MLA Abbas Nikhat Case: चित्रकूट जेल में निखत बानो प्रकरण के बाद बदले मिलाई के नियम, गुप्तचर रखेंगे नजर
चित्रकूट जिला जेल में अब्बास अंसारी और पत्नी निखत बानो के गैरकानूनी तरीके से मिलने के मामले के बाद से जेल का स्टाफ भी बदला गया है। नई व्यवस्थाएं लागू की गई हैं। खासकर बंदियों से मिलने के नियमों पर कड़ाई की गई है। नए नियमों में अब बंदियों से मिलने वाले अलग जाते हैं और उनके साथ आने वाला समान गहन जांच के बाद अलग से भेजा जाता है।
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चित्रकूट जिला जेल में माफियर मुख्तार अंसारी के बेटे विधायक अब्बास अंसारी से गैरकानूनी तरीके से मिलने में पकड़ी गई उसकी पत्नी निखत बानो व चालक नियाज के बाद अब जेल में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। खासकर बंदियों से परिजनों के मिलन के लिए डबल जाली की दीवार लगाई गई है। जेल की कैंटीन और पीसीओ पर अलग निगरानी रखी जा रही है। कुख्यात बंदियों से मिलने आने वाले पर गुप्तचर विभाग के जवान की निगरानी करते हैं।
10 फरवरी को जिला जेल में बंद विधायक अब्बास से गैरकानूनी तरीके से मिलने पहुंची उसकी पत्नी निखत बानो और चालक नियाज को डीएम अभिषेक आनंद व एसपी वृंदा शुक्ला ने पकड़ा था। इस मामले में निखत व नियाज के अलावा जेल अधीक्षक, जेलर, डिप्टी जेलर, वार्डर, सहयोगी सपा नेता फराज खान व कैंटीन सप्लायर नवनीत सचान को जेल भेजा गया है।
इसके बाद से जेल का स्टाफ भी बदला गया है। नई व्यवस्थाएं लागू की गई हैं। खासकर बंदियों से मिलने के नियमों पर कड़ाई की गई है। नए नियमों में अब बंदियों से मिलने वाले अलग जाते हैं और उनके साथ आने वाला समान गहन जांच के बाद अलग से भेजा जाता है। तीन स्थानों पर जांच के बाद बंदियों से अलग हॉल में मिलाया जाता है। बीच में डबल जाली होती है। जेलर राजीव कुमार सिंह ने बताया कि जेल में बंद कुख्यात बंदियों से मिलने आने वालों पर विशेष नजर रहती है। हाई सिक्योरिटी बैरक की सीसीटीवी कैमरे से निगरानी होती है। इनसे मिलने आने वालों पर नजर रखने वालों पर गुप्तचर विभाग का जवान भी लगाया जाता है।
11 फरवरी से जिला जेल में बंद निखत बानो व उसके चालक नियाज से मिलने अक्सर उनके परिजन आते हैं। पांच दिनों से उनसे मिलने कोई नहीं आया है। सूत्रों ने बताया कि निखत ने पिछली बार मिलने आए परिजनों से बच्चे का हालचाल जाना था। जेल में बच्चे को मिलाने लाने से इन्कार किया है। परिजनों से कहा कि अभी हालात सही नहीं है। बच्चे पर इसका गलत प्रभाव पड़ सकता है।
जेल में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। बंदियों से मिलने के नियमों में बदलाव किया गया है। खासकर कुख्यात बंदियों से मिलने आने वालों पर विशेष नजर है। जेल के स्टाफ को भी अलग से निर्देश हैं कि सुरक्षा में कोई कोताही न की जाए। हाई सिक्योरिटी बैरक से लेकर निखत बानो व नियाज से मिलने आने वालों का पूरा रिकार्ड रखा जाता है- शशांक पांडेय, जेल अधीक्षक