फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Etawah News ›   Mainpuri By-Election: SP wins Jaswantnagar, record broken

Mainpuri By-Election: जसवंतनगर ने भर दी सपा की झोली, 2019 के मुकाबले 39,000 मतों से डिंपल यादव रहीं आगे

Thu, 08 Dec 2022 10:38 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इटावा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इटावा Published by: शिखा पांडेय Updated Thu, 08 Dec 2022 10:38 PM IST
सार

जसवंतनगर में समाजवादी पार्टी प्रत्याशी पर इस कदर वोट बरसे कि 2019 के मुकाबले डिंपल यादव को करीब 39000 ज्यादा मत मिले। 2019 में मैनपुरी लोकसभा सीट से डिंपल यादव के ससुर मुलायम सिंह यादव ने चुनाव लड़ा था।

विज्ञापन
Mainpuri By-Election: SP wins Jaswantnagar, record broken
डिंपल यादव और अखिलेश - फोटो : ट्विटर

विस्तार

मैनपुरी लोकसभा क्षेत्र में आने वाली जसवंतनगर विधानसभा सीट के मतदाताओं ने सपा की वोटों से झोली भर दी। मतों की ऐसी बारिश हुई कि दूसरे प्रत्याशी आसपास ठहर नहीं सके। सभी 36 राउंड में भाजपा प्रत्याशी पीछे ही रहे। हाल यह हुआ कि सपा प्रत्याशी डिंपल यादव ने अकेले जसवंतनगर क्षेत्र से एक लाख से ज्यादा मतों की लीड ले ली। इसी के साथ पिछले चुनाव का रिकॉर्ड भी टूट गया।

विज्ञापन


पिछले चुनाव में इस सीट से सपा को 67,000 की बढ़त मिली थी। पांच दिसंबर को मैनपुरी लोकसभा उपचुनाव के लिए मतदान हुआ था। सपा से डिंपल यादव और भाजपा से रघुराज सिंह शाक्य के अलावा चार और प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे। सुबह आठ बजे से शहर के दुग्ध प्रौद्योगिकी महाविद्यालय में ईवीएम खुलीं और मतों की गिनती शुरू हुई तो सपा प्रत्याशी कहीं आगे जाते दिखीं। पहले ही राउंड में डिंपल यादव ने रघुराज सिंह शाक्य से 1783 मतों से बढ़त बना ली। इसके बाद यह मतों का अंतर बढ़ता ही गया।

विज्ञापन

18 वें राउंड तक डिंपल यादव 50 हजार से ज्यादा मतों की बढ़त ले चुकी थीं। कोई भी राउंड ऐसे नहीं रहा, जिसमें भाजपा प्रत्याशी इस अंतर को कम करते हुए दिखे हों। दोपहर करीब एक बजे जब 36वें राउंड की गिनती पूरी हुई तो डिंपल यादव को एक लाख छह हजार 497 मतों की बढ़त जसवंतनगर सीट पर मिल चुकी थी। यहीं से सपा की जीत तय मानी जाने लगी। जसवंतनगर में समाजवादी पार्टी प्रत्याशी पर इस कदर वोट बरसे कि 2019 के मुकाबले डिंपल यादव को करीब 39000 ज्यादा मत मिले। 2019 में मैनपुरी लोकसभा सीट से डिंपल यादव के ससुर मुलायम सिंह यादव ने चुनाव लड़ा था। तब उन्होंने यहां से करीब 67,000 मतों की बढ़त ली थी।  

जैसे-जैसे बढ़ी बढ़त, सपाइयों का बढ़ता गया जोश
सुबह आठ बजे से जैसे-जैसे परिणाम सामने आना शुरू हुए और बढ़त मिलना शुरू हुई सपाइयों का जोश भी बढ़ता गया। सुबह 10 बजते-बजते सपाइयों ने जीत तय मान ली और एक-दूसरे को बधाई देने लगे। वहीं, दूसरी ओर सपा के मत बढ़ते देख भाजपाई कहीं नजर नहीं आए। घर में बैठे-बैठे फोन पर मीडिया कर्मियों और अन्य से परिणाम की जानकारी लेते रहे। 

सपा को मिले रिकॉर्ड 72.81 फीसदी मत
जसवंतनगर विधानसभा क्षेत्र के कुल 483 बूथों पर पांच दिसंबर को हुए मतदान में 57.99 फीसदी वोटिंग हुई थी। कुल दो लाख 26 हजार 476 वोट पड़े थे। गुरुवार को हुई मतगणना में समाजवादी पार्टी को एक लाख 64 हजार 916 मत मिले। प्रतिशत 72.81 रहा। भाजपा को 58419 मत मिले। प्रतिशत की बात करें तो यह 25.79 फीसदी रहा। परिणाम बताते हैं कि जसवंतनगर की जनता पर भाजपा का जादू नहीं चल पाया। डिप्टी सीएम की जनसभा का भी असर नहीं दिखा।

भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच हुई मतगणना
जिला प्रशासन ने मतगणना के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम कर रखे थे। दुग्ध प्रौद्योगिकी महाविद्यालय से करीब 200 मीटर पहले से बैरिकेडिंग की गई थी। मीडिया और कर्मियों को गेट नंबर दो से प्रवेश दिया गया। मतों की जिस हॉल में गिनती हो रही थी, वहां कार्मिकों और अधिकारियों के अलावा पार्टी एजेंटों को ही प्रवेश दिया गया। एजेंटों के मोबाइल बाहर गेट पर ही जमा करा लिए गए। कई थानों की फोर्स के अलावा, पीएसी, पैरामिलिट्री फोर्स को लगाया गया था।

विज्ञापन

चार प्रत्याशियों से ज्यादा वोट नोटा को मिले 
मैनपुरी लोकसभा उपचुनाव में मैदान में उतरे छह में से चार प्रत्याशी ऐसे रहे जिन्हें जसवंतनगर विधानसभा में नोटा से भी कम मत मिले। ये इन चारों प्रत्याशियों में से किसी को भी एक हजार वोट तक नहीं मिले। समाजवादी पार्टी से डिंपल यादव और भाजपा से रघुराज सिंह शाक्य के अलावा भारतीय कृषक दल से प्रमोद कुमार यादव, राष्ट्रीय शोषित पार्टी से भुपेंद्र कुमार धनगर व निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर सुरेश चंद्र और सुषमा देवी मैदान में थीं।

इनमें प्रमोद कुमार यादव को कुल 795, भूपेंद्र कुमार धनगर को 325, सुरेश चंद्र को 349 और सुषमा देवी को 455 मत मिले। जबकि नोटा के हिस्से में 1217 मत आए। भूपेंद्र कुमार धनगर, सुरेश चंद्र और सुषमा देवी के मिले मतों का यदि योग करें तो यह 1129 होता है। यानी इन तीनों प्रत्याशियों के कुल मतों से ज्यादा नोटा को लोगों ने पसंद किया। इन चारों प्रत्याशियों को करारी हार का सामना करना पड़ा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed