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चित्रकूट: सर्पदंश से मां-बेटी की जान गई, परिवार के लोग रातभर झाड़फूंक कराते रहे
Tue, 11 Aug 2020 08:28 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
Published by: शिखा पांडेय
Updated Tue, 11 Aug 2020 08:28 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : गूगल
चित्रकूट जिले में भरतकूप थाना अंतर्गत तरावं गांव में सोमवार की रात चारपाई पर सो रही मां-बेटी को सांप ने डस लिया। परिवार के लोग रातभर झाड़फूंक कराते रहे। सुबह इलाज के दौरान बेटी की जिला अस्पताल में मौत हो गई। मां को गंभीर हालत में सतना ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई।
घटना से परिवार में कोहराम मचा है। तरावं गांव निवासी नीतू (28) पत्नी राजकुमार यादव अपनी पुत्री दीपा (9) के साथ सोमवार को चारपाई में सो रही थी। देर रात सर्प ने मां-बेटी को डस लिया। घटना की जानकारी होने पर परिवारीजन दोनों को लेकर रातभर झाड़फूंक के लिए इधर-उधर भटकते रहे।
दोनों को सुबह जिला अस्पताल लाए। जहां इलाज के दौरान पुत्री दीपा की मौत हो गई। इसके बाद डाक्टरों ने नीतू की हालत गंभीर होने पर सतना शहर के लिए रेफर कर दिया। लेकिन रास्ते में नीतू मौत हो गई। मृतका नीतू के चार पुत्रियां है। दीपा दूसरे नंबर की थी, वह कक्षा तीन में पढ़ती थी। पति राजकुमार यादव किसान है।
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झाड़फूंक के चक्कर में गई जान
ग्रामीणों की माने तो सर्प दंश के बाद मां-बेटी को अस्पताल ले जाने के बजाय परिवार के लोग झाड़फूंक कराने के लिए लेकर इधर-उधर भागते रहे। रातभर में दोनों की हालत और बिगड़ गई। सुबह अर्द्ध बेहोशी की हालत में देख परिजन दोनों को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, तबतक बहुत देर हो चुकी थी।
खुशी सुरक्षित बच गई
मृतका के पिता रामस्वरूप ने बताया कि घटना के समय एक बेटी खुशी भी मां के साथ सो रही थी। वह सर्प दंश से बच गई। कई घंटे तक वह समय ही नहीं पाए कि क्या हुआ है।
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घटना से परिवार में कोहराम मचा है। तरावं गांव निवासी नीतू (28) पत्नी राजकुमार यादव अपनी पुत्री दीपा (9) के साथ सोमवार को चारपाई में सो रही थी। देर रात सर्प ने मां-बेटी को डस लिया। घटना की जानकारी होने पर परिवारीजन दोनों को लेकर रातभर झाड़फूंक के लिए इधर-उधर भटकते रहे।
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दोनों को सुबह जिला अस्पताल लाए। जहां इलाज के दौरान पुत्री दीपा की मौत हो गई। इसके बाद डाक्टरों ने नीतू की हालत गंभीर होने पर सतना शहर के लिए रेफर कर दिया। लेकिन रास्ते में नीतू मौत हो गई। मृतका नीतू के चार पुत्रियां है। दीपा दूसरे नंबर की थी, वह कक्षा तीन में पढ़ती थी। पति राजकुमार यादव किसान है।
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झाड़फूंक के चक्कर में गई जान
ग्रामीणों की माने तो सर्प दंश के बाद मां-बेटी को अस्पताल ले जाने के बजाय परिवार के लोग झाड़फूंक कराने के लिए लेकर इधर-उधर भागते रहे। रातभर में दोनों की हालत और बिगड़ गई। सुबह अर्द्ध बेहोशी की हालत में देख परिजन दोनों को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, तबतक बहुत देर हो चुकी थी।
खुशी सुरक्षित बच गई
मृतका के पिता रामस्वरूप ने बताया कि घटना के समय एक बेटी खुशी भी मां के साथ सो रही थी। वह सर्प दंश से बच गई। कई घंटे तक वह समय ही नहीं पाए कि क्या हुआ है।