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UP: तीन महीने में 18000 से अधिक लोग BJP में हुए शामिल, अजय कपूर बोले- भाजपा अब मेरे लिए जीवन-मरण का प्रश्न

Sun, 14 Apr 2024 01:31 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Sun, 14 Apr 2024 01:31 PM IST
सार

Kanpur News: कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र में एक साल में 18 हजार से अधिक लोग अन्य दलों से भाजपा में  शामिल हुए हैं। इनमें नौ पूर्व विधायक, एक पूर्व सांसद व कई पूर्व प्रत्याशी भी शामिल हैं। वहीं, दूसरे दलों से भाजपा में आए लोगों ने अपनी जगह और पहचान बनाने के लिए तैयारियां शुरू की हैं।

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More than 18000 people joined BJP in three months, Ajay Kapoor said BJP is now a question of life and death fo
भाजपा - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

पिछले करीब एक वर्ष में समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और कांग्रेस से बड़ी संख्या में नेता भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए हैं। अकेले कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र में पिछले तीन महीने के अंतराल की बात करें तो करीब 18 हजार लोग भाजपा में आए हैं। इसमें नौ पूर्व विधायक एक पूर्व सांसद और पांच लोकसभा और विधानसभा का चुनाव लड़े चुके नेता हैं।

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दूसरे दलों से भाजपा में आ रहे लोगों के बीच अपनी जगह बनाने के लिए पूर्व विधायक, पूर्व सांसद व पूर्व पदाधिकारियों में छटपटाहट शुरू हो गई है। बाहर से आए नेताओं को लगता है कि यदि वे अपनी जगह नहीं बना पाए, तो उनकी राजनीति संकट में पड़ सकती है। ऐसे में इस बार के लोकसभा चुनाव में दूसरे दलों से आया प्रत्येक नेता कुछ न कुछ रणनीति बनाकर काम कर रहा है। ताकि उसकी रिपोर्ट प्रदेश और दिल्ली तक जा सके। कुछ ऐसे भी हैं, जिन्हें समझ ही नहीं आ रहा है कि शुरू कहां से किया जाए।

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कानपुर बुंदेलखंड के दूसरे दलों से आए पूर्व विधायक व सांसद
अजय कपूर कांग्रेस महानगर, कमलेश दिवाकर समाजवादी पार्टी बिल्हौर, आरपी कुशवाहा समाजवादी पार्टी देहात, अंबेश कुमार हमीरपुर समाजवादी पार्टी, आदित्य पांडेय फतेहपुर बसपा, केके सचान बसपा महानगर, रमेश कुशवाहा ललितपुर, प्रेमदास कठेरिया पूर्व सांसद इटावा समाजवादी पार्टी, अरुणा कोरी समाजवादी पार्टी महानगर, लाल सिंह तोमर पूर्व एमएलसी सपा के अलावा शंभू दयाल दोहरे लोकसभा पूर्व प्रत्याशी इटावा बसपा, देवेंद्र सिंह गौतम कांग्रेस फतेहपुर, रमेश यादव पूर्व विधानसभा प्रत्याशी बसपा महानगर ऐसे नेता हैं जो भाजपा में आए हैं।

मेहनत 2024 लोकसभा के लिए निगाह 2027 के विधानसभा पर
लोकसभा चुनाव 2024 के बीच दूसरे दलों से भाजपा में आए पूर्व विधायक व पूर्व प्रत्याशी 2027 में यूपी में होने वाले विधानसभा चुनाव को काफी नजदीक मानकर चल रहे है। ऐसे लोगों को लग रहा है कि इतनी बड़ी पार्टी में यदि अगले एक दो साल में सही जगह नहीं बना पाए तो विधानसभा के चुनाव में दावेदारों की कतार से वह काफी दूर हो जाएंगे।

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आने वाले समय में बदलाव वाली सीटों पर है निगाह
यही वजह है कि ऐसे नेता अगले तीन वर्षों में होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए इस लोकसभा चुनाव को अपने कैरियर के टर्निंग प्वाइंट के रूप में देख रहे हैं। उन्हें लगता है कि यदि इसमें सफल हो गए तो आगे कुछ दिखाने बताने का अवसर मिलेगा, वरना इस भीड़ में एक बार खोए तो फिर किनारे पर लगने में वर्षों लग सकते हैं। ऐसे नेताओं की निगाह उन विधानसभा और एमएलसी की सीटों पर भी हैं, जिन पर आने वाले समय में बदलाव की संभावना है।

भाजपा अब मेरे लिए जीवन-मरण का प्रश्न है। इस पार्टी में आने के बाद अब मुझे अपने लक्ष्य को पूरा करना है, जो पार्टी के बड़ों से मुझे मिला है। वह लक्ष्य है कांग्रेस का सफाया और महानगर में पार्टी की तीन लाख के अंतर से जीत। तभी मैं अपने को साबित कर पाऊंगा।  -अजय कपूर, पूर्व विधायक

सपा से भाजपा में आने से पहले पूरी तरह से सोच-विचार किया था। अब यहां पर जो भी जिम्मेदारी मिल रही है, उसे पूरी लगन और मेहनत के साथ पूरा कर रही हूं। देहात से लेकर महानगर लोकसभा क्षेत्र में बिरादरी के वोट बैंक को मजबूत करने की जिम्मेदारी मिली है, जिसे बखूबी कर रही हूं।  -अरुणा कोरी, पूर्व मंत्री व पूर्व विधायक

अभी तो चुनाव में जिम्मेदारी का निर्वहन कर रहा हूं। आगे देखिए यदि पार्टी संगठन में कोई पद देती है तो उसे पूरी निष्ठा के साथ निभाऊंगा। मैं मनसा वाचा कर्मणा भाजपा का होकर काम कर रहा हूं। मेरा उपयोग पार्टी जो चाहे मैं उस पर तैयार हूं।  -केके सचान, पूर्व विधायक

भाजपा की कार्यशैली से मैं पूर्व परिचित हूं। इसलिए यहां पर किसी भी तरह से काम करने में दिक्कत नहीं आएगी। अभी मेरा एक ही लक्ष्य है ज्यादा से ज्यादा लोगों को पार्टी से जाेड़ना। क्योंकि मैं बसपा में रहा हूं, ऐसे में बसपा का पूर्व में जो भी जनाधार रहा है, उन सभी को मैं भाजपा से जाेड़ने में लगा हूं। 14 अप्रैल से इसकी शुरुआत होगी।  -रमेश यादव, पूर्व प्रत्याशी विधानसभा

भाजपा में किसी भी तरह से काम करने के रोक टोक और दबाव नहीं है। यह अनुशासन वाली पार्टी है, ऐसे में यहां पर दायित्व निभाने का पूरा मौका मिल रहा है। फिलहाल मुझे अकबरपुर लोकसभा संयोजक की जिम्मेदारी मिली है, जिससे मुझे इस पार्टी में अपने को साबित करने का मौका है।  -आरपी कुशवाहा, पूर्व विधायक

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