बांगरमऊ के प्रेमगंज मोहल्ला, गांव चकमीरापुर, नसिरापुर और किरमिदियापुर में एचआईवी का कहर नवयुवकों की शादी में बाधा बन रहा है। एचआईवी के खौफ से अब यहां शादी के लिए रिश्ते नहीं आ रहे हैं। जो लोग लड़के या लड़की के लिए रिश्ते लेकर पहुंचते भी हैं वह एचआईवी की जानकारी होते ही कदम खींच लेते हैं।
एचआईवी रोगियों की संख्या बढ़ने पर नवयुवकों की नहीं हो रही शादी
चकमीरापुर गांव में एचआईवी ने एक साल में दंपति समेत तीन लोगों की जान ले ली। बांगरमऊ के चकमीरापुर में पांच साल पूर्व एचआईवी का पहला मरीज मिला था। पांच सालों में धीरे धीरे एक दर्जन से अधिक लोग एचआईवी की गिरफ्त में आ गए। जबकि तीन लोगों की मौत हो गई। गांव में बड़ी संख्या में एचआईवी पीड़ित मरीजों के मिलने के बाद गांव सुर्खियों में आ गया।
तीन साल से नहीं हुई गांव में किसी युवक की शादी
इससे अब इस गांव के लड़कों से अपनी बेटी की शादी कराने से लोग कतराने लगे हैं। आस पास के गांव के लोग यहां लड़के या लड़कियों से शादी नहीं करना चाहते। ग्रामीणों के अनुसार पिछले तीन सालों से गांव में किसी भी युवक की शादी नहीं हुई है। शादी के लिए आने वाले लोग एचआईवी की जानकारी होते ही बिना रिश्ता तय किए वापस लौट जाते हैं।
बांगरमऊ के चकमीरापुर, नसिरापुर व किरमिदियापुर में एचआईवी का कहर
चकमीरापुर के अलावा नसिरापुर और किरमिदियापुर में भी कुछ ऐसा ही हाल है। एचआईवी से पीड़ित मरीजों की संख्या इन गांव में भी अधिक है। यह दोनों गांव भी लगातार सुर्खियों में हैं। ग्रामीणों के अनुसार लड़कों के साथ ही लड़कियों की शादी करना भी मुश्किल हो गया है। एचआईवी की आशंका युवाओं के मन में भी बैठ गई है।
एचआईवी से चकमीरापुर में दंपति समेत हो चुकी हैं तीन की मौत
ऐसे में हसनगंज व जिला अस्पताल के आईसीटीसी सेंटर में बांगरमऊ के युवा बड़ी संख्या में एचआईवी की जांच कराने पहुंच रहे हैं। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार बांगरमऊ में लगाए गए स्वास्थ्य शिविर में सबसे अधिक युवाओं ने ही जांच कराई थी।