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Kanpur News: डेंगू वार्ड में बिना मच्छरदानी और जाली के पल रहे मच्छर
Sat, 09 Nov 2024 12:28 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Sat, 09 Nov 2024 12:28 AM IST
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फोटो संख्या:::::12
अमर उजाला पड़ताल का लोगो
- मच्छरों के काटने से रातभर मरीज समेत तीमारदार होते परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। संयुक्त जिला अस्पताल के डेंगू वार्ड में मरीजों को इलाज की जगह डंक मिल रहा है, जो मरीजों के साथ तीमारदारों को दर्द दे रहा है। हाल यह है कि डेंगू वार्ड में बेहद जरूरी संसाधनों में मच्छरदानी से लेकर जाली तक गायब हैं। इससे वार्ड में भर्ती मरीज को राहत की जगह मच्छरों से जूझना पड़ता है। इतना ही नहीं मरीजों के तीमारदारों को भी खासी परेशानी होती है। लोगों ने बताया कि कई बार मामले को लेकर शिकायत भी की गई, लेकिन आज-कल मच्छरदानी मंगवाने का आश्वासन देकर जिम्मेदार पल्ला झाड़ लेते हैं।
डेंगू पीड़ित मरीजों ने बताई परेशानी
केस-1
डंगुरी निवासी कृष्णा (15) पुत्र अनुराग सिंह को तेज बुखार आया। जिला अस्पताल में जांच करवाई तो डेंगू की पुष्टि हुई। इसके बाद उन्हें पांच नवंबर को डेंगू वार्ड में भर्ती कराया गया है। अभी तक उसका इलाज चल रहा है। बताया रात में मच्छरदानी न होने से बहुत मच्छर काटते हैं। ऐसे में अधिक बीमार होने का खतरा है।
केस-2
रामनगर नई बस्ती ऋषि (5) पुत्र अशोक को तीन दिन पहले डेंगू होने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों ने बताया कि उनके वार्ड में अभी तक मच्छरदानी नहीं लगाई गई है। इससे बहुत परेशानी होती है। रात में मच्छरविरोधी धूपबत्ती लगाकर किसी तरह रात काटते हैं।
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केस-3
शहर के राजबाग निवासी ऋषि (8) पुत्र छोटेलाल ने बताया कि बुधवार को डेंगू होने पर जिला अस्पताल के वार्ड में भर्ती कराया है। अन्य वार्ड में मच्छरदानी लगी है जबकि उनके वार्ड में इसकी सुविधा नहीं है। रात के समय मच्छरों का आतंक रहता है। इससे बैठना मुश्किल हो जाता है। शिकायत पर कोई सुनवाई नहीं होती है।
जांच में छह को निकाला डेंगू
संयुक्त जिला अस्पताल में 250 लोगों ने रक्त परीक्षण की जांच करवाई। इस दौरान तेज बुखार के 47 लोगों की जांच की गई। इसमें 6 लोगों में डेंगू की पुष्टि की गई। इसमें अस्पताल में भर्ती मरीजों में चार पॉजिटिव पाए गए जबकि ओपीडी में दो लोगों को डेंगू निकला। वहीं, 83 मरीजों की मलेरिया की जांच की गई, जिसमें कोई भी पॉजिटिव नहीं पाया गया।
कोट
डेंगू वार्ड में सारे मरीजों के पास मच्छरदानी है। कुछ मरीज छुट्टी होने पर अपने साथ मच्छरदानी साथ लेकर चले जाते हैं। इससे सतर्कता बरती जाती है। कुछ मरीजों ने मच्छरदानी लेने से मना कर देते हैं। अगर किसी मरीज को मच्छरदानी नहीं मिती है, जो जांच कर लेंगे। उसे तुरंत ही मच्छरदानी उपलब्ध लग जाएगी। - डॉ. निखलेश कुमार, मैनेजर जिला अस्पताल
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अमर उजाला पड़ताल का लोगो
- मच्छरों के काटने से रातभर मरीज समेत तीमारदार होते परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। संयुक्त जिला अस्पताल के डेंगू वार्ड में मरीजों को इलाज की जगह डंक मिल रहा है, जो मरीजों के साथ तीमारदारों को दर्द दे रहा है। हाल यह है कि डेंगू वार्ड में बेहद जरूरी संसाधनों में मच्छरदानी से लेकर जाली तक गायब हैं। इससे वार्ड में भर्ती मरीज को राहत की जगह मच्छरों से जूझना पड़ता है। इतना ही नहीं मरीजों के तीमारदारों को भी खासी परेशानी होती है। लोगों ने बताया कि कई बार मामले को लेकर शिकायत भी की गई, लेकिन आज-कल मच्छरदानी मंगवाने का आश्वासन देकर जिम्मेदार पल्ला झाड़ लेते हैं।
डेंगू पीड़ित मरीजों ने बताई परेशानी
केस-1
डंगुरी निवासी कृष्णा (15) पुत्र अनुराग सिंह को तेज बुखार आया। जिला अस्पताल में जांच करवाई तो डेंगू की पुष्टि हुई। इसके बाद उन्हें पांच नवंबर को डेंगू वार्ड में भर्ती कराया गया है। अभी तक उसका इलाज चल रहा है। बताया रात में मच्छरदानी न होने से बहुत मच्छर काटते हैं। ऐसे में अधिक बीमार होने का खतरा है।
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केस-2
रामनगर नई बस्ती ऋषि (5) पुत्र अशोक को तीन दिन पहले डेंगू होने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों ने बताया कि उनके वार्ड में अभी तक मच्छरदानी नहीं लगाई गई है। इससे बहुत परेशानी होती है। रात में मच्छरविरोधी धूपबत्ती लगाकर किसी तरह रात काटते हैं।
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केस-3
शहर के राजबाग निवासी ऋषि (8) पुत्र छोटेलाल ने बताया कि बुधवार को डेंगू होने पर जिला अस्पताल के वार्ड में भर्ती कराया है। अन्य वार्ड में मच्छरदानी लगी है जबकि उनके वार्ड में इसकी सुविधा नहीं है। रात के समय मच्छरों का आतंक रहता है। इससे बैठना मुश्किल हो जाता है। शिकायत पर कोई सुनवाई नहीं होती है।
जांच में छह को निकाला डेंगू
संयुक्त जिला अस्पताल में 250 लोगों ने रक्त परीक्षण की जांच करवाई। इस दौरान तेज बुखार के 47 लोगों की जांच की गई। इसमें 6 लोगों में डेंगू की पुष्टि की गई। इसमें अस्पताल में भर्ती मरीजों में चार पॉजिटिव पाए गए जबकि ओपीडी में दो लोगों को डेंगू निकला। वहीं, 83 मरीजों की मलेरिया की जांच की गई, जिसमें कोई भी पॉजिटिव नहीं पाया गया।
कोट
डेंगू वार्ड में सारे मरीजों के पास मच्छरदानी है। कुछ मरीज छुट्टी होने पर अपने साथ मच्छरदानी साथ लेकर चले जाते हैं। इससे सतर्कता बरती जाती है। कुछ मरीजों ने मच्छरदानी लेने से मना कर देते हैं। अगर किसी मरीज को मच्छरदानी नहीं मिती है, जो जांच कर लेंगे। उसे तुरंत ही मच्छरदानी उपलब्ध लग जाएगी। - डॉ. निखलेश कुमार, मैनेजर जिला अस्पताल