{"_id":"5a0864f34f1c1baf678bb110","slug":"mother-and-her-daughter-forced-to-jump-of-train-due-to-misdeed","type":"story","status":"publish","title_hn":"शोहदे ट्रेन में करते रहे मां और बेटी से बदसलूकी, किसी के न आने पर मजबूरन उठाना पड़ा ये कदम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शोहदे ट्रेन में करते रहे मां और बेटी से बदसलूकी, किसी के न आने पर मजबूरन उठाना पड़ा ये कदम
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Mon, 13 Nov 2017 09:17 AM IST
विज्ञापन
घायल महिला और उसकी बेटी
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इलाहाबाद-उधमपुर एक्सप्रेस से यात्रा कर रही मां और उसकी बेटी को अपनी आबरू बचाने के लिए चलती ट्रेन से कूदना पड़ा। दोनों मदद के लिए पुकारती रहीं लेकिन जब कोई न आया तो दोनों ने ऐसा कदम उठाया।
कानपुर। शोहदों ने डरी मां-बेटी शनिवार देर रात चंदारी स्टेशन के पास चलती इलाहाबाद-उधमपुर एक्सप्रेस से कूद गईं। इससे दोनों घायल हो गई। जीआरपी प्रभारी राम मोहन राय ने बताया कि महिला की तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। प्रथम दृष्टया महिला के आरोपों में दम नजर नहीं आ रहा है।
दिल्ली के गीता नगर निवासी प्राइवेट कर्मी की पत्नी बेटी के साथ हावड़ा (कोलकता) अपने मायके गई थी। शुक्रवार को प्राइवेट कर्मी की पत्नी 12 वर्षीय बेटी के साथ हावड़ा-आनंद विहार एक्सप्रेस से दिल्ली लौट रही थीं। दोनों जनरल बोगी में यात्रा कर रही थी। महिला ने बताया कि हावड़ा से उनकी बोगी में चार-पांच युवक बैठे थे। ट्रेन चलने के बाद रास्ते में युवकों ने उनसे और बेटी से छेड़छाड़ शुरू कर दी।
विज्ञापन
महिला का आरोप है कि युवकों ने उसके साथ भी बदसलूकी की। उन्होंने विरोध किया और बोगी में मौजूद यात्रियों से मदद की गुहार लगाई, लेकिन कोई आगे नहीं आया। जब मुगलसराय स्टेशन पर ट्रेन रुकी तो उन्होंने स्टेशन पर उतर कर हंगामा किया। इसकी सूचना मिलने पर जीआरपी कर्मी आए, लेकिन शोहदे बोगी से खिसक चुके थे। इसके बाद शोहदों के डर से वह बेटी के साथ दूसरी बोगी में जाकर बैठ गईं।
इसके बाद फतेहपुर से पहले रसूलाबाद स्टेशन के पास में ट्रेन धीमी होने पर बेटी के साथ उतर गई। उसका सामान ट्रेन में ही छूट गया था। इसके बाद वे लोग रसूलाबाद स्टेशन गईं, वहां से आरपीएफ ने महिला को फतेहपुर स्टेशन भेज दिया। फतेहपुर जीआरपी थाने में उन्होंने पुलिस को पूरा वाकया बताया। ट्रेन में सामान छूटने की जानकारी भी दी। जीआरपी फतेहपुर के सूचना देने पर जीआरपी सेंट्रल ने ट्रेन से उनका बैग उतार लिया। महिला के मुताबिक फतेहपुर जीआरपी ने इलाहाबाद-उधमपुर एक्सप्रेस से उन लोगों को कानपुर भेज दिया।
महिला ने पुलिस को बताया कि शोहदों की हरकतों से वह और बेटी बहुत भयभीत थी। उन लोगों को लगा कि इस ट्रेन में भी शोहदों न चढ़ आए हो। रात अधिक होने पर शोहदे उन लोगों को आगे भी तंग करेंगे। इसी डर से वह बेटी को लेकर चंदारी स्टेशन के पास चलती ट्रेन के कूद गईं थी। इससे उन लोगों के सिर व शरीर पर चोटें आईं। घटना की सूचना पाकर जीआरपी मौके पर पहुंची और उन लोगों को हैलट में भर्ती कराया। महिला ने बताया कि उसका सामान ट्रेन में ही रह गया, जिसे सेंट्रल स्टेशन पर जीआरपी ने उतारा है।
एसपी रेलवे का बयान
