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‘रजिस्ट्री नहीं तो सुंदरीकरण भी नहीं’
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर
Updated Sun, 28 Dec 2014 02:11 AM IST
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नवीन मार्केट के दुकानदारों ने रजिस्ट्री किए बिना 60 करोड़ रुपये से सुंदरीकरण की योजना का विरोध करने का एलान कर दिया है। दुकानदारों ने दो टूक कहा है कि वे बिना रजिस्ट्री के सुंदरीकरण नहीं होने देंगे। नगर निगम रजिस्ट्री कर दे तो वे स्वयं सुंदरीकरण करा लेंगे।
शनिवार को सर्किट हाउस में शहरी विकास मंत्रालय के विशेष सचिव दुर्गाशंकर मिश्रा के सामने स्मार्ट सिटी के संबंध में हुई मैराथन बैठकों में केडीए ने नवीन मार्केट के सुंदरीकरण का प्रस्ताव पेश कर इसकी रजिस्ट्री के सालों पुराने विवाद को फिर ताजा कर दिया।
नवीन मार्केट को नगर निगम ने विकसित किया था और रिफ्यूजियों को वहां दुकानें, स्टॉल आवंटित किए थे। मार्केट में बड़ी, छोटी लगभग 300 दुकानें हैं। सौ फ्लैट्स भी हैं।
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इस मार्केट में पार्किंग की विकट समस्या है। नगर निगम ने 2003 में इस मार्केट की 174 छोटी दुकानों (स्टॉलों) के साथ ही दो बड़ी दुकानों की रजिस्ट्री की थी।
उसी साल अन्य दुकानदारों ने रजिस्ट्री के लिए नगर निगम में करीब तीन करोड़ रुपये जमा किए थे, पर रजिस्ट्री आज तक नहीं की गई। नवीन मार्केट शॉपकीपर एसोसिएशन ने रजिस्ट्री के लिए हाईकोर्ट तक गुहार लगाई, पर अभी तक रजिस्ट्री नहीं हुई।
एसोसिएशन ने 27 नवंबर को कमिश्नर मोहम्मद इफ्तिखारुद्दीन की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह मामला उठाया था। कमिश्नर ने 15 दिन में मामले का निस्तारण के निर्देश दिए।
18 दिसंबर को नवीन मार्केट शॉपकीपर एसोसिएशन और कानपुर उद्योग व्यापार मंडल के प्रतिनिधिमंडल ने शहर आए मुख्य सचिव आलोक रंजन को इस संबंध में ज्ञापन भी दिया था।
इसी बीच केडीए ने इस मार्केट के सौंदर्यीकरण की योजना बनाई है। इसके तहत यहां स्ट्रीट लाइटिंग, लैंडस्केप, फर्नीचर आदि के निर्माण के साथ ही 300 चार पहिया और 200 दोपहिया वाहनों की पार्किंग का प्रावधान किया गया है।
बोले जिम्मेदार
जब तक नगर निगम नवीन मार्केट की रजिस्ट्री नहीं करेगा, तब तक यहां कोई सुंदरीकरण कार्य नहीं होने देंगे। मांग पूरी नहीं हुई तो दुकानें बंद कर देंगे।
यदि रजिस्ट्री हो जाए तो 15 - 20 ब्रांडेड कंपनियों के आउटलेट्स बन जाएं, तब हम खुद पैसा खर्च कर सुंदरीकरण करा लेंगे।
दिलीप सिंह, अध्यक्ष नवीन मार्केट शॉपकीपर एसोसिएशन
नवीन मार्केट के मामले में नगर निगम दोहरी नीति अपना रहा है। पहले तो 174 छोटी और दो बड़ी दुकानों की रजिस्ट्री कर दी। उसी आधार पर रजिस्ट्री कराने के लिए अन्य दुकानदारों ने यूको बैंक से लोन लेकर तीन करोड़ रुपये नगर निगम में जमा किए। यदि नगर निगम रजिस्ट्री नहीं करना चाहता तो ब्याज समेत पैसा लौटाए।
कपिल सब्बरवाल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष, कानपुर उद्योग व्यापार मंडल
