Irfan Solanki Case: सिम और मोबाइल बदले, 17 नवंबर को छोड़ा हैदराबाद, चैनलकर्मी ने दी थी शरण
जाजमऊ आगजनी मामले में फरार चल रहे विधायक इरफान सोलंकी ने वारदात के बाद कई सिम व मोबाइल बदले, ताकि ट्रेस न हो सकें। हैदराबाद में एक परिचित चैनलकर्मी के घर शरण ली थी। उससे कुछ साल पहले परिचय हुआ था। वहीं, हैदराबाद से निकलने के बाद से मोबाइल का इस्तेमाल नहीं किया है।
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कानपुर में एफआईआर दर्ज होने के बाद इरफान को गिरफ्तारी की भनक लग गई थी। इसलिए 24 घंटे के भीतर वह अंडरग्राउंड हो गया था। शहर से दिल्ली, दिल्ली से मुंबई और फिर हैदराबाद पहुंचने में उसको पांच दिन का समय लगा। इसलिए दौरान उसने कई अलग-अलग नए सिमों व मोबाइल का इस्तेमाल किया।
सर्विलांस की टीम की जांच में यह तथ्य सामने आया है। हैदराबाद छोड़ने के बाद से उसने मोबाइल का इस्तेमाल नहीं किया है। हैदराबाद में उसको एक चैनलकर्मी ने शरण दी थी। इरफान सोलंकी पर आठ नवंबर की रात एफआईआर दर्ज हुई थी। केस दर्ज होने के चंद घंटे बाद ही इरफान ने शहर छोड़ दिया था।
दूसरे दिन वह लखनऊ में थे। फिर वह वापस कानपुर आए और दस नवंबर को यहां से नोएडा रवाना हुए। यानी केस दर्ज होने के बाद दो दिनों तक इरफान लखनऊ व कानपुर में ही रहे। इस दौरान पुलिस उन तक पहुंच नहीं सकी। नूरी शौकत के घर पर दबिश तक नहीं दी थी, जबकि वह इरफान की बेहद करीबी हैं।
इससे पुलिस की लापरवाही का अंदाजा लगाया जा सकता है। पुलिस ने बाद में उनकी धरपकड़ शुरू की। तब तक इरफान जद से बाहर जा चुके थे। पुलिस सूत्रों के मुताबिक इरफान 11 नवंबर को दिल्ली से फ्लाइट पकड़कर मुंबई पहुंचे थे। यहां से 13 नवंबर को बस से हैदराबाद गए थे।
17 नवंबर को हैदराबाद छोड़ा था। यहां तक पुलिस पीछे पीछे ट्रेस करती रही। इसलिए हैदराबाद के बाद से मोबाइल का इस्तेमाल बंद कर दिया। हैदराबाद में जिस चैनलकर्मी ने शरण दी थी, वह कुछ समय पहले कानपुर आया था। तब इरफान का उससे परिचय हुआ था।
घर पर आकर बनाया था फर्जी आधार कार्ड
पुलिस के मुताबिक कर्नलगंज निवासी इरफान के एक परिचित ने फर्जी आधार बनाया है। इसमें नामजद आरोपी अली की भी भूमिका है। मुख्य आरोपी का नाम भी केस में बढ़ाया जाएगा। जब इरफान नूरी शौकत के घर पर थे, तब ये वहां पहुंचे थे। नूरी के घर पर ही दोनों ने मिलकर इरफान के फर्जी दस्तावेज तैयार किए थे।
पैरवी में जुटे नामचीन, हाजिर होने की रही सुगबुगाहट
इरफान के परिजनों से पुलिस पूछताछ कर रही है। इरफान पर दूसरा केस भी दर्ज हो गया है। पुलिस लगातार शिकंजा कसती जा रही है। इसको देखते हुए उसके कई बड़े नामचीन लोगों ने पुलिस के उच्चाधिकारियों से संपर्क किया। जानकारी के मुताबिक वह डील करने का प्रयास कर रहे हैं कि इरफान की कथित तौर पर गिरफ्तारी करवा देंगे।
राजस्थान में रिवाजन के होने की आशंका
अब की जांच में सामने आया है कि रिजवान, इरफान के साथ नहीं गया। यानी दोनों अलग-अलग फरार हुए हैं। रिजवान कैसे कहां गया, इसकी पुख्ता जानकारी पुलिस के पास नहीं है। एक तथ्य सामने आया है कि रिजवान राजस्थान में हो सकता है। इसलिए एक टीम राजस्थान भी रवाना हुई है।