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सहकारी समितियों को कराया जाएगा कंप्यूटरीकृत
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सहकारी बैंक में बैठक में मौजूद अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव व अन्य
- फोटो : ETAWHA
इटावा। जिला सहकारी बैंक लिमिटेड की 70 वीं वार्षिक सामान्य निकाय की बैठक का आयोजन किया गया। इसमें तय हुआ कि इटावा और औरैया की सहकारी समितियों का कंप्यूटरीकृत किया जाएगा। बैंक के अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि सहकारिता से किसानों को लाभ होता है।
सामान्य निकाय की बैठक में सचिव कुलदीप सिंह ने बताया कि वर्ष 2018-19 में अनुपूरक बजट 601.87 लाख था। वास्तविक आय 4840.38 रही, जबकि व्यय 4663.23 लाख रहा। उन्होंने कहा कि इस वित्तीय वर्ष में बैंक को 177.15 लाख का लाभ हुआ है। बैठक में उपस्थित जनप्रतिधियों के समक्ष आगामी वर्ष के कार्य कलापों के संबंध में प्रस्तावित किए गए। इसमें इटावा, औरैया की समस्त प्राथमिक सहकारी समितियों को कंप्यूटरीकृत कराया जाना। समस्त समितियों सदस्यों को केसीसी कार्ड उपलब्ध कराया जाना। सीकेवाईसी योजना के अंतर्गत बैंक के समस्त खाता धारकों को जोड़ा जाना। नाबार्ड के सहयोग से जनपद इटावा औरैया में अधिक से अधिक एटीएम मशीन स्थापित करना। बैठक में इन प्रस्तावों को सर्वसम्मति से स्वीकार किया गया।
सहकारी बैंक के अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि बैंकों की स्थिति जो भी हुई है वह किसी से छिपी नहीं है। पूर्वांचल की करीब 25 सहकारी बैंक बंद होने की कगार पर पहुंच गई थीं। इसमें उनके प्रयास से और सरकार की मदद से उन्होंने उन्हें बचाया था। ढाई हजार समितियां बंद होने को थीं। नगद खाद दिलवाने का कार्य उन्होंने किया था। 1964 में सहकारिता आंदोलन चलाया गया था। इस दौरान यह तय किया गया था कि इसमें सरकार का हस्तक्षेप नहीं होगा। आज प्रबंध निदेशक को अधिकार दे दिए गए हैं।
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उन्होंने कहा कि हम लोग सचिव पर कार्रवाई भी नहीं कर सकते हैं। इस बैठक में पूर्व मंत्री भोला सिंह , पूर्व एमएलसी रामनरेश मिनी, पूर्व सांसद रघुराज शाक्य, पूर्व विधायक सुखदेवी वर्मा, भोला सिंह, उपसभापति विश्वनाथ सिंह सेंगर, केपी सिंह चौहान, रामसेवक यादव समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
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सामान्य निकाय की बैठक में सचिव कुलदीप सिंह ने बताया कि वर्ष 2018-19 में अनुपूरक बजट 601.87 लाख था। वास्तविक आय 4840.38 रही, जबकि व्यय 4663.23 लाख रहा। उन्होंने कहा कि इस वित्तीय वर्ष में बैंक को 177.15 लाख का लाभ हुआ है। बैठक में उपस्थित जनप्रतिधियों के समक्ष आगामी वर्ष के कार्य कलापों के संबंध में प्रस्तावित किए गए। इसमें इटावा, औरैया की समस्त प्राथमिक सहकारी समितियों को कंप्यूटरीकृत कराया जाना। समस्त समितियों सदस्यों को केसीसी कार्ड उपलब्ध कराया जाना। सीकेवाईसी योजना के अंतर्गत बैंक के समस्त खाता धारकों को जोड़ा जाना। नाबार्ड के सहयोग से जनपद इटावा औरैया में अधिक से अधिक एटीएम मशीन स्थापित करना। बैठक में इन प्रस्तावों को सर्वसम्मति से स्वीकार किया गया।
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सहकारी बैंक के अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि बैंकों की स्थिति जो भी हुई है वह किसी से छिपी नहीं है। पूर्वांचल की करीब 25 सहकारी बैंक बंद होने की कगार पर पहुंच गई थीं। इसमें उनके प्रयास से और सरकार की मदद से उन्होंने उन्हें बचाया था। ढाई हजार समितियां बंद होने को थीं। नगद खाद दिलवाने का कार्य उन्होंने किया था। 1964 में सहकारिता आंदोलन चलाया गया था। इस दौरान यह तय किया गया था कि इसमें सरकार का हस्तक्षेप नहीं होगा। आज प्रबंध निदेशक को अधिकार दे दिए गए हैं।
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उन्होंने कहा कि हम लोग सचिव पर कार्रवाई भी नहीं कर सकते हैं। इस बैठक में पूर्व मंत्री भोला सिंह , पूर्व एमएलसी रामनरेश मिनी, पूर्व सांसद रघुराज शाक्य, पूर्व विधायक सुखदेवी वर्मा, भोला सिंह, उपसभापति विश्वनाथ सिंह सेंगर, केपी सिंह चौहान, रामसेवक यादव समेत अन्य लोग मौजूद रहे।