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असलहा लाइसेंस जारी करने पर फिर रोक
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर
Updated Sun, 25 Jan 2015 03:26 AM IST
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नए असलहा लाइसेंस जारी करने पर फिर एक बार रोक लगा दी गई है। दो दिन पहले जारी नया शासनादेश अब कलेक्ट्रेट पहुंचा है। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय शूटिंग खिलाड़ियों को ही शस्त्र लाइसेंस जारी किए जा सकते हैं।
शासन ने तीन से ज्यादा हथियार रखने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई के लिए कहा है। इनकी पूरी जानकारी भी मांगी गई है। अभी कुछ दिन पहले कुछ कड़े नियमों के साथ जरूरतमंदों को असलहा लाइसेंस जारी करने का शासनादेश आया था।
अब उत्तर प्रदेश के विशेष सचिव मिनिस्ती एस का 22 जनवरी को जारी नया शासनादेश कलेक्ट्रेट पहुंचा है। इसमें कहा गया है कि जितेंद्र सिंह बनाम उत्तर प्रदेश राज्य और अन्य दिनांक 16 जनवरी 2015 के हाईकोर्ट के आदेश का अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।
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इसमें कहा गया है कि नए शस्त्र लाइसेंस जारी किए जाने पर हाईकोर्ट की रोक प्रभावी है। इसलिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय शूटिंग खिलाड़ियों और विशेष अपराध पीड़ित के सिवाय किसी को शस्त्र लाइसेंस जारी न किए जाएं।
शासन ने सात अक्तूबर 2013 के बाद जारी शस्त्र लाइसेंस की जानकारी तलब की है। इसमें कुल जारी शस्त्र लाइसेंस, विरासत, राष्ट्रीय अथवा अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लेने वाले शूटर, अपराध पीड़ित और अन्य आधार पर बनाए गए शस्त्र लाइसेंसों की संख्या स्पष्ट कारण समेत मांगी गई है।
कहा गया है कि रिट की सुनवाई नौ फरवरी 2015 को दोबारा निर्धारित है। इसके अलावा शासन ने तीन या तीन से अधिक शस्त्र लाइसेंस वाले लोगों के खिलाफ आयुध अधिनियम 1959 की धारा 3(2) के तहत कार्रवाई के लिए कहा गया है।
अभी तक इस बारे में की गई कार्रवाई की जानकारी भी मांगी है। एडीएम सिटी अविनाश सिंह ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेश पर अमल के तहत नए शस्त्र लाइसेंस जारी नहीं होंगे।
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शासन ने तीन से ज्यादा हथियार रखने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई के लिए कहा है। इनकी पूरी जानकारी भी मांगी गई है। अभी कुछ दिन पहले कुछ कड़े नियमों के साथ जरूरतमंदों को असलहा लाइसेंस जारी करने का शासनादेश आया था।
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अब उत्तर प्रदेश के विशेष सचिव मिनिस्ती एस का 22 जनवरी को जारी नया शासनादेश कलेक्ट्रेट पहुंचा है। इसमें कहा गया है कि जितेंद्र सिंह बनाम उत्तर प्रदेश राज्य और अन्य दिनांक 16 जनवरी 2015 के हाईकोर्ट के आदेश का अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।
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इसमें कहा गया है कि नए शस्त्र लाइसेंस जारी किए जाने पर हाईकोर्ट की रोक प्रभावी है। इसलिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय शूटिंग खिलाड़ियों और विशेष अपराध पीड़ित के सिवाय किसी को शस्त्र लाइसेंस जारी न किए जाएं।
शासन ने सात अक्तूबर 2013 के बाद जारी शस्त्र लाइसेंस की जानकारी तलब की है। इसमें कुल जारी शस्त्र लाइसेंस, विरासत, राष्ट्रीय अथवा अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लेने वाले शूटर, अपराध पीड़ित और अन्य आधार पर बनाए गए शस्त्र लाइसेंसों की संख्या स्पष्ट कारण समेत मांगी गई है।
कहा गया है कि रिट की सुनवाई नौ फरवरी 2015 को दोबारा निर्धारित है। इसके अलावा शासन ने तीन या तीन से अधिक शस्त्र लाइसेंस वाले लोगों के खिलाफ आयुध अधिनियम 1959 की धारा 3(2) के तहत कार्रवाई के लिए कहा गया है।
अभी तक इस बारे में की गई कार्रवाई की जानकारी भी मांगी है। एडीएम सिटी अविनाश सिंह ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेश पर अमल के तहत नए शस्त्र लाइसेंस जारी नहीं होंगे।