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एवरेस्ट फतेह करने वाली पहली भारतीय महिला बछेंद्री पाल ने यहां साझा किए अपने अनुभव

Sat, 13 Oct 2018 04:44 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Updated Sat, 13 Oct 2018 04:44 PM IST
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Mountaineer Bachendri says it was tough to plan for Mount Everest expedition
बछेंद्री पाल पहुंची फर्रूखाबाद
यूपी के फर्रुखाबाद जिले में पहुंची माउंट एवरेस्ट पर फतेह करने वाली भारत की पहली महिला बछेन्द्री पाल ने यहां अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि मेरे लिए दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट को फतह करने से ज्यादा मुश्किल काम उस समय अभियान पर निकलना था। आज पहले जैसे हालात नहीं हैं। अब तो चीजें सोच से बदलती हैं। 
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बछेन्द्री पाल समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को काफी महत्वपूर्ण समझते हुए अब गंगा नदी के सफाई के मिशन पर हैं। उनका अभियान उत्तराखंड के हरिद्वार से शुरु हुआ है जो कि पटना में समाप्त होगा। इस अभियान के तहत अपने दल के साथ शुक्रवार रात फर्रुखाबाद पहुंची। यहां उन्होंने गंगा सफाई अभियान को लेकर नुक्कड़ नाटक भी देखा। इसके साथ सेंट्रल स्कूल के बच्चों के साथ अपने अनुभवों को साझा किया। उन्होंने कहा कि गंगा के प्रति हमें अपनी सोच बदलनी होगी। गंगा नदी जिसे हम अपनी मां कहते हैं, जिसमें हमारी आस्था है, वह हमारी वजह से आज कराह रही है। यह कैसी आस्था है। हमें अपनी सोच बदलनी पड़ेगी।
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Mountaineer Bachendri says it was tough to plan for Mount Everest expedition
बछेंद्री पाल पहुंची फर्रूखाबाद
जिले में आज सुबह गंगा के किनारे पांचाल घाट पर प्रभात फेरी के बाद सांकेतिक सफाई अभियान चलाया गया। इसके बाद बछेंद्री पाल और उनके साथ आए दल के सदस्यों ने सेंट्रल स्कूल पहुंचकर छात्रों से भेंट की। स्कूल में पौधरोपण भी किया गया।

यहां उन्होंने अपने अनुभव सांझा करते हुए कहा कि आज से लगभग दो दशक पूर्व एवरेस्ट पर चढ़कर उस पर तिरंगा लहराने से ज्यादा मुश्किलें उन्हें इस अभियान पर निकलने का फैसला करने में आई थीं। उस एक फैसले ने पूरे देश की सोच महिलाओं की हिम्मत के प्रति बदल दी है। कहा कि जब वह एवरेस्ट से लौटी थी तो लगभग 500 किलो कचरा साथ लाई थीं। जब एवरेस्ट से कचरा लाया जा सकता है, तो गंगा से कचरा साफ क्यों नहीं किया जा सकता। सभी को अपनी आस्था के दृष्टिकोण को बदलना चाहिए। इस दृष्टिकोण में अगर हमने परिवर्तन कर लिया तो गंगा को साफ होने में समय नहीं लगेगा। 
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