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गेहूं उगाने वाले 1.75 लाख किसानों को भेजा मोबाइल संदेश
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अकबरपुर उप मंडी स्थल स्थित क्रय केंद्र का निरीक्षण करते जिला खाद्य विपणन अधिकारी। (संवाद)
- फोटो : AKBARPUR
कानपुर देहात। इस बार खुले बाजार में गेहूं का मूल्य, न्यूनतम समर्थन मूल्य से अधिक है। इसकी वजह से किसान सरकारी क्रय केंद्र पर गेहूं बेचने को लेकर सक्रिय नजर नहीं आ रहे हैं। इसका असर ऑनलाइन पंजीकरण पर दिख रहा है। पंजीकरण बढ़ाने के लिए गेहूं उगाने वाले 1.75 लाख किसानों को मोबाइल पर संदेश भेजा गया है। जिला खाद्य विपणन अधिकारी ने अकबरपुर उपमंडी स्थल क्रय केंद्र का निरीक्षण कर क्रय केंद्र प्रभारी को आवश्यक निर्देश दिए।
गेहूं की सरकारी खरीद के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की अनिवार्यता है। न्यूनतम समर्थन मूल्य 2015 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है। इसी क्रम में सोमवार को जिला खाद्य विपणन अधिकारी राघवेंद्र प्रताप सिंह ने अकबरपुर उपमंडी स्थल स्थित खाद्य विभाग के क्रय केंद्र का निरीक्षण किया। यहां कांटा, नमी मापक यंत्र, बैनर, पेयजल आदि व्यवस्था जांची। उन्होंने क्रय केंद्र प्रभारी लवदीप सोनी को किसानों से संपर्क कर अधिक से अधिक पंजीकरण कराने के निर्देश दिए। यहां रनियां क्रय केंद्र के प्रभारी संजय कुमार भी मौजूद रहे। जिला खाद्य विपणन अधिकारी ने बताया कि ऑनलाइन पंजीकरण बढ़ाने पर जोर है। मौजूदा समय में अब तक छह तहसीलों में मिलाकर 640 किसानों का पंजीकरण हुआ है। इसमें से 76 किसानों का सत्यापन हो गया है। पंजीयन बढ़ाने के लिए कृषि विभाग की ओर से करीब 1.75 लाख किसानों को मोबाइल संदेश भेजे गए हैं। इस संदेश में पंजीकरण की वेबसाइट व न्यूनतम समर्थन मूल्य आदि का ब्योरा दिया गया है।
पंजीकरण में रसूलाबाद आगे, मैथा पीछे
कानपुर देहात। गेहूं की सरकारी खरीद के लिए ऑनलाइन पंजीकरण में रसूलाबाद के किसान अव्वल हैं। अब तक हुए पंजीकरण में रसूलाबाद में 207, पुखरायां में 101, अकबरपुर में 89, भोगनीपुर में 104 और मैथा में 35 पंजीकरण हुए हैं। सौ क्विंटल से अधिक गेहूं बेचने के लिए करीब 3 सौ किसानों ने पंजीकरण कराया है। जिला खाद्य विपणन अधिकारी राघवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि पीएफएमएस सत्यापन के लिए 564 किसान का ब्योरा लंबित है। सौ क्विंटल तक गेहूं बेचने वाले किसानों को सत्यापन से मुक्त कर दिया गया है। अब केवल उनके नाम, बैंक ब्योरा आदि का ही मिलान होता है। इससे सत्यापन में तेजी आएगी। सौ क्विंटल से अधिक गेहूं बेचने के लिए पंजीकरण कराने वाले किसानों का खसरा व भूमि आदि का सत्यापन एडीएम वित्त एवं राजस्व कराएंगे।
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गेहूं की सरकारी खरीद के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की अनिवार्यता है। न्यूनतम समर्थन मूल्य 2015 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है। इसी क्रम में सोमवार को जिला खाद्य विपणन अधिकारी राघवेंद्र प्रताप सिंह ने अकबरपुर उपमंडी स्थल स्थित खाद्य विभाग के क्रय केंद्र का निरीक्षण किया। यहां कांटा, नमी मापक यंत्र, बैनर, पेयजल आदि व्यवस्था जांची। उन्होंने क्रय केंद्र प्रभारी लवदीप सोनी को किसानों से संपर्क कर अधिक से अधिक पंजीकरण कराने के निर्देश दिए। यहां रनियां क्रय केंद्र के प्रभारी संजय कुमार भी मौजूद रहे। जिला खाद्य विपणन अधिकारी ने बताया कि ऑनलाइन पंजीकरण बढ़ाने पर जोर है। मौजूदा समय में अब तक छह तहसीलों में मिलाकर 640 किसानों का पंजीकरण हुआ है। इसमें से 76 किसानों का सत्यापन हो गया है। पंजीयन बढ़ाने के लिए कृषि विभाग की ओर से करीब 1.75 लाख किसानों को मोबाइल संदेश भेजे गए हैं। इस संदेश में पंजीकरण की वेबसाइट व न्यूनतम समर्थन मूल्य आदि का ब्योरा दिया गया है।
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पंजीकरण में रसूलाबाद आगे, मैथा पीछे
कानपुर देहात। गेहूं की सरकारी खरीद के लिए ऑनलाइन पंजीकरण में रसूलाबाद के किसान अव्वल हैं। अब तक हुए पंजीकरण में रसूलाबाद में 207, पुखरायां में 101, अकबरपुर में 89, भोगनीपुर में 104 और मैथा में 35 पंजीकरण हुए हैं। सौ क्विंटल से अधिक गेहूं बेचने के लिए करीब 3 सौ किसानों ने पंजीकरण कराया है। जिला खाद्य विपणन अधिकारी राघवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि पीएफएमएस सत्यापन के लिए 564 किसान का ब्योरा लंबित है। सौ क्विंटल तक गेहूं बेचने वाले किसानों को सत्यापन से मुक्त कर दिया गया है। अब केवल उनके नाम, बैंक ब्योरा आदि का ही मिलान होता है। इससे सत्यापन में तेजी आएगी। सौ क्विंटल से अधिक गेहूं बेचने के लिए पंजीकरण कराने वाले किसानों का खसरा व भूमि आदि का सत्यापन एडीएम वित्त एवं राजस्व कराएंगे।
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