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शादी अनुदान योजना फर्जीवाड़ा: अपात्रों को लाभ दिलाने में एसीएम व नायब तहसीलदारों समेत 36 पर कार्रवाई
Thu, 08 Jul 2021 12:01 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Thu, 08 Jul 2021 12:01 PM IST
सार
समाज कल्याण, अल्पसंख्यक व पिछड़ा वर्ग विभाग की पारिवारिक लाभ, शादी अनुदान योजना में 2533 अपात्रों को फर्जी तरीके से लाभ पहुंचाया गया था। करीब सात करोड़ 27 लाख रुपये का अनुदान जांच अधिकारियों की मिलीभगत से लुटाया गया।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
कानपुर में शादी अनुदान और पारिवारिक लाभ योजना में फर्जीवाड़े के मामले में जिलाधिकारी आलोक तिवारी ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई की। उन्होंने 19 लेखपालों को निलंबित करने और आठ कानूनगो के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए एसडीएम सदर दीपक पाल को आदेश दिया है।
इसी तरह एसीएम अमित गुप्ता, नायब तहसीलदार अरसला नाज व विराग करवरिया, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी वर्षा अग्रवाल, उपनिदेशक प्रियंका अवस्थी, उपनिदेशक अल्पसंख्यक कल्याण, पटल सहायक नीरज अग्रवाल, पिछड़ा वर्ग के उपनिदेशक अजीत प्रताप सिंह, लाल मणि मौर्य और लेखाकार संजय पांडेय के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने के लिए शासन को पत्र लिखा है।
समाज कल्याण, अल्पसंख्यक व पिछड़ा वर्ग विभाग की पारिवारिक लाभ, शादी अनुदान योजना में 2533 अपात्रों को फर्जी तरीके से लाभ पहुंचाया गया था। करीब सात करोड़ 27 लाख रुपये का अनुदान जांच अधिकारियों की मिलीभगत से लुटाया गया।
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अपात्रों के आवेदन पत्रों की जांच में सत्यापन अधिकारी से लेकर रिपोर्ट लगाने वाले अधिकारी दोषी पाए गए थे। एसडीएम सदर दीपक पाल ने आवेदन पत्रों की जांच में दोषी मिले अधिकारियों के नाम जिलाधिकारी आलोक तिवारी को भेजे थे। जांच रिपोर्ट देखने के बाद जिलाधिकारी ने एसडीएम सदर को लेखपालों को निलंबित करने का आदेश जारी किया।
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इसी तरह एसीएम अमित गुप्ता, नायब तहसीलदार अरसला नाज व विराग करवरिया, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी वर्षा अग्रवाल, उपनिदेशक प्रियंका अवस्थी, उपनिदेशक अल्पसंख्यक कल्याण, पटल सहायक नीरज अग्रवाल, पिछड़ा वर्ग के उपनिदेशक अजीत प्रताप सिंह, लाल मणि मौर्य और लेखाकार संजय पांडेय के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने के लिए शासन को पत्र लिखा है।
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समाज कल्याण, अल्पसंख्यक व पिछड़ा वर्ग विभाग की पारिवारिक लाभ, शादी अनुदान योजना में 2533 अपात्रों को फर्जी तरीके से लाभ पहुंचाया गया था। करीब सात करोड़ 27 लाख रुपये का अनुदान जांच अधिकारियों की मिलीभगत से लुटाया गया।