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि महिला की करीबी रिश्तेदार नजरुल भी ट्रेन में सफर कर रहा था। नजरुल और मां-बेटी की बोगी में सवार अन्य यात्रियों से पूछताछ की गई, लेकिन आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है। यात्रियों का कहना है कि महिला ने कई लोगों पर बार-बार छेड़छाड़ और अपहरण की कोशिश का आरोप लगाया था। यह कहते हुए महिला ने कई बार शोर-शराबा किया था। महिला और उसकी बेटी को जीआरपी की निगरानी में स्टेशन पर सुरक्षित स्थान पर रखा गया है। महिला के पति को बुलाया गया है।
पीके मिश्रा, एसपी रेलवे
विज्ञापन
कानपुर। शोहदों ने डरी मां-बेटी शनिवार देर रात चंदारी स्टेशन के पास चलती इलाहाबाद-उधमपुर एक्सप्रेस से कूद गईं। इससे दोनों घायल हो गई। जीआरपी प्रभारी राम मोहन राय ने बताया कि महिला की तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। प्रथम दृष्टया महिला के आरोपों में दम नजर नहीं आ रहा है।
विज्ञापन
दिल्ली के गीता नगर निवासी प्राइवेट कर्मी की पत्नी बेटी के साथ हावड़ा (कोलकता) अपने मायके गई थी। शुक्रवार को प्राइवेट कर्मी की पत्नी 12 वर्षीय बेटी के साथ हावड़ा-आनंद विहार एक्सप्रेस से दिल्ली लौट रही थीं। दोनों जनरल बोगी में यात्रा कर रही थी। महिला ने बताया कि हावड़ा से उनकी बोगी में चार-पांच युवक बैठे थे। ट्रेन चलने के बाद रास्ते में युवकों ने उनसे और बेटी से छेड़छाड़ शुरू कर दी।
विज्ञापन
महिला का आरोप है कि युवकों ने उसके साथ भी बदसलूकी की। उन्होंने विरोध किया और बोगी में मौजूद यात्रियों से मदद की गुहार लगाई, लेकिन कोई आगे नहीं आया। जब मुगलसराय स्टेशन पर ट्रेन रुकी तो उन्होंने स्टेशन पर उतर कर हंगामा किया। इसकी सूचना मिलने पर जीआरपी कर्मी आए, लेकिन शोहदे बोगी से खिसक चुके थे। इसके बाद शोहदों के डर से वह बेटी के साथ दूसरी बोगी में जाकर बैठ गईं।
इसके बाद फतेहपुर से पहले रसूलाबाद स्टेशन के पास में ट्रेन धीमी होने पर बेटी के साथ उतर गई। उसका सामान ट्रेन में ही छूट गया था। इसके बाद वे लोग रसूलाबाद स्टेशन गईं, वहां से आरपीएफ ने महिला को फतेहपुर स्टेशन भेज दिया। फतेहपुर जीआरपी थाने में उन्होंने पुलिस को पूरा वाकया बताया। ट्रेन में सामान छूटने की जानकारी भी दी। जीआरपी फतेहपुर के सूचना देने पर जीआरपी सेंट्रल ने ट्रेन से उनका बैग उतार लिया। महिला के मुताबिक फतेहपुर जीआरपी ने इलाहाबाद-उधमपुर एक्सप्रेस से उन लोगों को कानपुर भेज दिया।
महिला ने पुलिस को बताया कि शोहदों की हरकतों से वह और बेटी बहुत भयभीत थी। उन लोगों को लगा कि इस ट्रेन में भी शोहदों न चढ़ आए हो। रात अधिक होने पर शोहदे उन लोगों को आगे भी तंग करेंगे। इसी डर से वह बेटी को लेकर चंदारी स्टेशन के पास चलती ट्रेन के कूद गईं थी। इससे उन लोगों के सिर व शरीर पर चोटें आईं। घटना की सूचना पाकर जीआरपी मौके पर पहुंची और उन लोगों को हैलट में भर्ती कराया। महिला ने बताया कि उसका सामान ट्रेन में ही रह गया, जिसे सेंट्रल स्टेशन पर जीआरपी ने उतारा है।
एसपी रेलवे का बयान
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि महिला की करीबी रिश्तेदार नजरुल भी ट्रेन में सफर कर रहा था। नजरुल और मां-बेटी की बोगी में सवार अन्य यात्रियों से पूछताछ की गई, लेकिन आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है। यात्रियों का कहना है कि महिला ने कई लोगों पर बार-बार छेड़छाड़ और अपहरण की कोशिश का आरोप लगाया था। यह कहते हुए महिला ने कई बार शोर-शराबा किया था। महिला और उसकी बेटी को जीआरपी की निगरानी में स्टेशन पर सुरक्षित स्थान पर रखा गया है। महिला के पति को बुलाया गया है।
पीके मिश्रा, एसपी रेलवे