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बंद हो मंदिर-मस्जिद पर सियासत, सुप्रीम कोर्ट का फैसला सबको मानना चाहिए- यासूब अब्बास
Thu, 17 Oct 2019 01:02 PM IST
शिखा पांडेय
यूपी डेस्क, अमर उजाला, हरदोई
यूपी डेस्क, अमर उजाला, हरदोई
Published by: शिखा पांडेय
Updated Thu, 17 Oct 2019 01:02 PM IST
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मौलाना यासूब अब्बास
- फोटो : अमर उजाला
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हरदोई के पिहानी शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के प्रवक्ता मौलाना यासूब अब्बास ने बुधवार को महमूद गांव में मौलाना अकबर अली के आवास पर आयोजित मजलिस में भाग लिया। इसके पहले उन्होंने अमर उजाला से बात की। कहा कि मंदिर-मस्जिद पर सियासत बंद होनी चाहिए।
इस मसले ने कितने इंसानों की जिंदगी बर्बाद कर दी। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का फैसला बाबरी मस्जिद के हक में आने की उम्मीद जताई है। शिया धर्मगुरु मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि यह सिर्फ राजनीति है। वरना कितनी ही मस्जिदों में अजान नहीं हो रही और कितने मंदिरों में घंटे नहीं बजते हैं।
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इस मसले ने कितने इंसानों की जिंदगी बर्बाद कर दी। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का फैसला बाबरी मस्जिद के हक में आने की उम्मीद जताई है। शिया धर्मगुरु मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि यह सिर्फ राजनीति है। वरना कितनी ही मस्जिदों में अजान नहीं हो रही और कितने मंदिरों में घंटे नहीं बजते हैं।
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हमें उनकी फिक्र करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला सबको मानना चाहिए। उन्होंने मुस्लिम मसलों, बाबरी मस्जिद, समान नागरिकता और शरीयत के मामलों पर कहा कि हम आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड और मुस्लिमों के साथ हैं।
हमें हुकूमत से कोई परेशानी नहीं है, वैसे भी हम कर्बला वाले परेशानियों में घिर कर और मजबूत होते हैं। कश्मीर के हालात पर कहा कि हम दुआ करते हैं, वहां हालात बेहतर हों और वहां की जनता विकास की मुख्य धारा में शामिल हो। कहा कि उनके व्यक्तिगत संबंध सभी पार्टियों और उनसे जुड़े नेताओं से हैं, लेकिन अब तक वह किसी भी पार्टी के सदस्य नहीं बने हैं। इस मौके पर नवाब कल्बे अब्बास औरंगाबाद, मौलाना इजहार हुसैन, मौलाना सादिर अली, मौलाना कैसर जौनपुरी व मौलाना कौसर हुसैन आदि मौजूद रहे।
हमें हुकूमत से कोई परेशानी नहीं है, वैसे भी हम कर्बला वाले परेशानियों में घिर कर और मजबूत होते हैं। कश्मीर के हालात पर कहा कि हम दुआ करते हैं, वहां हालात बेहतर हों और वहां की जनता विकास की मुख्य धारा में शामिल हो। कहा कि उनके व्यक्तिगत संबंध सभी पार्टियों और उनसे जुड़े नेताओं से हैं, लेकिन अब तक वह किसी भी पार्टी के सदस्य नहीं बने हैं। इस मौके पर नवाब कल्बे अब्बास औरंगाबाद, मौलाना इजहार हुसैन, मौलाना सादिर अली, मौलाना कैसर जौनपुरी व मौलाना कौसर हुसैन आदि मौजूद रहे।