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Chitrakoot News: बाढ़ में 70 हजार की आबादी पेयजल संकट से जूझी
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फोटो 31 सीकेटीपी-19-पानी को लेकर सर जाती महिला। संवाद
फोटो 31 सीकेटीपी-19-पानी को लेकर सर जाती महिला। संवाद
फोटो 31 सीकेटीपी-20-टैंकर के पास पानी भरने की लगी लाइन। संवाद
शहर सहित तरौंहा और रामघाट क्षेत्र में पेयजल संकट
टैंकर पहुंचते ही पानी भरने के लिए मची मारामारी
संवाद न्यूज एजेंसी
चित्रकूट। मंदाकिनी में आई बाढ़ के बाद शहर सहित तरौंहा और रामघाट क्षेत्र में पेयजल संकट ने तकरीबन 70 हजार की आबादी की परेशानी और बढ़ा दी है। नदी का जलस्तर बढ़ने से इंटेकवेल डूब गया, जिससे पूरे नगर पालिका क्षेत्र में जलापूर्ति बाधित हो गई है। घरों की टंकियां खाली हैं
इन दिनों लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। सुबह होते ही लोग बाल्टी-डिब्बे लेकर हैंडपंपों की तलाश में निकल पड़ते हैं। कहीं-कहीं पानी भरने के लिए लंबी कतारें लगी हैं और पहले पानी भरने को लेकर मारामारी तक की स्थिति बन रही है। कई लोग सिर पर बाल्टी रखकर दूर-दूर से पानी ढोकर ला रहे हैं।
जल संस्थान टैंकरों से प्रभावित इलाकों में पानी पहुंचाने का प्रयास कर रहा है लेकिन टैंकरों की संख्या और पानी की उपलब्धता जरूरत के मुकाबले नाकाफी है। रामघाट के स्थानीय निवासी श्यामलाल, लक्ष्मी देवी, सारिका सिंह ने बताया कि घरों में पीने, खाना बनाने और नहाने तक के लिए पानी जुटाना मुश्किल हो रहा है।
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इंटेकवेल में सिल्ट हटाने का काम शुरू
बाढ़ के बाद इंटेकवेल में भारी सिल्ट जमा हो गई है। विभाग द्वारा उसे हटाकर इंटेकवेल को दुरुस्त करने का काम शुरू कर दिया गया है। अधिशासी अभिंयता फरहत हुसैन ने बताया कि सफाई का काम तेजी से चल रहा है। रात तक जलापूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
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फोटो 31 सीकेटीपी-20-टैंकर के पास पानी भरने की लगी लाइन। संवाद
शहर सहित तरौंहा और रामघाट क्षेत्र में पेयजल संकट
टैंकर पहुंचते ही पानी भरने के लिए मची मारामारी
संवाद न्यूज एजेंसी
चित्रकूट। मंदाकिनी में आई बाढ़ के बाद शहर सहित तरौंहा और रामघाट क्षेत्र में पेयजल संकट ने तकरीबन 70 हजार की आबादी की परेशानी और बढ़ा दी है। नदी का जलस्तर बढ़ने से इंटेकवेल डूब गया, जिससे पूरे नगर पालिका क्षेत्र में जलापूर्ति बाधित हो गई है। घरों की टंकियां खाली हैं
इन दिनों लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। सुबह होते ही लोग बाल्टी-डिब्बे लेकर हैंडपंपों की तलाश में निकल पड़ते हैं। कहीं-कहीं पानी भरने के लिए लंबी कतारें लगी हैं और पहले पानी भरने को लेकर मारामारी तक की स्थिति बन रही है। कई लोग सिर पर बाल्टी रखकर दूर-दूर से पानी ढोकर ला रहे हैं।
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जल संस्थान टैंकरों से प्रभावित इलाकों में पानी पहुंचाने का प्रयास कर रहा है लेकिन टैंकरों की संख्या और पानी की उपलब्धता जरूरत के मुकाबले नाकाफी है। रामघाट के स्थानीय निवासी श्यामलाल, लक्ष्मी देवी, सारिका सिंह ने बताया कि घरों में पीने, खाना बनाने और नहाने तक के लिए पानी जुटाना मुश्किल हो रहा है।
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इंटेकवेल में सिल्ट हटाने का काम शुरू
बाढ़ के बाद इंटेकवेल में भारी सिल्ट जमा हो गई है। विभाग द्वारा उसे हटाकर इंटेकवेल को दुरुस्त करने का काम शुरू कर दिया गया है। अधिशासी अभिंयता फरहत हुसैन ने बताया कि सफाई का काम तेजी से चल रहा है। रात तक जलापूर्ति बहाल कर दी जाएगी।

फोटो 31 सीकेटीपी-19-पानी को लेकर सर जाती महिला। संवाद