{"_id":"6987264b948cde9bb90137ba","slug":"mother-lost-her-life-due-to-the-obsession-with-making-reels-her-four-year-old-daughter-was-filming-the-video-2026-02-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"UP: रील बनाते-बनाते मां ने लगाया फंदा, चार साल की बेटी बना रही थी वीडियो; कैमरे में कैद हुई घटना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP: रील बनाते-बनाते मां ने लगाया फंदा, चार साल की बेटी बना रही थी वीडियो; कैमरे में कैद हुई घटना
Sat, 07 Feb 2026 05:29 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sat, 07 Feb 2026 05:29 PM IST
सार
रील रिकॉर्ड कराने के लिए मासूम को मोबाइल फोन थमाया था। बेटी कैमरा चला रही थी। मां वीडियो शूट कर रही थी।
विज्ञापन
मोहिनी की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सोशल मीडिया पर वायरल होने की सनक ने एक परिवार को उजाड़ दिया। रील बनाने की कोशिश में महिला की फंदा कसने से मौत हो गई। जबकि उसकी चार वर्षीय बेटी अनजाने में इस घटना की गवाह बनी। वह मां के फंदा लगाने का वीडियो बना रही थी। पति ने बताया कि उसकी पत्नी पिछले एक महीने से यूट्यूब पर फंदा लगाने के नए-नए तरीके खोज रही थी।
पति जगदीश ने बताया कि करुइडा पुरवा निवासी महिला मोहनी सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय थी और लगातार नए वीडियो बनाने का प्रयास करती रहती थी। उसके वीडियो को लाइक और कमेंट्स न मिलने से वह परेशान थी और सोशल मीडिया पर वायरल होने के लिए तरह-तरह के प्रयास कर रही थी। शुक्रवार दोपहर को उसने फंदा लगाने का वीडियो शूट करने के लिए कैमरा चालू करके अपनी चार साल की छोटी बेटी को मोबाइल पकड़ा दिया और रील बनाने के लिए साड़ी से फंदा लगाया। फंदा कसने से उसकी मौत हो गई। काफी देर तक मोहिनी ने आंखे नहीं खोली तो बेटी डर कर रोने लगी। बेटी का शोर सुनकर परिजन पहुंचे और उसे फंदे से नीचे उतारा। तब तक मोहिनी की सांसें टूट चुकी थीं।
जगदीश के मुताबिक उसने कई बार मोहनी को रील बनाने और देखने से रोकने का प्रयास किया लेकिन उसका कोई असर नहीं हुआ। पिछले कुछ दिनों से वह फंदा लगाने के वीडियो ही देख रही थी। वीडियो में पूरी घटना रिकार्ड हुई है। कोतवाली प्रभारी राजेंद्र सिंह राजावत ने बताया कि मोबाइल जब्त कर जांच की जा रही है।
विज्ञापन
मनोवैज्ञानिक डॉ. विनीत सचान का मानना है कि इस हादसे का बच्ची और परिवार पर लंबे समय तक गहरा मानसिक असर रहेगा। इस तरह का जुनून अपने ऊपर हावी न होने दें। खाली समय में मोबाइल पर रील और वीडियो आदि देखने से परहेज करें।
विज्ञापन
पति जगदीश ने बताया कि करुइडा पुरवा निवासी महिला मोहनी सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय थी और लगातार नए वीडियो बनाने का प्रयास करती रहती थी। उसके वीडियो को लाइक और कमेंट्स न मिलने से वह परेशान थी और सोशल मीडिया पर वायरल होने के लिए तरह-तरह के प्रयास कर रही थी। शुक्रवार दोपहर को उसने फंदा लगाने का वीडियो शूट करने के लिए कैमरा चालू करके अपनी चार साल की छोटी बेटी को मोबाइल पकड़ा दिया और रील बनाने के लिए साड़ी से फंदा लगाया। फंदा कसने से उसकी मौत हो गई। काफी देर तक मोहिनी ने आंखे नहीं खोली तो बेटी डर कर रोने लगी। बेटी का शोर सुनकर परिजन पहुंचे और उसे फंदे से नीचे उतारा। तब तक मोहिनी की सांसें टूट चुकी थीं।
विज्ञापन
जगदीश के मुताबिक उसने कई बार मोहनी को रील बनाने और देखने से रोकने का प्रयास किया लेकिन उसका कोई असर नहीं हुआ। पिछले कुछ दिनों से वह फंदा लगाने के वीडियो ही देख रही थी। वीडियो में पूरी घटना रिकार्ड हुई है। कोतवाली प्रभारी राजेंद्र सिंह राजावत ने बताया कि मोबाइल जब्त कर जांच की जा रही है।
विज्ञापन
मनोवैज्ञानिक डॉ. विनीत सचान का मानना है कि इस हादसे का बच्ची और परिवार पर लंबे समय तक गहरा मानसिक असर रहेगा। इस तरह का जुनून अपने ऊपर हावी न होने दें। खाली समय में मोबाइल पर रील और वीडियो आदि देखने से परहेज करें।