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राष्ट्रपति की अगवानी में सैकड़ों पेड़ कुर्बान: एचबीटीयू के वेस्ट कैंपस में हेलीपैड बनाने के लिए काटे गए पेड़, एक अजगर भी कटा
Tue, 23 Nov 2021 09:28 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर
अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 23 Nov 2021 09:28 AM IST
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कानपुर में हरकोर्ट बटलर टेक्निकल यूनिवर्सिटी (एचबीटीयू) के वेस्ट कैंपस में राष्ट्रपति के अगवानी के लिए सैकड़ों हरेभरे पेड़ों को काट दिया गया। इसकी चपेट में कई वन्यजीव भी आए। कई सांप जंगल छोड़कर भागे तो एक मोटे अजगर पर पेड़ों को काटते वक्त आरा चल गया।
25 नवंबर को विवि के वेस्ट कैंपस में आयोजित होने वाले समारोह में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद शिरकत करेंगे। उनके लिए हेलीपैड भी यहीं बनाया जा रहा है। हेलीपैड बनने के लिए कैंपस के कई पेड़ों को काट दिया गया।
हालांकि, संस्थान चाहता तो ईस्ट कैंपस में पहले से ही बने हेलीपैड पर विचार कर सकता था। लेकिन, दूरी का हवाला देते हुए संस्थान ने जोखिम उठाना उचित नहीं समझा। इसी वजह से सैकड़ों पेड़ों की बलि दे दी गई।
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संस्थान के अधिकारियों का कहना है कि पेड़ों को काटने की अनुमति वन विभाग से ले ली गई थी। वहीं, सूत्रों ने बताया कि जंगल होने की वजह से वहां सांप और अजगर काफी संख्या में थे। पेड़ों का कटान होते समय कई सांप इधर-उधर भागे। इस बीच एक अजगर कट भी गया।
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25 नवंबर को विवि के वेस्ट कैंपस में आयोजित होने वाले समारोह में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद शिरकत करेंगे। उनके लिए हेलीपैड भी यहीं बनाया जा रहा है। हेलीपैड बनने के लिए कैंपस के कई पेड़ों को काट दिया गया।
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हालांकि, संस्थान चाहता तो ईस्ट कैंपस में पहले से ही बने हेलीपैड पर विचार कर सकता था। लेकिन, दूरी का हवाला देते हुए संस्थान ने जोखिम उठाना उचित नहीं समझा। इसी वजह से सैकड़ों पेड़ों की बलि दे दी गई।
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संस्थान के अधिकारियों का कहना है कि पेड़ों को काटने की अनुमति वन विभाग से ले ली गई थी। वहीं, सूत्रों ने बताया कि जंगल होने की वजह से वहां सांप और अजगर काफी संख्या में थे। पेड़ों का कटान होते समय कई सांप इधर-उधर भागे। इस बीच एक अजगर कट भी गया।
एचबीटीयू में बिलायती बबूल काटा गया है। यह पेड़ संरक्षित श्रेणी में नहीं आता। साथ ही शहरी क्षेत्र में इस पेड़ को लगाने के लिए अनुमति भी नहीं होती है। न ही इसे काटने की कोई अनुमति ली जाती है। इससे पर्यावरण संरक्षण में भी किसी तरह का सहयोग नहीं मिलता।
- अरविंद यादव, डीएफओ
- अरविंद यादव, डीएफओ