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चार बीघा जमीन के लिए बेटे ने पिता की निर्मम हत्या कर बक्से में छिपाया था शव, अब मिली सजा
Tue, 30 Apr 2019 08:17 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, औरैया
यूपी डेस्क, अमर उजाला, औरैया
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Tue, 30 Apr 2019 08:17 PM IST
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पिता की हत्या के बाद मिली उम्रकैद की सजा
औरैया में चार बीघा जमीन की लालच में वृद्ध पिता की हत्या कर शव बड़े बक्से में छिपा देने में दोषी पुत्र को जनपद न्यायाधीश सुशील कुमार ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। एक लाख दस हजार रुपये अर्थदंड भी दिया है। मामला एरवाकटरा थाना क्षेत्र के गाजीपुर का है। 24 जनवरी 2016 को रामप्रकाश पुत्र जयलाल जाटव ने रिपोर्ट लिखाई कि 23 जनवरी की रात उसकी भाभी कमला देवी पत्नी बाबूराम घर आई थीं।
उन्होंने बताया कि पुत्र मुन्ना लाल व उसकी पत्नी सरिता देवी तुम्हारे भाई बाबूराम (75) के नाम चार बीघा जमीन को अपने नाम रजिस्ट्री कराने को लेकर झगड़ा-फसाद कर रहे हैं। इस पर वह 24 जनवरी को भाई बाबूराम के घर पहुंचा। देखा कि भतीजा और उसकी पत्नी कहीं जा रहे थे। उसने भतीजे मुन्ना लाल से बाबूराम के विषय में पूछा तो मुन्ना लाल ने कहा कि वह कहीं चले गए हैं, शाम तक आ जाएंगे।
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उन्होंने बताया कि पुत्र मुन्ना लाल व उसकी पत्नी सरिता देवी तुम्हारे भाई बाबूराम (75) के नाम चार बीघा जमीन को अपने नाम रजिस्ट्री कराने को लेकर झगड़ा-फसाद कर रहे हैं। इस पर वह 24 जनवरी को भाई बाबूराम के घर पहुंचा। देखा कि भतीजा और उसकी पत्नी कहीं जा रहे थे। उसने भतीजे मुन्ना लाल से बाबूराम के विषय में पूछा तो मुन्ना लाल ने कहा कि वह कहीं चले गए हैं, शाम तक आ जाएंगे।
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डंडे से पीट पीट कर बेरहमी से की थी पिता की हत्या
इस पर उसको तसल्ली नहीं हुई तो वह घर के अंदर घुसा। बरामदे में चारपाई पर पड़ी दरी खून से सनी हुई थी। इस पर उसके भाई सोते थे। आंगन के अंदर रखे बड़े बक्से को खोलकर देखा तो उसमें भाई का शव था। आरोप लगाया कि भतीजे व उसकी पत्नी ने डंडे से पीटकर उसके भाई की हत्या कर दी थी।
रामप्रकाश ने बताया था कि उसके भाई ने पहली पत्नी की मौत के बाद कमला देवी से दूसरी शादी की थी और आरोपी कमला देवी का बेटा था। धारा 302/34, 201 का यह मामला चार्जशीट के बाद मुन्ना लाल व सरिता देवी के विरुद्ध जनपद न्यायालय सुशील कुमार की अदालत में चला।
अभियोजन की ओर से डीजीसी अभिषेक मिश्रा व एडीजीसी रमेश चंद्र मिश्रा व बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद जनपद न्यायाधीश ने सह अभियुक्त सरिता देवी को दोषमुक्त कर दिया। पिता की जमीन की लालच में हत्या के दोषी मुन्ना लाल को आजीवन कारावास व एक लाख दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा दी। कोर्ट ने अर्थदंड में से 70 फीसदी राशि बतौर प्रतिकर मृतक के भाई को अदा करने का आदेश दिया।
रामप्रकाश ने बताया था कि उसके भाई ने पहली पत्नी की मौत के बाद कमला देवी से दूसरी शादी की थी और आरोपी कमला देवी का बेटा था। धारा 302/34, 201 का यह मामला चार्जशीट के बाद मुन्ना लाल व सरिता देवी के विरुद्ध जनपद न्यायालय सुशील कुमार की अदालत में चला।
अभियोजन की ओर से डीजीसी अभिषेक मिश्रा व एडीजीसी रमेश चंद्र मिश्रा व बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद जनपद न्यायाधीश ने सह अभियुक्त सरिता देवी को दोषमुक्त कर दिया। पिता की जमीन की लालच में हत्या के दोषी मुन्ना लाल को आजीवन कारावास व एक लाख दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा दी। कोर्ट ने अर्थदंड में से 70 फीसदी राशि बतौर प्रतिकर मृतक के भाई को अदा करने का आदेश दिया।