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अपात्रों के आवेदन पत्रों की जांच में सत्यापन अधिकारी से लेकर रिपोर्ट लगाने वाले अधिकारी दोषी पाए गए थे। एसडीएम सदर दीपक पाल ने आवेदन पत्रों की जांच में दोषी मिले अधिकारियों के नाम जिलाधिकारी आलोक तिवारी को भेजे थे। जांच रिपोर्ट देखने के बाद जिलाधिकारी ने एसडीएम सदर को लेखपालों को निलंबित करने का आदेश जारी किया।
पांच हो चुके निलंबित
जिलाधिकारी आलोक तिवारी के आदेश पर दो लेखपाल, एक कानूनगो, एक लेखाकार, एक पटल सहायिका को पहले ही निलंबित किया जा चुका है।
इन अधिकारियों पर होगी विभागीय कार्रवाई
अमित गुप्ता वर्तमान में एसीएम-2 हैं, लेकिन जब ये फर्जीवाड़ा हुआ तब ये तहसीलदार सदर हुआ करते थे। इन पर तत्कालीन तहसीलदार के तौर पर कार्रवाई हो रही है। अरसला नाज वर्तमान में हरदोई में नायब तहसीलदार के पद पर तैनात हैं, फर्जीवाड़े के समय ये सदर तहसील में नायब तहसीलदार थीं। विराग करवरिया वर्तमान में नायब तहसीलदार सदर हैं। उस समय भी सदर तहसील में तैनात थे।
ये लेखपाल होंगे निलंबित
हर नारायन दुबे, अश्विनी कुमार, आलोक कुमार, स्नेहंस शुक्ल, नीतू त्रिपाठी, हरीशंकर विश्वकर्मा, पीयूष सिंह, आशीष यादव, प्रीति दीक्षित, सुशील कुमार, अजय कुशवाहा, सुजीत कुशवाहा, गुलाब सिंह, देवेंद्र बाजपेई, प्रमोद कुमार श्रीवास्तव, दिलीप सचान, धर्मपाल, अरविंद तिवारी, राम खिलावन भारती।
इन कानूनगो पर होगी अनुशासनात्मक कार्रवाई
रश्मि सिंह, राजकिशोर खरे, यशवंत सिंह, धीरज त्रिपाठी, राकेश कुमार, अजय प्रकाश यादव, आस्था पांडेय, सत्य प्रकाश वर्मा।
जिलाधिकारी आलोक तिवारी के आदेश पर दो लेखपाल, एक कानूनगो, एक लेखाकार, एक पटल सहायिका को पहले ही निलंबित किया जा चुका है।
इन अधिकारियों पर होगी विभागीय कार्रवाई
अमित गुप्ता वर्तमान में एसीएम-2 हैं, लेकिन जब ये फर्जीवाड़ा हुआ तब ये तहसीलदार सदर हुआ करते थे। इन पर तत्कालीन तहसीलदार के तौर पर कार्रवाई हो रही है। अरसला नाज वर्तमान में हरदोई में नायब तहसीलदार के पद पर तैनात हैं, फर्जीवाड़े के समय ये सदर तहसील में नायब तहसीलदार थीं। विराग करवरिया वर्तमान में नायब तहसीलदार सदर हैं। उस समय भी सदर तहसील में तैनात थे।
ये लेखपाल होंगे निलंबित
हर नारायन दुबे, अश्विनी कुमार, आलोक कुमार, स्नेहंस शुक्ल, नीतू त्रिपाठी, हरीशंकर विश्वकर्मा, पीयूष सिंह, आशीष यादव, प्रीति दीक्षित, सुशील कुमार, अजय कुशवाहा, सुजीत कुशवाहा, गुलाब सिंह, देवेंद्र बाजपेई, प्रमोद कुमार श्रीवास्तव, दिलीप सचान, धर्मपाल, अरविंद तिवारी, राम खिलावन भारती।
इन कानूनगो पर होगी अनुशासनात्मक कार्रवाई
रश्मि सिंह, राजकिशोर खरे, यशवंत सिंह, धीरज त्रिपाठी, राकेश कुमार, अजय प्रकाश यादव, आस्था पांडेय, सत्य प्रकाश वर्मा।
शादी अनुदान व पारिवारिक लाभ योजना में अपात्रों को लाभ दिए जाने के मामले की जांच कई लोग दोषी पाए गए थे। कुछ पर पहले कार्रवाई की जा चुकी थी। कुछ पर अब हुई है। भविष्य में किसी भी योजना में अनियमितता पाई गई तो इसी तरह की कार्रवाई होगी। - आलोक तिवारी, जिलाधिकारी