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प्राचार्य ने अज्ञात के खिलाफ दी तहरीर, सुरक्षा मांगी
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डा. आरती लाल चंदानी
कानपुर। जमातियों के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी संबंधी वीडियो वायरल होने के मामले में जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज की प्रिंसिपल ने अज्ञात के खिलाफ तहरीर दी है। तहरीर डीआईजी के अलावा एसपी क्राइम, साइबर सेल प्रभारी और स्वरूपनगर थानाध्यक्ष को दी गई है। दावा है कि उनका वायरल किया गया वीडियो फेक है, जिसके जरिये उनको रंगदारी के लिए ब्लैकमेल किया जा रहा था। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
दो दिन पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें जीएसवीएम की प्रिंसिपल डॉ. आरती लाल चंदानी जमातियों को आतंकी समेत अन्य आपत्तिजनक बातें कहते सुनाई दे रही हैं। वीडियो वायरल होने के बाद हड़कंप मच गया था। बुधवार को प्रिंसिपल ने माफी भी मांगी लेकिन शासन ने उनका यहां से ट्रांसफर कर दिया। इसके बाद उन्होंने डीआईजी अनंत देव समेत अन्य पुलिस अफसरों को तहरीर दी। जिसमें लिखा है कि चार मिनट 52 मिनट का एक फेक वीडियो जो काफी पुराना है उसे रंगदारी और ब्लैकमेल करने के लिए वायरल किया गया है। ये स्टिंग वीडियो है। उन्होंने कहा कि जिन पत्रकारों की वीडियो में आवाज सुनाई दे रही है, उनको दोषी मानते हुए कार्रवाई की जाए। डीआईजी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। जो तथ्य सामने आएंगे, उस आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. आरती लालचंदानी ने पुलिस सुरक्षा भी मांगी है। उन्होंने वीडियो वायरल करने वालों से अपने को खतरा बताया यह है। उन्होंने यह भी बताया कि वर्ष 2017 में वीडियो वायरल करने वाले व्यक्ति के खिलाफ केंद्रीय मंत्री के ट्वीट करने पर बलात्कार का मुकदमा भी दर्ज हुआ था। इसके अलावा उन्होंने एक और व्यक्ति से खतरे की आशंका जताई है। मेडिकल कालेज कैंपस से अतिक्रमण हटाए जाने के बाद प्राचार्य का उक्त व्यक्ति से विवाद हो गया था।
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दो दिन पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें जीएसवीएम की प्रिंसिपल डॉ. आरती लाल चंदानी जमातियों को आतंकी समेत अन्य आपत्तिजनक बातें कहते सुनाई दे रही हैं। वीडियो वायरल होने के बाद हड़कंप मच गया था। बुधवार को प्रिंसिपल ने माफी भी मांगी लेकिन शासन ने उनका यहां से ट्रांसफर कर दिया। इसके बाद उन्होंने डीआईजी अनंत देव समेत अन्य पुलिस अफसरों को तहरीर दी। जिसमें लिखा है कि चार मिनट 52 मिनट का एक फेक वीडियो जो काफी पुराना है उसे रंगदारी और ब्लैकमेल करने के लिए वायरल किया गया है। ये स्टिंग वीडियो है। उन्होंने कहा कि जिन पत्रकारों की वीडियो में आवाज सुनाई दे रही है, उनको दोषी मानते हुए कार्रवाई की जाए। डीआईजी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। जो तथ्य सामने आएंगे, उस आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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डॉ. आरती लालचंदानी ने पुलिस सुरक्षा भी मांगी है। उन्होंने वीडियो वायरल करने वालों से अपने को खतरा बताया यह है। उन्होंने यह भी बताया कि वर्ष 2017 में वीडियो वायरल करने वाले व्यक्ति के खिलाफ केंद्रीय मंत्री के ट्वीट करने पर बलात्कार का मुकदमा भी दर्ज हुआ था। इसके अलावा उन्होंने एक और व्यक्ति से खतरे की आशंका जताई है। मेडिकल कालेज कैंपस से अतिक्रमण हटाए जाने के बाद प्राचार्य का उक्त व्यक्ति से विवाद हो गया था।
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