Irfan Solanki: विधायक और भाई के लिए जारी हुआ था एनबीडब्ल्यू, गिरफ्तारी से बचने के लिए खटखटाया कोर्ट का दरवाजा
जाजमऊ आगजनी मामले में विधायक इरफान सोलंकी और उनके भाई रिजवान के खिलाफ पुलिस ने कोर्ट से एनबीडब्ल्यू हासिल कर लिया था। वहीं, गिरफ्तारी से बचने के लिए दोनों ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कानपुर में गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद सपा विधायक इरफान सोलंकी और उनके भाई रिजवान ने गिरफ्तारी से बचने के लिए कोर्ट पहुंचे हैं। उन्होंने शुक्रवार को जिला जज संदीप जैन की अदालत में अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल की है।
एडीजीसी रविंद्र अवस्थी ने बताया कि अभियोजन की ओर से पुलिस रिपोर्ट मंगाए जाने के लिए समय की मांग की गई। इस पर जिला जज ने 25 नवंबर तक का समय दिया है। मामले में अगली सुनवाई 25 को होगी।
बता दें कि गुरुवार को पुलिस ने सपा विधायक इरफान सोलंकी और उनके भाई रिजवान के खिलाफ कोर्ट से गैर जमानती वॉरेंट हासिल कर लिया था। अब भी अगर दोनों की गिरफ्तारी नहीं हुई या आत्मसमर्पण नहीं किया, तो पुलिस कुर्की की कार्रवाई कराने की प्रक्रिया शुरू करेगी।
पिछले दस दिन से आरोपियों का पुलिस कोई सुराग नहीं जुटा सकी है। जाजमऊ डिफेंस कॉलोनी में सात नवंबर की रात नजीर फातिमा के प्लॉट में आग लग गई थी। दूसरे दिन नजीर की तहरीर पर जाजमऊ पुलिस ने इरफान सोलंकी व रिजवान सोलंकी समेत अन्य अज्ञात पर आगजनी, रंगदारी समेत कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया था।
बाइक से पहुंचे थे इटावा
एफआईआर दर्ज होने के दूसरे दिन इरफान सोलंकी ने लखनऊ में प्रेसवार्ता की थी। उस दौरान पुलिस उनको पकड़ नहीं सकी थी। जब तक पुलिस लखनऊ पहुंची थी, तब तक वह फरार हो गए थे। पुलिस सूत्रों के मुताबिक इरफान व रिजवान वहां से बाइक से इटावा पहुंचे थे।