{"_id":"69d17556eb961c86580aa853","slug":"medilife-hospital-continued-to-function-for-nine-months-after-being-sealed-kanpur-news-c-362-1-ka11001-144797-2026-04-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kanpur News: सील करने के बाद नौ महीने चलता रहा मेडिलाइफ अस्पताल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kanpur News: सील करने के बाद नौ महीने चलता रहा मेडिलाइफ अस्पताल
विज्ञापन
कानपुर। जिस मेडिलाइफ अस्पताल को स्वास्थ्य विभाग ने पिछले वर्ष अप्रैल में सील कर दिया था, वह जनवरी 2026 तक चलता रहा। पुलिस के मुताबिक दिसंबर में यहां किडनी ट्रांसप्लांट भी अवैध तरीके से किया गया और स्वास्थ्य विभाग सोता रहा। किडनी कांड में नाम आने के बाद शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंची तो अस्पताल बंद मिला। भवन में मकान मालिक का ताला लगा था तो अधिकारी वापस लौट आए।
निजी अस्पताल व नर्सिंग होम के नोडल अधिकारी एसीएमओ डॉ. रमित रस्तोगी ने बताया कि मसवानपुर स्थित मेडिलाइफ अस्पताल का निरीक्षण किया है। ताला खुलवाकर अंदर निरीक्षण किया तो अस्पताल खाली मिला। मकान मालिक व अन्य पड़ोसियों ने बताया कि दो महीने पहले संचालक इसे बंद कर चला गया। वह किराया भी नहीं दे पा रहा था, इसलिए भवन खाली करा लिया। एसीएमओ डॉ. रस्तोगी ने बताया कि मकान मालिक को बोर्ड हटाने के निर्देश दिए हैं। आगे की जांच पुलिस करेगी। उन्होंने बताया कि अप्रैल 2025 में शिकायत पर इस अस्पताल का निरीक्षण किया था। अस्पताल के पास लाइसेंस न होने के चलते उसे सील कर दिया था। आसपास के लोगों का कहना है कि यहां किडनी ट्रांसप्लांट तक किया गया पर अस्पताल का भवन इतना छोटा है कि ठीक तरह से क्लीनिक भी न चल सके। अस्पताल से जुड़ी जानकारी इंटरनेट पर भी पड़ी हुई है और इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग को नहीं पता है।
सोमवार को आहूजा और प्रिया हॉस्पिटल का लाइसेंस होगा कैंसिल
सोमवार को आहूजा और प्रिया अस्पताल का लाइसेंस कैंसिल हो सकता है। एसीएमओ डॉ. रमित रस्तोगी ने बताया कि आहूजा और प्रिया अस्पताल का लाइसेंस पहले ही सस्पेंड किया जा चुका है। इसके अलावा नोटिस देकर अस्पताल बंद रखने और स्पष्टीकरण देने के लिए भी पांच दिन का समय दिया गया था। पांच दिन पूरे हो गए हैं। अब सोमवार सुबह अस्पताल का लाइसेंस कैंसल करने के साथ आगे सील करने की कार्रवाई भी की जाएगी। सीएमओ नेमी ने कहा कि शनिवार को टीम भेजकर दोनों अस्पतालों को इलाज करने से मना किया गया है। दोनों अस्पतालों को इसलिए सील नहीं कर रहे हैं ताकि पुलिस कार्यवाही में बाधा न आए।
विज्ञापन
विज्ञापन
निजी अस्पताल व नर्सिंग होम के नोडल अधिकारी एसीएमओ डॉ. रमित रस्तोगी ने बताया कि मसवानपुर स्थित मेडिलाइफ अस्पताल का निरीक्षण किया है। ताला खुलवाकर अंदर निरीक्षण किया तो अस्पताल खाली मिला। मकान मालिक व अन्य पड़ोसियों ने बताया कि दो महीने पहले संचालक इसे बंद कर चला गया। वह किराया भी नहीं दे पा रहा था, इसलिए भवन खाली करा लिया। एसीएमओ डॉ. रस्तोगी ने बताया कि मकान मालिक को बोर्ड हटाने के निर्देश दिए हैं। आगे की जांच पुलिस करेगी। उन्होंने बताया कि अप्रैल 2025 में शिकायत पर इस अस्पताल का निरीक्षण किया था। अस्पताल के पास लाइसेंस न होने के चलते उसे सील कर दिया था। आसपास के लोगों का कहना है कि यहां किडनी ट्रांसप्लांट तक किया गया पर अस्पताल का भवन इतना छोटा है कि ठीक तरह से क्लीनिक भी न चल सके। अस्पताल से जुड़ी जानकारी इंटरनेट पर भी पड़ी हुई है और इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग को नहीं पता है।
विज्ञापन
सोमवार को आहूजा और प्रिया हॉस्पिटल का लाइसेंस होगा कैंसिल
सोमवार को आहूजा और प्रिया अस्पताल का लाइसेंस कैंसिल हो सकता है। एसीएमओ डॉ. रमित रस्तोगी ने बताया कि आहूजा और प्रिया अस्पताल का लाइसेंस पहले ही सस्पेंड किया जा चुका है। इसके अलावा नोटिस देकर अस्पताल बंद रखने और स्पष्टीकरण देने के लिए भी पांच दिन का समय दिया गया था। पांच दिन पूरे हो गए हैं। अब सोमवार सुबह अस्पताल का लाइसेंस कैंसल करने के साथ आगे सील करने की कार्रवाई भी की जाएगी। सीएमओ नेमी ने कहा कि शनिवार को टीम भेजकर दोनों अस्पतालों को इलाज करने से मना किया गया है। दोनों अस्पतालों को इसलिए सील नहीं कर रहे हैं ताकि पुलिस कार्यवाही में बाधा न आए।
विज्ञापन