{"_id":"587b056d4f1c1b222aba917e","slug":"mother-and-son-death-into-river-water","type":"story","status":"publish","title_hn":"अपने 'जिगर के टुकड़ों' के साथ नदी में डूबी मां, गोताखोरों ने 4 लाशें निकालीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अपने 'जिगर के टुकड़ों' के साथ नदी में डूबी मां, गोताखोरों ने 4 लाशें निकालीं
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Mon, 16 Jan 2017 07:54 AM IST
विज्ञापन
पुलिस ने सभी लाशें निकाल ली हैं
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
टायर ट्यूब पर बैठकर नदी पार कर रही मां अपने तीन बच्चों के साथ पानी के तेज बहाव में डूब गयी। पुलिस ने सभी की लाशें निकाल ली हैं। जनपद महोबा के अजनर थाने के आरी गांव निवासी हरगोविंद रैकवार राठ कस्बे औंडेरा रोड नई बस्ती में परिवार के साथ रहता है।
शनिवार को हरगोविंद की पत्नी सुनीता (34) अपनी बेटी प्रतिमा (12), प्रिंसी (8) तथा बेटे कपिल (4) को साथ लेकर मवई गांव में मकर संक्रांति पर लगने वाला मेला देखने गई थी। मेला देखकर वह शाम को बगल के गा्ंव पथनौड़ी स्थित अपने मायके जाने लगी। शाम करीब 7:30 बजे बीच रास्ते में पड़ने वाली विरमा नदी के किनारे पहुंची।
शाम होने की वजह से नाव नहीं चल रही थी। इस पर वह नदी किनारे पड़े ट्रैक्टर टायर के ट्यूब के सहारे बच्चों को लेकर नदी पार करने लगी। नदी के बीच पहुंचने पर ट्यूब का संतुलन बिगड़ गया और चारों डूब गए। घाट पर मौजूद लोगों ने मां व बच्चों को डूबते देख शोर मचाया। कुछ देर में ग्रामीण व पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने ग्रामीणों की सहायता से नदी में जाल डलवाए।
विज्ञापन
रात करीब 12 बजे सुनीता, प्रतिमा और प्रिंसी के शव मिले। जबकि उसके बेटे कपिल का शव रविवार सुबह करीब नौ बजे निकाला गया। पुलिस की मौजूदगी में महिला व उसकी दोनों पुत्रियों के शवों का अंतिम संस्कार कर दिया गया। जबकि मासूम पुत्र को भूमि समाधि दी गई। पुलिस उपाधीक्षक विवेकानंद तिवारी ने बताया कि महिला व बच्चे ट्यूब के सहारे नदी पार करते समय डूब गए थे।
विज्ञापन
शनिवार को हरगोविंद की पत्नी सुनीता (34) अपनी बेटी प्रतिमा (12), प्रिंसी (8) तथा बेटे कपिल (4) को साथ लेकर मवई गांव में मकर संक्रांति पर लगने वाला मेला देखने गई थी। मेला देखकर वह शाम को बगल के गा्ंव पथनौड़ी स्थित अपने मायके जाने लगी। शाम करीब 7:30 बजे बीच रास्ते में पड़ने वाली विरमा नदी के किनारे पहुंची।
विज्ञापन
शाम होने की वजह से नाव नहीं चल रही थी। इस पर वह नदी किनारे पड़े ट्रैक्टर टायर के ट्यूब के सहारे बच्चों को लेकर नदी पार करने लगी। नदी के बीच पहुंचने पर ट्यूब का संतुलन बिगड़ गया और चारों डूब गए। घाट पर मौजूद लोगों ने मां व बच्चों को डूबते देख शोर मचाया। कुछ देर में ग्रामीण व पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने ग्रामीणों की सहायता से नदी में जाल डलवाए।
विज्ञापन
रात करीब 12 बजे सुनीता, प्रतिमा और प्रिंसी के शव मिले। जबकि उसके बेटे कपिल का शव रविवार सुबह करीब नौ बजे निकाला गया। पुलिस की मौजूदगी में महिला व उसकी दोनों पुत्रियों के शवों का अंतिम संस्कार कर दिया गया। जबकि मासूम पुत्र को भूमि समाधि दी गई। पुलिस उपाधीक्षक विवेकानंद तिवारी ने बताया कि महिला व बच्चे ट्यूब के सहारे नदी पार करते समय डूब गए थे।