मंत्री नंद गोपाल बोले: विपक्षी सनातन धर्म के खिलाफ बोलकर पार्टी का कर रहे सत्यानाश, मां के संघर्ष को किया याद
मंत्री नंद गोपाल नंदी ने कहा, राम मंदिर के पहले फेस का काम पूरा हो चुका है। अभी मंदिर के बहुत सारे फेस बनने बाकी हैं। राम मंदिर के निर्माण से देश का गौरव जागा है।
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विपक्षी जो सनातन धर्म के विरोध में बोल रहे हैं। सनातन को चोट पहुंचाने में अपनी वाहवाही समझते हैं। केवल तुष्टीकरण की राजनीति कर रहे हैं। वह सोचते हैं कि सनातन धर्म के देवी-देवताओं पर ऐसा क्या बोलें, जिससे हमारा वोट बैंक बढ़ जाए। ये बातें केंद्रीय औद्योगिक मंत्री नंद गोपाल नंदी ने विपक्षियों की ओर से अधूरे मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा को लेकर लगाए गए आरोपों पर पूछे गए सवाल के जवाब में कहीं। वह ग्रामश्री संस्था की ओर से क्राफ्ट रूट्स प्रदर्शनी में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। उन्होंने विपक्षियों पर हमला बोलते हुए कहा कि ऐसे लोग अपनी पार्टी का सर्वनाश कर रहे है, समूलनाश कर रहे हैं।
मंत्री नंद गोपाल नंदी ने कहा, राम मंदिर के पहले फेस का काम पूरा हो चुका है। अभी मंदिर के बहुत सारे फेस बनने बाकी हैं। राम मंदिर के निर्माण से देश का गौरव जागा है। भगवान राम की नगरी पूरे विश्व में आकर्षण का केंद्र बनी है। 22 जनवरी को लोगों ने एक त्योहार के रूप में मनाया है। अगर आप देखेंगे तो दीपावली, होली, दशहरा में भी इतना उत्साह नहीं रहता है, जितना रामलला की प्राण प्रतिष्ठा में देखने के मिला। यह श्रीराम की आस्था का नतीजा है। गांव, गली और मोहल्ले के कई मंदिर ऐसे थे, जहां लोग ध्यान ही नहीं देते थे। वहां पर कभी कभार कोई जल चढ़ा देता था, लेकिन उसको भी लोगों ने साफ किया। मंदिर कमेटी बनाई।
उन्होंने कहा कि जिंदगी में कभी समस्या आये तो परेशान न हों। अगर परेशानी को परेशानी से लेंगे तो उसमें डूब जाएंगे। जिंदगी में चैलेंज लेंगे तो सफल होंगे। समस्या के समाधान के बारे में सोचें। उदाहरण के लिए हम जैसे किसी जगह से उधार में माल ले आएं और किसी दूसरे को सूट बनाने के लिए दे दिया, लेकिन वह भाग गया। अगर उसके घर जाएंगे। उसकी पत्नी से झगड़ा करेंगे। मुकदमा होगा और आप परेशान होंगे। घर आकर पत्नी से लड़ेंगे। बेटी अगर आपका हाथ खींचेगी तो उसे थप्पड़ मार देंगे। ऐसे में समस्या को समस्या समझने के बजाय उसका हल निकालने की सोचें।
बैंक से लोन लें, गहने या अपना वाहन गिरवी रखकर उधार लिया पैसा चुकाने की सोचें। आज भारत पूरी तरह से बदल गया है। ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री का हाथ पकड़कर स्वागत कर रहे हैं। 2014 में सिर्फ देश में नारे लगे थे। आज दस साल बाद दुनिया में नारे लग रहे हैं। देश की तरक्की के लिए मिल कर कार्य करें। जब तक आप समृद्ध नहीं होंगे देश कैसे खुशहाल होगा। देश में हर हाथ रोजगार के लिए कार्य चल रहा है। क्राफ्टरूट्स के माध्यम से हुनरमंदों को रोजगार मिल रहा है। इसके लिए संस्था बधाई के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि आज हम दुनिया में सबसे मजबूत गणतंत्र से हैं।
यहां उत्तर से दक्षिण और पूरब से पश्चिम का मेल है। गांधी जी ने और हमारे पूर्वजों ने प्रेरणा दी। आज गांवों में तालाब में होने वाली जलकुंभी से कपड़े और मिट्टी से टेराकोटा के बर्तन तैयार किये जा रहे हैं। इसके लिए कलाकारों और विशेषज्ञों की जितनी तारीफ करो कम है। आज पूरा अंतरराष्ट्रीय समुदाय भारत की ओर बड़ी आशावादी नजरों से देख रहा है। कोविड काल मे दुनिया देख चुकी है। प्रधानमंत्री ने स्वदेशी वैक्सीन कई देशों को मुहैया कराई थी। भारत पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाला देश बन गया है। यहां चौथी सबसे बड़ी सेना है। फ्रांस के राष्ट्रपति गणतंत्र दिवस पर देश में हैं। उत्तर प्रदेश भी आगे निकल रहा है। यहां अंतरराष्ट्रीय ट्रेड फेयर हो चुका है। मेरी मम्मी एक पेटी कोट सिलती थी तो छह रुपए मिलते थे। एक रजाई सिलतीं थीं तो 24 रुपए होते थे। उनके हाथों में गड्ढे पड़ जाते थे। उनकी कड़ी मेहनत देखी है। इसलिए हस्तशिल्पों के लिए कुछ करना चाहता हूं।