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हमीरपुर: खनन घोटाले की जांच को फिर आई सीबीआई, आखिरी दौर की जांच में अब टीम उठा सकती है बड़ा कदम
Mon, 24 Feb 2020 09:09 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हमीरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हमीरपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Mon, 24 Feb 2020 09:09 PM IST
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डाक बंगले में कैंप कार्यालय के अंदर जाती सीबीआई टीम।
- फोटो : अमर उजाला
हमीरपुर में सपा सरकार में हुए अवैध खनन घोटाले की जांच करने सोमवार को सीबीआई की चार सदस्यीय टीम मौदहा बांध निर्माण खंड के निरीक्षण भवन पहुंची। टीम के आने से मौरंग कारोबारियों में हलचल है। हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई अवैध खनन घोटाले की तीन सालों से जांच कर रही है। सीबीआई शुरू से अब तक करीब सौ दिनों तक जांच कर चुकी है।
सीबीआई टीम के सोमवार को आते ही खनन अधिकारी सन्नी कौशल व अन्य कर्मचारी मौदहा बांध निर्माण खंड के निरीक्षण भवन पहुंचे। शाम तक सीबीआई के अधिकारी मौरंग खनन के पट्टों की फाइलें निरीक्षण भवन में पलटते रहे। सीबीआई के आते ही कई मौरंग कारोबारी भूमिगत हो गए हैं।
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सीबीआई टीम के सोमवार को आते ही खनन अधिकारी सन्नी कौशल व अन्य कर्मचारी मौदहा बांध निर्माण खंड के निरीक्षण भवन पहुंचे। शाम तक सीबीआई के अधिकारी मौरंग खनन के पट्टों की फाइलें निरीक्षण भवन में पलटते रहे। सीबीआई के आते ही कई मौरंग कारोबारी भूमिगत हो गए हैं।
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शहर के निवासी याचिकाकर्ता विजय द्विवेदी एडवोकेट ने बताया सपा सरकार में हाईकोर्ट के आदेश को छिपाकर मौरंग के 14 पट्टों की स्वीकृति दी गई थी। तत्कालीन जिलाधिकारी बी चंद्रकला ने भी इन्हीं मौरंग के पट्टों को मंजूरी दी थी। वहीं तत्कालीन खनन मंत्री गायत्री प्रजापति के कार्यकाल में 49 मौरंग के पट्टे जारी हुए थे।
इन्हीं पट्टों को आधार बनाकर प्रदेश के 22 जनपदों में मौरंग के अवैध पट्टे दिए गए थे। हाईकोर्ट ने पट्टों को रद्द कर सीबीआई जांच के आदेश किए थे। याचिकाकर्ता ने बताया मौरंग सिंडीकेट की वसूली भी वर्ष 2007 से 2017 तक अवैध रूप से कराई गई है।
इन्हीं पट्टों को आधार बनाकर प्रदेश के 22 जनपदों में मौरंग के अवैध पट्टे दिए गए थे। हाईकोर्ट ने पट्टों को रद्द कर सीबीआई जांच के आदेश किए थे। याचिकाकर्ता ने बताया मौरंग सिंडीकेट की वसूली भी वर्ष 2007 से 2017 तक अवैध रूप से कराई गई है।
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सीबीआई की जांच में अब तक आठ आईएएस एवं पूर्व खनिज मंत्री तथा राजनेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो चुकी है। अवैध खनन के खेल में वन विभाग की एनओसी में भी बड़ा फर्जीबाड़ा है। माफिया वन विभाग की जमीन पर खनन कर करोड़ों का चूना लगा चुके हैं।
फिलहाल सीबीआई टीम जिले में आठवीं बार खनन घोटाले की जांच करने आई है। टीम 28 फरवरी तक जिले में रुककर जांच पड़ताल करेगी। सोमवार को पहले दिन टीम डाक बंगले में कैंप कार्यालय में ही रही।
फिलहाल सीबीआई टीम जिले में आठवीं बार खनन घोटाले की जांच करने आई है। टीम 28 फरवरी तक जिले में रुककर जांच पड़ताल करेगी। सोमवार को पहले दिन टीम डाक बंगले में कैंप कार्यालय में ही रही।