नवीन मार्केट की जमीन के मालिकाना हक के संबंध में गत माह जिलाधिकारी रोशन जैकब को पत्र लिखा गया है। वहां से अभी जवाब नहीं आया है। जवाब आने के बाद अग्रिम कार्यवाही की जाएगी।
-उमेश प्रताप सिंह, नगर आयुक्त
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शनिवार को सर्किट हाउस में शहरी विकास मंत्रालय के विशेष सचिव दुर्गाशंकर मिश्रा के सामने स्मार्ट सिटी के संबंध में हुई मैराथन बैठकों में केडीए ने नवीन मार्केट के सुंदरीकरण का प्रस्ताव पेश कर इसकी रजिस्ट्री के सालों पुराने विवाद को फिर ताजा कर दिया।
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नवीन मार्केट को नगर निगम ने विकसित किया था और रिफ्यूजियों को वहां दुकानें, स्टॉल आवंटित किए थे। मार्केट में बड़ी, छोटी लगभग 300 दुकानें हैं। सौ फ्लैट्स भी हैं।
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इस मार्केट में पार्किंग की विकट समस्या है। नगर निगम ने 2003 में इस मार्केट की 174 छोटी दुकानों (स्टॉलों) के साथ ही दो बड़ी दुकानों की रजिस्ट्री की थी।
उसी साल अन्य दुकानदारों ने रजिस्ट्री के लिए नगर निगम में करीब तीन करोड़ रुपये जमा किए थे, पर रजिस्ट्री आज तक नहीं की गई। नवीन मार्केट शॉपकीपर एसोसिएशन ने रजिस्ट्री के लिए हाईकोर्ट तक गुहार लगाई, पर अभी तक रजिस्ट्री नहीं हुई।
एसोसिएशन ने 27 नवंबर को कमिश्नर मोहम्मद इफ्तिखारुद्दीन की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह मामला उठाया था। कमिश्नर ने 15 दिन में मामले का निस्तारण के निर्देश दिए।
18 दिसंबर को नवीन मार्केट शॉपकीपर एसोसिएशन और कानपुर उद्योग व्यापार मंडल के प्रतिनिधिमंडल ने शहर आए मुख्य सचिव आलोक रंजन को इस संबंध में ज्ञापन भी दिया था।
इसी बीच केडीए ने इस मार्केट के सौंदर्यीकरण की योजना बनाई है। इसके तहत यहां स्ट्रीट लाइटिंग, लैंडस्केप, फर्नीचर आदि के निर्माण के साथ ही 300 चार पहिया और 200 दोपहिया वाहनों की पार्किंग का प्रावधान किया गया है।
बोले जिम्मेदार
जब तक नगर निगम नवीन मार्केट की रजिस्ट्री नहीं करेगा, तब तक यहां कोई सुंदरीकरण कार्य नहीं होने देंगे। मांग पूरी नहीं हुई तो दुकानें बंद कर देंगे।
यदि रजिस्ट्री हो जाए तो 15 - 20 ब्रांडेड कंपनियों के आउटलेट्स बन जाएं, तब हम खुद पैसा खर्च कर सुंदरीकरण करा लेंगे।
दिलीप सिंह, अध्यक्ष नवीन मार्केट शॉपकीपर एसोसिएशन
नवीन मार्केट के मामले में नगर निगम दोहरी नीति अपना रहा है। पहले तो 174 छोटी और दो बड़ी दुकानों की रजिस्ट्री कर दी। उसी आधार पर रजिस्ट्री कराने के लिए अन्य दुकानदारों ने यूको बैंक से लोन लेकर तीन करोड़ रुपये नगर निगम में जमा किए। यदि नगर निगम रजिस्ट्री नहीं करना चाहता तो ब्याज समेत पैसा लौटाए।
कपिल सब्बरवाल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष, कानपुर उद्योग व्यापार मंडल
नवीन मार्केट की जमीन के मालिकाना हक के संबंध में गत माह जिलाधिकारी रोशन जैकब को पत्र लिखा गया है। वहां से अभी जवाब नहीं आया है। जवाब आने के बाद अग्रिम कार्यवाही की जाएगी।
-उमेश प्रताप सिंह, नगर आयुक्त