{"_id":"80fb9d6c4f0853b6ecc6428d2416db42","slug":"manisha-got-bail-release-possible-today-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मनीषा को जमानत, आज रिहाई संभव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मनीषा को जमानत, आज रिहाई संभव
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 23 Jun 2015 02:12 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शहर के बहुचर्चित ज्योति मर्डर केस में अभियुक्त मनीषा मखीजा को सोमवार को जिला एवं सत्र न्यायालय से फर्जी सिम मामले में भी जमानत मिल गई। मनीषा को पचास-पचास हजार रुपये के दो बेल बांडों पर जमानत दी गई है। जेल में बंद मनीषा मंगलवार को रिहा हो सकती है। उसे हत्या के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से पहले ही जमानत मिल चुकी है। इसी मामले में एक आरोपी गजेंद्र को भी पहले जमानत मिल चुकी है।
मनीषा मखीजा की जमानत अर्जी 11 जून 2015 को जिला जज अरुण कुमार गुप्ता की अदालत में लगाई गई थी। इस पर सोमवार को सुनवाई हुई। बहस के दौरान मनीषा के अधिवक्ता कमलेश पाठक ने कहा कि इसी मामले के एक आरोपी गजेंद्र को जमानत मिल चुकी है, लिहाजा मनीषा को भी जमानत मिलनी चाहिए।
इसका अभियोजन के अधिवक्ता ने विरोध किया और कहा कि फर्जी कागजात तैयार कर सिम लिया गया, फिर उसका इस्तेमाल अपराध में किया गया, इसलिए मनीषा को जमानत नहीं दी जानी चाहिए। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद मनीषा को जमानत देने का फैसला सुनाया। अदालत का फैसला देर शाम आया, इसलिए जिला जेल नहीं पहुंच सका। मनीषा को जमानत मिलने का आदेश मंगलवार को जिला जेल पहुंच सकता है, इसलिए मनीषा मंगलवार को रिहा की जा सकती है। मनीषा लगभग 11 महीने से जेल में है। दूसरी तरफ ज्योति के पिता शंकर नागदेव ने मनीषा मखीजा को जमानत देने का विरोध किया है। उन्होंने कहा है कि मामले को ऊपरी अदालत में चुनौती दी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
मनीषा मखीजा की जमानत अर्जी 11 जून 2015 को जिला जज अरुण कुमार गुप्ता की अदालत में लगाई गई थी। इस पर सोमवार को सुनवाई हुई। बहस के दौरान मनीषा के अधिवक्ता कमलेश पाठक ने कहा कि इसी मामले के एक आरोपी गजेंद्र को जमानत मिल चुकी है, लिहाजा मनीषा को भी जमानत मिलनी चाहिए।
विज्ञापन
इसका अभियोजन के अधिवक्ता ने विरोध किया और कहा कि फर्जी कागजात तैयार कर सिम लिया गया, फिर उसका इस्तेमाल अपराध में किया गया, इसलिए मनीषा को जमानत नहीं दी जानी चाहिए। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद मनीषा को जमानत देने का फैसला सुनाया। अदालत का फैसला देर शाम आया, इसलिए जिला जेल नहीं पहुंच सका। मनीषा को जमानत मिलने का आदेश मंगलवार को जिला जेल पहुंच सकता है, इसलिए मनीषा मंगलवार को रिहा की जा सकती है। मनीषा लगभग 11 महीने से जेल में है। दूसरी तरफ ज्योति के पिता शंकर नागदेव ने मनीषा मखीजा को जमानत देने का विरोध किया है। उन्होंने कहा है कि मामले को ऊपरी अदालत में चुनौती दी जाएगी।
विज्ञापन