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सिख समाज के लिए सबसे ज्यादा काम मोदी सरकार में हुए: नड्डा

Tue, 23 Nov 2021 07:53 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Tue, 23 Nov 2021 07:53 PM IST
सार

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा सिख समाज के लिए जितना काम प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में हुआ है, उतना किसी सरकार में नहीं हुआ। नड्डा ने कहा कि अमृतसर में सिखों के पवित्र स्थल गुरुद्वारा हरमंदिर साहिब स्वर्ण मंदिर को विदेशी चंदा अधिनियम के तहत विदेशी चंदा लेने की छूट दी गई।

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Most work for Sikh society was done in Modi government: Nadda
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ - फोटो : amar ujala

विस्तार

भारतीय जनता पार्टी ने बूथ अध्यक्ष सम्मेलन की शुरुआत शहर से की। कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र के 52 विधानसभा के बूथ अध्यक्षों के सम्मेलन में शहर आए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने किदवईनगर के बाबा नामदेव गुरुद्वारे में श्री गुरुग्रंथ साहब के सामने माथा टेका। इसके अलावा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय मंत्री राधामोहन सिंह और उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के साथ शबद-कीर्तन में शामिल हुए।
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यहां पार्टी अध्यक्ष नड्डा ने कहा कि सिख समाज के लिए जितना काम प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में हुआ है, उतना किसी सरकार में नहीं हुआ। नड्डा ने कहा कि अमृतसर में सिखों के पवित्र स्थल गुरुद्वारा हरमंदिर साहिब स्वर्ण मंदिर को विदेशी चंदा अधिनियम के तहत विदेशी चंदा लेने की छूट दी गई।
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सिख समुदाय के लंगर पर जीएसटी हटाने का काम हो या गुरुग्रंथ साहिब को देश-दुनिया की विभिन्न भाषाओं में अनुवाद करने का मामला हो, यह सब मोदी सरकार में ही संभव हो सका है। इसी सरकार ने गुरुनानक देव विश्वविद्यालय में गुरु नानकदेव पर रिसर्च और स्टडी को आगे बढ़ाने का काम किया है।
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मोदी सरकार ने करतारपुर कॉरिडोर से सीधे पाकिस्तान के ननकाना साहिब को जोड़ने का काम किया। अफगानिस्तान में तालिबान के सत्ता संभालने के बाद जब अफरातफरी का माहौल रहा, तब केंद्र सरकार गुरु ग्रंथ साहिब को सुरक्षित और ससम्मान वापस लाई। मोदी सरकार में सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास सिर्फ शब्द ही नहीं हैं, बल्कि एक उद्देश्य है।

हिंदू मैरिज एक्ट में बदलाव से सिख समुदाय को मिली सुविधा
जेपी नड्डा ने कहा कि मोदी सरकार में हिंदू मैरिज एक्ट में परिवर्तन कर सिख समुदाय को सुविधा देने का काम किया गया। दरअसल, सिख समाज की शादियों को आनंद कारज कहा जाता है। इसमें तमाम राज्यों में अब हिंदू मैरिज एक्ट के बजाय अलग से सिख समुदाय की शादियां रजिस्टर्ड होती हैं, जिससे उनकी अलग पहचान बनी है। हालांकि यह कानून 2012 में संसद से पास हुआ, लेकिन अलग-अलग राज्यों ने इसे 2014 के बाद लागू करना शुरू किया। इस एक्ट के तहत अलग से शादियां रजिस्टर्ड होने से उनके धर्म में सिख और विवाह प्रमाण पत्र में हिंदू होने से विदेश जाने में आने वाली अड़चनें दूर हो गई हैं।

गुरुद्वारे में योगी की खामोशी पर समाज में हुई चर्चा
गुरुद्वारे में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी पहुंचे। वे शबद कीर्तन में शामिल हुए लेकिन कुछ बोले नहीं। कार्यक्रम खत्म होने के बाद इसे लेकर चर्चाएं होती रहीं। लोगों का कहना था कि सूबे के मुखिया पहली बार इस गुुरुद्वारे में आए थे तो उन्हें दो शब्द ही बोल देने चाहिए थे। गुरुद्वारे के बाहर सिख समाज के लोगों ने सभी नेताओं को भगवा रंग की दस्तार बांधी और फिर सभी अंदर पहुंचे। 

जी आया नू...
गुरुद्वारे के बाहर जी आया नू... लिखे पोस्टर चस्पा किए गए थे। इसका अर्थ होता है आपका स्वागत है। गुरुद्वारे में 140 लोगों को प्रवेश दिया गया था, जिसमें महिलाएं भी शामिल थीं। सिख संगठनों ने सिख दंगों की जांच कर रही एसआईटी का कार्यकाल बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया। मुख्यमंत्री को सिरोपा भेंट किया।

शहादत देने वाले गुरुओं का इतिहास बताने के लिए गुरुद्वारे में प्रदर्शनी भी लगाई गई। इस अवसर पर गुरुद्वारा के प्रधान सरदार नीतू सिंह, पंजाबी अकादमी के उपाध्यक्ष सरदार गुरविंदर सिंह छाबड़ा विक्की, भाजपा अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के सरदार अजीत सिंह छाबड़ा, श्री गुरु सिंह सभा महानगर के प्रधान सरदार सिमरनजीत सिंह, रमिंदर सिंह, गगनदीप सिंह आदि मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री को दिया ज्ञापन, गुरुद्वारे से कब्जा हटवाने की मांग
मुख्यमंत्री को सिख समुदाय के लोगों ने ज्ञापन दिया। एक ज्ञापन में बताया गया कि के ब्लॉक किदवईनगर में गुरुद्वारा में 1984 में आग लगा दी गई थी, जिसमें दो ग्रंथियों की मौत हो गई थी। इसमें सत्संग होता है। सरदार नीतू सिंह ने बताया कि एक किरायेदार ने जगह को शिकमी किरायेदारी पर दे दी है। अगर कब्जेदार को हटवा दिया जाए तो गुरुद्वारे से समाज का भला कराया जा सकेगा।

इसके अलावा चकरपुर मंडी के फल कारोबारियों ने मांग की कि उन्हें वहां दुकानें दिलाई जाएं। उन्हें सरकार की तरफ से जब किदवईनगर से मंडी चकरपुर ट्रांसफर की गई थी, तब बसाया गया था लेकिन खुली जगह दे दी गई। मंडी परिषद के भ्रष्टाचार की शिकायत भी की। ज्ञापन देने वालों में अमरजीत सिंह चड्ढा, सोनपाल सिंह, अमरजीत कौर, रणवीर सिंह आदि शामिल रहे।
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