरअसल, अभी तक ओपन एंडेड कार्ड ही एमएसटी का विकल्प थे लेकिन अब मैन्युअली एमएसटी छह साल बाद 16 मार्च से शुरू होने जा रही है। इसलिए इसे खत्म किया जा रहा है।
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ओपन एंडेड कार्ड से हो रहा था नुकसान
तमाम बार बसों में ओपन एंडेड कार्ड धारक यात्री कंडक्टर की स्वैप मशीन से कार्ड स्वैप न होने पर भुगतान से बच जाते थे। अगर कंडक्टर उनसे टिकट बनवाने को कहता तो झगड़ा हो जाता था। कई बार यात्री खुद भी अपने कार्ड की ब्लैक स्वैप स्ट्रिप को खुरच देते थे, जिससे वह काम नहीं करता था। इसलिए दोबारा मैन्युअली एमएसटी को शुरू कराने की अनुमति मिली है। ओपन एंडेड कार्ड में यात्रियों को नाम मात्र की छूट मिलती थी, जबकि एमएसटी बनवाने पर 40 प्रतिशत तक की छूट मिलती है।
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यहां से ऐसे बनवाएं एमएसटी
झकरकटी बस अड्डे पर सुबह छह बजे से रात 10 बजे तक एमएसटी बनाने के लिए काउंटर बनाया जाएगा। रावतपुर और चुन्नीगंज बस अड्डे पर आम दिनों में एक शिफ्ट और महीने की शुरुआत व अंत के एक-एक सप्ताह दो शिफ्ट में एमएसटी बनेंगी। दैनिक यात्री महीने में सभी दिन यात्रा करता है तो 30 दिन में 60 ट्रिप के एवज में 36 ट्रिप का ही पैसा लिया जाता है।
छात्रों सेे 25 ट्रिप का किराया लेकर महीने भर की एमएसटी बनाई जाएगी। इसके लिए यात्री अपना आधार कार्ड (या दूसरा पहचान पत्र) और दो फोटो लेकर जाएं। पहली बार में 20 रुपये एमएसटी बनवाने का चार्ज देना होगा। हर महीने रिन्यूवल कराने के पांच रुपये लगेंगे। एमएसटी अधिकतम 100 किलोमीटर तक मान्य होती है।
रोडवेज के आरएम संजीव कुमार शर्मा ने बताया कि 16 से ओपन एंडेड कार्ड मान्य नहीं होंगे। जिनके पास यह कार्ड होंगे, उन्हें भी टिकट बनवाना होगा। अगर किसी के कार्र्ड में बैलेंस पड़ा हुआ है तो उसे वापस करने की प्रक्रिया एक अप्रैल से शुरू होगी।
झकरकटी बस अड्डे पर सुबह छह बजे से रात 10 बजे तक एमएसटी बनाने के लिए काउंटर बनाया जाएगा। रावतपुर और चुन्नीगंज बस अड्डे पर आम दिनों में एक शिफ्ट और महीने की शुरुआत व अंत के एक-एक सप्ताह दो शिफ्ट में एमएसटी बनेंगी। दैनिक यात्री महीने में सभी दिन यात्रा करता है तो 30 दिन में 60 ट्रिप के एवज में 36 ट्रिप का ही पैसा लिया जाता है।
छात्रों सेे 25 ट्रिप का किराया लेकर महीने भर की एमएसटी बनाई जाएगी। इसके लिए यात्री अपना आधार कार्ड (या दूसरा पहचान पत्र) और दो फोटो लेकर जाएं। पहली बार में 20 रुपये एमएसटी बनवाने का चार्ज देना होगा। हर महीने रिन्यूवल कराने के पांच रुपये लगेंगे। एमएसटी अधिकतम 100 किलोमीटर तक मान्य होती है।
रोडवेज के आरएम संजीव कुमार शर्मा ने बताया कि 16 से ओपन एंडेड कार्ड मान्य नहीं होंगे। जिनके पास यह कार्ड होंगे, उन्हें भी टिकट बनवाना होगा। अगर किसी के कार्र्ड में बैलेंस पड़ा हुआ है तो उसे वापस करने की प्रक्रिया एक अप्रैल से शुरू होगी।